रेलवे NTPC भर्ती में पदों की कटौती: युवाओं के सपनों पर गहरी चोट!
2019 में 35,281 पदों पर भर्ती की घोषणा
2024 में केवल 11,558 पदों पर भर्ती!
23,723 पदों की कटौती!
यह कटौती युवाओं के रोजगार के सपनों को तोड़ रही है!
5 साल तक इंतजार करने के बाद युवाओं को केवल कुछ हजार पदों पर सीमित कर देना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है!
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@HansrajMeena@INCIndia@INCMP@RahulGandhi@digvijaya_28@OfficeOfKNath@KotwalMeena@sanjaygupta1304
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रेलवे में रिक्त पद= 3 लाख+
NTPC गैजुएट =8113
NTPC इंटर लेवल= 3445
कुल पदों पर भर्ती= 11588
👉 रेलवे में बेरोजगारों की संख्या 2 करोड़+
ये सिर्फ युवाओं को लॉलीपॉप दिया जा रहा है
भारतीय रेलवे में रिक्त पदों की संख्या को देखते हुए उम्मीदवारों की निराशा स्वाभाविक है। करोड़ों उम्मीदवार वर्षों से रेलवे की भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं, और 2019 में जहाँ 35,000 से अधिक पदों की भर्ती हुई थी, वहीं 2024 में केवल 11,500 पदों का विज्ञापन किया गया है। यह संख्या निश्चित रूप से अपेक्षाओं से कम है, जिससे उम्मीदवारों में निराशा का माहौल है....
ज्यादा से ज्यादा Retweet करे ताकि बात ऊपर तक पहुँचे.. 🔥
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@AshwiniVaishnaw@RahulGandhi
#Increase_NTPC_Vacancy#रेलवे_में_3_लाख_पद_खाली_पड़े 👇
#NTPC 12 level व ग्रेजुएशन लेवल में वैकेंसी बढ़ाने को लेकर आज रविवार 9 बजे से ट्विटर कैंपेन है।
3445 वैकेंसी, कम से कम 1 करोड़ फार्म भरे जाएंगे।।
2019 से भर्ती नहीं आई है। अब ऊंट के मुंह में जीरा जैसा दिया...
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@AshwiniVaishnaw@PMOIndia@narendramodi
Total vacant Posts in Railways: Above 3 Lakhs
NTPC 2019 Vacancy: 35.2k
NTPC 2024 Vacancy: 11.5k
Railway Aspirants: In Crores
पाँच साल बाद वेकेंसी आई, वो भी "ऊंट के मुंह में जीरा"..😔
@AshwiniVaishnaw जी, कृप्या संज्ञान में लें और ALP की तरह इसकी वेकेंसी बढ़ाएं।
#Retweet 🙏🖤
2018 के आंकड़े बता रहे हैं कि हर साल कम से कम 250 ट्रैकमैन अपनी जान गंवा देते थे। ये व्यवस्था राहुल गांधी के बाप दादों की सरकार से चली आ रही थी। लेकिन 14 साल तक राहुल गांधी पता नहीं क्या खा पीकर सोता रहा।
2018 में मोदी सरकार ने इसका संज्ञान लिया और उनको specific protection gear जैसे कि.... luminous vests, safety helmets with detachable miner's light, safety shoes, tricolor LED 3-cell torch, sturdy lightweight backpack tool kit bag, winter jacket, raincoat with separate waterproof trouser and snow boots. #और 'Rakshak' type protection system about approaching trains and providing warning hooters दिए गए। परिणामस्वरूप ट्रैकमैनों की मौतें घटकर प्रतिवर्ष मात्र 82 हो गईं हैं। यानि उनमें 67% की कमी आ चुकी है।
यहां इतना उल्लेख आवश्यक है कि 1947 से 2014 तक राहुल गांधी के बाप दादों की भी 40 साल तक सरकारें थीं, तब ट्रैकमैनों को वो कोई सुरक्षा उपकरण नहीं दिया जाता था जो ट्रैकमैनों को अब दिया जाता है।
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi ने ट्रैकमैन भाइयों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
ट्रैकमैन रेलवे की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, पर इनके लिए सिस्टम में ‘न प्रमोशन है, न इमोशन’।
हम इनके जीवन को सरल व सुरक्षित बनाकर ही रेलवे सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकते हैं।
रेलवे को गतिशील और सुरक्षित बनाए रखने वाले ट्रैकमैन भाइयों के लिए सिस्टम में ‘न कोई प्रमोशन है, न ही इमोशन’।
भारतीय रेल कर्मचारियों में ट्रैकमैन सबसे ज्यादा उपेक्षित हैं, उनसे मिल कर उनकी समस्याओं और चुनौतियों को समझने का मौका मिला।
ट्रैकमैन 35 किलो औजार उठाकर रोज 8-10 कि.मी. पैदल चलते हैं। उनकी नौकरी ट्रैक पर ही शुरू होती है और वो ट्रैक से ही रिटायर हो जाते हैं । जिस विभागीय परीक्षा को पास कर दूसरे कर्मचारी बेहतर पदों पर जाते हैं, उस परीक्षा में ट्रैकमैन को बैठने भी नहीं दिया जाता।
ट्रैकमैन भाइयों ने बताया कि हर साल करीब 550 ट्रैकमैन काम के दौरान दुर्घटना का शिकार होकर जान गंवा देते हैं, क्योंकि उनकी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
विपरीत परिस्थितियों में बिना बुनियादी सुविधाओं के दिन-रात कड़ी मेहनत करने वाले ट्रैकमैन भाइयों की इन प्रमुख मांगों को हर हाल में सुना जाना चाहिए।
1. काम के दौरान हर ट्रैकमैन को ‘रक्षक यंत्र’ मिले, जिससे ट्रैक पर ट्रेन आने की सूचना उन्हें समय से मिल सके।
2. ट्रैकमैन को विभागीय परीक्षा (LDCE)के जरिए तरक्की का अवसर मिले।
ट्रैकमैन की तपस्या से ही करोड़ों देशवासियों की सुरक्षित रेल यात्रा पूरी होती है, हमें उनकी सुरक्षा और तरक्की दोनो सुनिश्चित करनी ही होगी।
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी ने ट्रैकमैन भाइयों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
ट्रैकमैन रेलवे की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, पर इनके लिए सिस्टम में ‘न प्रमोशन है, न इमोशन’
Railways to provide 'Rakshak', a personal safety device to trackmen, along with boots, gloves, raincoats, winter jackets & toolkit. The device will alert them of the approaching trains, thereby enhancing their safety.
https://t.co/4jN8aH7gJY
भारतीय रेल को चलाते रहना और उसको सुरक्षित बनाए रखने में ट्रैकमैन भाइयों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है।
दुख की बात है रेल कर्मचारियों में ट्रैकमैन सबसे ज्यादा उपेक्षित हैं, उनसे मिल कर उनकी समस्याओं और चुनौतियों को समझने का मौका मिला।
: नेता विपक्ष @RahulGandhi जी