चुनाव आयोग में एक मुख्य चुनाव आयुक्त और दो सदस्य होते हैं, जो मिलकर या तो सर्वसम्मति से फैसला लेते हैं या बहुमत से। लेकिन ज्ञानेश कुमार अकेले चुनाव आयोग चला रहे हैं और अफसरों को अपने मनमुताबिक आदेश दे रहे हैं।
बाकी दोनों चुनाव आयुक्तों ने बार-बार मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर कहा कि चुनाव आयोग के अप्रूवल के बिना आदेश जारी किए जा रहे हैं।
बिना चुनाव आयोग के अप्रूवल के जितने भी आदेश जारी किए गए हैं, वे सब गैरकानूनी हैं। पूरा SIR का प्रोसेस गैरकानूनी है। हम मांग करते हैं पूरा SIR का प्रोसेस तुरंत रद्द होना चाहिए।
चुनाव होने तक ये अराजक तत्व यो ही किसी न किसी सरकारी अधिकारी कोबलि का बकरा बनाएंगे और सरकार को बंधनाम करने के एक से एक तरीके ढूंढ कर लायेंगे।
इनको विपक्ष का साथ जो मिल रहा है।
In UP's Bijnor, Sudip Kumar Sharma, an electricity department junior engineer, was brutally assaulted by locals after he unearthed power theft at a residence where one cable was used to power multiple collections including shops.
राहुल गांधी और चमचों और कांग्रेसीयों के लिए शॉकिंग न्यूज...👇
🌹आज सुप्रीमकोर्ट में वीर सावरकर को "माफ़ी वीर" कहने के मानहानि केस में जज ने कहा ,कि अगर सिर्फ़ चिट्ठियों के आधार पर ये कहा जा रहा है कि वीर सावरकर "माफ़ी वीर" हैं। तो जज साहब ने मोहनदास करमचंद गांधी के ब्रिटिश लॉर्ड और वायसराय को लिखे 12 खत दिखाते हुए राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा कि क्या आपके क्लाइंट राहुल गांधी को पता है ,कि मोहनदास करमचंद गांधी ब्रिटिश वायसराय को लिखे हर खत के नीचे
आपका वफ़ादार सेवक
लिखते थे और अंग्रेजों से हर महीने ₹.1200 सैलरी लेते थे..
तो क्या मोहनदास करमचंद गांधी को अंग्रेजों का सेवक माना जाएगा और फिर ये गांधी भी देश का गद्दार है..
ये सुनकर वकील मनु सिंघवी चुप हो गए..
अगर ये 12 चिट्ठियां सच हैं, तो गांधी पक्का गद्दार थे, अंग्रेजों के एजेंट थे..
अब ये मामला कोर्ट से भी सर्टिफाइड हो गया है कि सावरकर माफी वीर नहीं थे बल्कि कांग्रेस के बापू मोहन दास करमचंद गांधी ,उर्फ भारत बंटवारे के सूत्रधार, अंग्रेजों के चमचे और गुलाम थे।
अब शायद कांग्रेस के चमचों को शर्म आए और वे चुल्लू भर पानी में डूब के मर जाए या माफी मांगे।
अब ये अधिकारियों, संवैधानिक संस्थानों पे बैठे अधिकारियों का डर धमका कर pm बनना चाहता है।
आजकल सभी पार्टी के नेता अधिकारियों को डरने में लगे है।
ये लोग चाहते है के सभी सरकारी अधिकारी काम करना बंद करदे और देश में अराजकता फैले।
देशवासियों को ऐसे लोगों से सावधान रहना है।
“ मैं ये बात बहुत seriously बोल रहा हूँ … ये Treason है
Election Commission में जो भी ये काम कर रहे है आपको हम छोड़ेंगे नहीं… क्योंकि आप हिंदुस्तान के ख़िलाफ़ काम कर रहे हो
आप याद रखिए आप कहीं भी हो- retired हो- कुछ भी हो हम आपको ढूँढ के निकालेंगे”
~ नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी
( August 2025)
Rahul गांधी खुला बीजेपी को वोट देने वालों को और प्रशासन को धमकी दे रहे हैं।
सनातनी हिंदु कभी धमकी से ना ही डरा है और न ही डरेगा ।
और एक बात सता धमकियों से नहीं मिलती उसके लिए धरातल पे काम करना होता है ,
आप अपना रोडमैप बताइए अगर सत्ता में आए तो क्या करेंगे जिससे देश उन्नति करे।
🚨 कृपया मदद करें 🙏
निधि पांडेय (13 वर्ष) और अनन्या पांडेय (9 वर्ष) 18 सितंबर से जंघई बाजार, प्रयागराज से लापता हैं।
परिवार उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहा है।
🙏 आपकी एक शेयर की गई पोस्ट इन बच्चियों को घर तक पहुंचाने में मदद कर सकती है।
कृपया इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
मणिपुर के इम्फाल की सड़कों पर हजारों की संख्या में महिला इक्ट्ठा हो कर उन्नीस सौ इक्यामान को आधार वर्ष मानते हुए एनआरसी की मांग कर रही हैं |
एनआरसी लागू करने की यह मांग उसी मणिपुर में हो रही है जिस मणिपुर को विपक्षी पार्टी आज तक भाजपा के विरोध में दिखाने की साबित कर रही थी |
लेकिन अब जब मणिपुर की हजारों महिलाओं ने इंफाल की सड़कों पर उतर कर एनआरसी की मांग करी तो समर्थन तो दूर विपक्षी तत्वों ने मीडिया हाउस से यह भी नहीं पूछा कि आंदोलन किस कारण हो रहा है |
खैर मणिपुर की महिलाओं ने तो एनआरसी लागू करवाने के समर्थन में मोर्चा खोल दिया | लेकिन अब हम सोशल मीडिया रिप्रेजेंटेटिव्स की जिम्मेदारी है इस आंदोलन को इंटरनेशनल लेवल पर दिखाने की |
👉कांग्रेस के 5 दुश्मन
हिंदू-मोदी-योगी-भारत-RSS
👉और पाकिस्तान के 5 दुश्मन
हिंदू-मोदी-योगी-भारत-RSS
जिस दिन कांग्रेसी चमचे कांग्रेस-पाकिस्तान का ये भाईचारा समझ जाएंगे, उस दिन चमचे भी अंधभक्त बन जाएंगे।
क्यों चमचों सही बोला ना?
चमचों घर वापसी पर आपका स्वागत है!
जय श्री राम 🚩
पिछले 4साल से क्या टिकट ब्लैक के धंधे में आप को लगा रखा था आदत से जो मजबूर हो दूसरों को दोष देने में।
दिल्ली में भी यही हाल था और अब पंजाब में भी शुरू हो गए।
IIT Bombay के छात्र अपने साथी साहिल वाकोड़े के लिए न्याय मांगते हुए सड़कों पर हैं, और Mumbai Youth Congress इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है।
साहिल के परिवार ने जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। इन सवालों को दबाया नहीं जा सकता।
देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक में अगर छात्रों को न्याय, सम्मान और सुरक्षित campus के लिए आंदोलन करना पड़े, तो सवाल सिर्फ एक घटना का नहीं, पूरे institutional system की जवाबदेही का है।
हमारी मांग है कि निष्पक्ष जांच हो। सच सामने आए। जिम्मेदारी तय हो।
दूसरों पर कीचड़ उछालने चले थे, खुद ही सन गए!
2.5 लाख की टंकी का घोटाला उजागर करने वाले 'कॉकरोच' यह पढ़ना भूल गए कि 4 मई 2023 को राजस्थान में कांग्रेस की ही सरकार थी।
जिनके इशारो पर वीडियो बना रहे थे, गलती से उन्हें ही बेनकाब कर बैठे 😂
इन सीजेपी वाले को सालों को जेल में डालो नहीं तो ये समाज में अराजकता फैला देंगी.
ये अपनी आपको हर संस्था से ऊपर समझने लगे है.
इस तराह तो सभी संस्थाएं और अधिकारी अपना काम करना बंद कर देंगे।
अभिजीत दिपके का बयान
आईआईटी बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामले में ये कह रहे हैं कि नकल नहीं हुई, बस “गलती” हुई। प्रोफेसर को परीक्षा खत्म होने तक इंतजार करना चाहिए था।
बीच परीक्षा में पकड़ना और क्लास के सामने शर्मिंदा करना गलत था। इसलिए प्रोफेसर और डायरेक्टर को 10 साल जेल हो, परिवार को 3 करोड़ मुआवजा मिले।
नहीं तो CJP यूनिवर्सिटी के सामने प्रदर्शन करेगा
अब सवाल ये है —
परीक्षा में मोबाइल निकालकर पेपर ChatGPT पर डालना गलती है या नकल?
अगर प्रोफेसर नकल पकड़े तो वो खलनायक है?
अगर संस्थान नियमों के मुताबिक कार्रवाई करे तो डायरेक्टर को जेल होनी चाहिए?
एक तरफ जेएनयू में प्रोफेसर पर 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोप, दूसरी तरफ आईआईटी में प्रोफेसर नकल रोक रहा है।
देखिए कौन सा मामला ज्यादा गुस्सा पैदा कर रहा है और किसके खिलाफ जेल-मुआवजे की मांग हो रही है।
नकल पकड़ना अपराध नहीं है।
नकल को “गलती” बताकर शिक्षक के लिए जेल मांगना, शिक्षा व्यवस्था के साथ मजाक है।
मैडम बस इतना बता दो
1947 में मुस्लिम देश अलग बना नफरत का बीज किसने बोया।
कश्मीर से हिंदुओं मारकर भगाया गया घाटी को हिंदू विहीन कर दिया गया नफरत का बीज किसने बोया ।
पाकिस्तान में सिया सुनी हो रहा है वहां नफरत बीज किसने बोया ।
सीरिया दंगों की आग में जल गया नफरत का बीज किसने बोया।
हिंदू मुस्लिम में जो नफ़रत का बीज बोया गया है, नेताओं के द्वारा उसका परिणाम ये है.... बरेली की ये घटना आबिद अली और उनके पड़ोसियों मे मनमुटाव हुआ होगा, लेकिन देख रहे हो पड़ोसी पूरा परिवार मिलकर कैसे आबिद अली को पीट रहे हैं...
माननीय जज साहिब सीध सीधा बोलो ना महिला पब्लिक प्रॉपर्टी है उसका साथ कोई कुछ भी करे अपराध नहीं होगा।
क्या ऐतिहासिक फैसला है ।एक तरह किसी को जातीसूचक शब्द बोलने भर से जेल हो जाती है और आप बोल रहे है महिला से जबरदस्ती करना भी अपराध नहीं है।