रोटी, लिबास और मकानों से कट गए।
हम सीधे सादे लोग सयानों से कट गए।
पटवारी, साहूकार, मवेशी, ज़मीनदार
खूराक मिल गई तो किसानों से कट गए।
~सर्वत एम ज़माल
(Pic:Social Media)
जो समाचार माध्यम सूचना की जगह नफ़रत फैलाने का प्रयास करे, साम्प्रदायिक अलाव जलाने में अपना हित साधने की कोशिश करें, क्या सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं कि उस पर प्रतिबंध लगा कर उसके कर्ता धर्ताओं को कारागार की राह दिखा दे!