राष्ट्रपति महोदया,
19 साल की अंकिता भंडारी ने एक VIP के लिए अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई। चार साल बाद भी CBI की धीमी जांच के चलते यह सवाल बना हुआ है कि वो VIP कौन था।
अंकिता के परिवार समेत कई लोग मानते हैं कि दुष्यंत गौतम इस मामले से जुड़े हुए हैं। ऐसे में उनकी सिक्किम के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति से मैं स्तब्ध हूं। राज्यपाल के पद पर रहते हुए उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही नहीं हो सकती।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति की सलाह देकर प्रधानमंत्री मोदी ने साबित किया है कि महिलाओं की सुरक्षा की उन्हें बिल्कुल परवाह ही नहीं है।
मैं आपसे अपील करता हूं कि सरकार को इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को पदभार न देने की सलाह दें।
अंकिता के माता-पिता की न्याय की उम्मीद मत टूटने दीजिए।
सुबह के 4 बजे। जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया।
उनका गुनाह? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे - बोझिल कंधों के साथ, बिना किसी हंगामे के और सिर्फ़ इतना माँग रहे थे कि CBI जाँच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए।
कल मैं और प्रियंका इन माता-पिता से मिले थे।
जिस जाँच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की जल्दी और सवाल पूछने वाले माँ-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया।
इस सरकार की पहचान यही है: पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो।
पर न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी।
कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी - जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।
#JusticeForAnkitaBhandari
मैं महामहिम राष्ट्रपति से विनती करता हूं कि जब तक CBI की जांच पूरी न हो जाए, तब तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल के तौर पर नियुक्त न किया जाए।
BJP नेता दुष्यंत गौतम को CBI बचाने की कोशिश क्यों कर रही है?
: अंकिता भंडारी के पिता
दिल्ली पुलिस की इस बर्बरता, निर्दयता व असवेंदनशीलता को देखिए👇
वोट चोरी के खिलाफ आवाज़ उठाने वाली NSUI की छात्राओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है - गला दबाने, चेहरे पर खरोंचने और जूते पहनकर लात मारने और छात्राओं के साथ गूंडो जैसा बर्ताव किया जा रहा हैं । यह हत्या के प्रयास से कम नहीं है।
क्या अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज़ उठाना अपराध है? क्या देश की बेटियों के साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार्य है?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन का मार्च
🗓️ 12-10-2026
📍बाराखंभा रोड, नई दिल्ली
Video: Abhinav Saha, Indian Express
दिल्ली में बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव ( @raghvendra_rao ) जब प्रोटेस्ट की रिपोर्टिंग कर रहे थे, तब दिल्ली पुलिस ने दखल देने की कोशिश की.
दिल्ली के कई इलाक़ों से ऐसी रिपोर्ट सामने आई हैं कि पत्रकारों को उनका काम करने से रोका जा रहा है.
दिल्ली प्रदर्शन से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट देखें: https://t.co/Pj12wcqadS
ये वीडियो सोशल मीडिया से प्राप्त हुई है देखकर थोड़ा विचलित हो गया हूं क्या इतनी सस्ती हो गई है सरकारी वर्दी सवाल उठता है इतनी बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की यूनिफॉर्म किसके लिए जा रही है
सालों से झूठ परोस रहे पत्रकारों का detention होना था - दुर्भाग्य कि देश की चिंता में सड़कों पर उतरे पत्रकारों को detain किया जा रहा है!
असली दोषी तो AC studio में अभी भी जनता का उपहास और सरकार की तरफदारी कर रहे है!!
हे प्रभु ये कैसी लीला है? @god
@DChaurasia2312 तो आपके पापा को कुछ थोड़ी बोला है जो इतनी मिर्ची लग रही है
प्रधान मंत्री से सवाल पूछेगी जनता,इससे इतना गुस्सा क्यू , क्या वो ही आपके पापा है?