मोदी के चहेते ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में अपनी मनमर्जी चला रहे हैं।
👉 इस बारे में खुद दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार शिकायत की है।
▪️ शिकायत में साफ कहा गया कि दोनों चुनाव आयुक्त - सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी नहीं दी जाती। उनसे सलाह नहीं ली जाती। उनसे बिना पूछे या बताए हुए फैसले लिए जा रहे हैं।
▪️ ये 14 शिकायतें मुख्य तौर से - SIR, फॉर्म 6 में बदलाव, नए वोटर का रजिस्ट्रेशन, वोटर लिस्ट से नाम हटाना और जोड़ना, नाम बहाल करने के आदेशों के खिलाफ अपील, वोटर लिस्ट की सुरक्षा और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर है।
इन शिकायतों से साफ होता है कि तीन सदस्यों वाले चुनाव आयोग में सिर्फ ज्ञानेश कुमार की चल रही है।
ज्ञानेश अपने बॉस मोदी की तरह तानाशाही कर रहे हैं और मोदी को खुश करने के लिए 'वोट चोरी' का काम कर रहे हैं।
हम पहले भी कहते आए हैं - मोदी ने चुनाव आयोग पर कब्जा कर रखा है। ज्ञानेश कुमार मोदी के हाथ की कठपुतली है। इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट से ये बात साबित होती है।
मोदी और ज्ञानेश ने मिलकर देश के लोकतंत्र को बहुत नुकसान पहुंचाया है।
लेकिन ये बात याद रखना - वक्त आने पर सबका हिसाब होगा, जवाबदेही तय होगी। इस अपराध की सजा जरूर मिलेगी।
🎯चुनाव आयोग के अंदर किसकी मनमर्जी चल रही है?
🎯दो चुनाव आयुक्तों ने नियम पालन न होने की शिकायत क्यों की?
🎯नए वोटर जोड़ने की प्रक्रिया में कैसे अड़चन पैदा की गई?
🎯फ़ॉर्म 6 के मामले में सरकार की शक्तियों को ठेंगा क्यों दिखाया गया?
🎯आयोग के जिन अधिकारियों को वोटर जोड़ने और हटाने का हक़ है, उनके हाथ क्यों बांध दिए गए?
🎯देशभर के वोटरों के डेटा को दिल्ली से कंट्रोल करने का चलन क्यों शुरू किया गया?
🎯क्यों 10 महीनों में कम से कम 14 बार और एक ही दिन में चार बार आपत्ति दर्ज करनी पड़ी?
🎯आपत्तियों के बाद फैसले कैसे ले लिए गए?
🎯और ऐसी नौबत क्यों आई कि चुनाव आयुक्तों के कैबिनेट सेक्रेटरी से शिकायत करनी पड़ी?
जानिए इन सभी सवालों के जवाब. हमारी इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में. वीडियो देखने के लिए आएं इंडियन एक्सप्रेस हिंदी के यूट्यूब चैनल पर.
झटका मटन खाने के शौकीन गिरिराज सिंह, KFC स्टोर का उद्घाटन कर रहे हैं। वह भी बेगूसराय के हर-हर महादेव चौक पर।
KFC की दुनिया भर की दुकानों में सिर्फ हलाल मीट सर्व किया जा सकता है।
अब सवाल बस इतना है झटका मटन के शौकीन गिरिराज सिंह और KFC के हलाल मीट का यह कैसा मेल है?
नेशनल टीवी पर बैठकर अंजना ओम कश्यप ने यूट्यूब के शिक्षकों को दो कौड़ी का बताकर उनका मज़ाक उड़ाया था लेकिन आज वही देश के दो कौड़ी वाले शिक्षकों ने सत्ता और उनके दरबारी पत्रकारों को उनकी असली औकात दिखा दी है ,
बिहार जब बाढ़ से जूझ रहा था , बिहार के लोग बाढ़ के पानी के डर से अपने घरों की छतो पर भूखे प्यासे रह रहे थे तब खान सर अपनी टीम और राहत सामग्री लेकर घर घर पहुंचा रहे थे , ताकि बिहार के लोग भूखे ना सोये , असम में भी बाढ़ में हज़ारों परिवार बेघर हो गए थे तब अलख पांडेय ने ज़मीन पर उतरकर हज़ारों ज़रूरतमंद लोगो की मदद की ,
लेकिन भाजपा , RSS , बजरंग दल से जुड़े लोगो ने मदद के नाम पर कुछ नहीं किया , पंजाब में बाढ़ आयी , असम में बाढ़ आयी , बिहार में बाढ़ आयी लेकिन भाजपा ने 2 राज्यों में सरकार होते हुए कोई ख़ास मदद नहीं की , जमीयत उलेमा ऐ हिंद और AIUDF के मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने भी असम के लोगो के लिये बहुत कुछ किया ,
असल बात तो ये है कि जब बिहार और असम में बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हो रहे थे तब भाजपा की डबल इंजन की सरकारें सिर्फ कागजी वादों और हवाई दौरों में व्यस्त थीं , सरकार के लिये ये शर्म की बात है कि जिन नागरिकों की सुरक्षा और राहत की जिम्मेदारी भाजपा की थी वहां की जनता को राहत पहुंचाने के लिये खान सर को बिहार में और अलख पांडेय को असम में अपनी जेब से पैसा लगाकर उतरना पड़ा ,
जो लोग कल तक खान सर को गालियां दे रहे थे वो अब दिखाई नहीं दे रहे हैं,
कहा है विपिन मुखिया जो रोज एक Expose वीडियो बना कर मिलियन में व्यूज लेता था,
कोई कुछ भी कह ले लेकिन खान सर जैसा कोई नहीं हैं, हीरा आदमी हैं।
पैसा इतना है कि आराम से लग्जरी लाइफ जी सकते हैं लेकिन बिहार के लोगों के लिए चार दिन से लगातार गांव गांव भटक रहे हैं,
हालत इतनी खराब हैं कि बेचारे नाव पर ही आराम करना पड़ रहा हैं, बिसलेरी पीने वाला आज लोटे से भी पानी पी ले रहा हैं, सिर्फ बिहार की जनता के लिए।
फिर भी कुछ लोग इन्हें बाहरी बताकर बिहार से निकालने की बात कर रहे थे।
सोशल मीडिया पर खान सर का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वो Woki Toki से अपनी टीम से बात कर रहे हैं.
खान सर कह रहे हैं अंधेरा होने जा रहा है इसलिए राहत सामग्री बांटना बंद कर दिया जाए. राहत सामग्री कल बाटी जाएगी,
अंधेरे में राहत सामग्री बांटने से बाढ़ के पानी में छोटे बच्चे डूब सकते हैं.
खान सर 5 दिनों से बाढ़ पीड़ितों को नाव से गांव गांव जाकर राहत सामग्री बाट रहे हैं. खान सर रोज एक करोड़ रुपए से ज्यादा की राहत सामग्री पीड़ितों को बाट रहे हैं.
खान सर पढ़ाना, कमाना और लौटाना यानी Pay Back to Society करना जानते हैं. बिहार में खान सर जैसे 100 लोग हो जाएं तो बिहार की किस्मत बदल जाएगी.
गोविल साहब मुद्दा बिना जाने ही tweet कर दिया! PM की स्वर्गीय माँ से इस video का कोई link नहीं है!
वैसे भी ये प्रोग्राम uncripted होता है - comedian है!
PM साहब की नक़ल कर रहा है! आपकी पार्टी हनुमान जी का कभी पतंग बनाकर कभी नचाकर अपमान करती है!
भगवान श्री राम के मंदिर में चंदा चोरी पे आप खामोश रहे जबकि राम को राम से उमीदें थी 💔
सबलोग कन्हैया के पीछे पड़े हैं।
* कन्हैया ने कभी कोई संगठन नहीं खड़ा किया, फिर उन्हें NSUI का इंचार्ज क्यों बनाया गया?
*कन्हैया AISF से जुड़े थे फिर NSUI का इंचार्ज क्या किसी पुराने NSUI वाले को नहीं बनाना चाहिए था?
*कन्हैया ने कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर बेगूसराय से बढ़िया चुनाव लड़ा था, फिर उन्हें उस दिल्ली नार्थ ईस्ट से क्यों लड़ाया हुआ, जहाँ का उन्हें कोई अनुभव नहीं था?
*कन्हैया सीधे छात्र राजनीति से आए थे, अचानक उन्हें इतना बड़ा नेता क्यों बनाया गया? क्या NSUI के किसी युवा को यह महत्त्व दिया गया है?
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दिक़्क़त कन्हैया की नहीं है, कांग्रेस नेतृत्व की है।
सोचिएगा
बीजेपी के मीडिया विभाग और रणनीतिकार अगर समझदार होंगे तो इस विडियो पर प्रतिक्रिया नहीं देंगे।अन्यथा ये बात दूर तक चली जाएगी।राहुल गांधी की टीम तो यही चाहती हैं कि बीजेपी इसका मुद्दा बनाए…