@Kavimeena123 C सुकड़ी होगा क्योंकि भूरिया बाबा पोसालिया गांव सिरोही मेला के समय गंगा रूप में दर्शन देती है अतः मीणा समाज गंगा रूप में पूजा अर्चना करती है ✨
जोजरीनदी के केमिकल के बहाव क्षेत्र में लोगों को गॉंव खाली करने के आदेश जारी किए गए हैं।
गॉंव के ये लोग कहां जायेगे😭 पहली बार ऐसा हो रहा है कि सरकार फैक्ट्री वालों के विकास के लिए लोगों को गॉंवों से बेदख़ल कर रही है।यहां के नेताओं ओर फैक्ट्री मालिकों ने योजना बनाकर ये सब किया जै रहा है कि जोधपुर बालोतरा हाइवे के दोनों ओर की जमीन को बंजर करके इन ग्रामीणों को मजबूर करना है यहां से पलायन के लिए ताकि वें औने पौने दामों में ख़रीद सके।क्योंकि रिफाइनरी लगने से ये हाइवे औद्योगिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।ये सरासर अत्याचार हो रहा है।@BhajanlalBjp@Arunamrarammla@gssjodhpur@narendramodi@RajCMO@JogarampatelMLA
औधोगिक रसायनों के बहाव से गांव खाली करने का फरमान जारी हुआ है और @Sanjay4India1 जी कह रहे थे कि यहां जमीन बंजर होने की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है @RSPCB_official@CPCB_OFFICIAL
@thardesertphoto श्रवण जी द्वारा सैकड़ों पोस्ट की गई पर लोकतंत होने के बावजूद भी उनको उचित रिप्लाई नहीं मिल सका , राजनीतिक रोटियां सेकने वाले भ्रष्ट तंत्र के शिकार नेताओं के वजह से आज लूणी के आसपास के क्षेत्र में न जाने कितने वन्यजीव सहित सामाजिक प्राणी शिकार हुए है!
कल रात से उपराष्ट्रपति जी के इस्तीफ़े के बाद से लगातार राजस्थान वालो के सूत्र को देखकर "सूत्र " नाम से भी भेड़िए वाली कहानी लिंक हो सकती है ।
ढब जाओ रे गेल्यां......
#vicepresident#JagdeepDhankhar#newvp
यह फ़ोटो मुझे बहुत विचलित कर रही है
उन्हें मैं जानता नहीं था, फिर भी लगता है जैसे अपना ही कोई था।
तीन नन्हे चेहरे…
जो आसमान की ओर चले तो थे उम्मीदों के पंख लगाए,
मगर लौटकर फिर कभी ज़मीन को छू न सके।
हर बार जब उन मासूम तस्वीरों को देखता हूँ,
एक टीस सी उठती है दिल में —
जैसे वक़्त ने कुछ बहुत अनमोल छीन लिया हो।
वो नन्ही मुस्कानें,
जो शायद दुनिया बदल सकती थीं,
अब बस तस्वीरों में कैद हैं —
एक ऐसी ख़ुशी की झलक बनकर, जो कभी लौट नहीं पाएगी।
काश ये बस छुट्टियों की एक पुरानी फोटो होती,
काश ये चेहरे अभी भी हमारे दरम्यान हँसते,
काश नियति इतनी बेरहम न होती…काश..........................
धीरसिंह धाभाई
#ahamdabadplanecrash
जहाँ ज़मीन बंजर हो, वहीं सबसे सच्चे फूल खिलते हैं।”
ऐसे चयन देखकर अहसास होता है यही सच्ची तपस्या है ....
नरेवा, खट्टू के श्रवण कुमार ने #NEET2025 में 556 अंक और 9754वीं रैंक पाकर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा को ना सुविधा चाहिए, ना कोचिंग — सिर्फ जिद और मेहनत चाहिए।
झोपडी के बीच पला-बढ़ा यह छात्र, जिसके पिता शादी-ब्याह में झूठे बर्तन धोते हैं, आज पूरे गाँव की उम्मीद बन गया है।
डॉ. भरत सारण और Fifty Villagers संस्था का यह मिशन बेहद काबिले तारीफ है और दिखा दिया रेगिस्तान में भी हीरे उगलते हैं।
🌟 ग़रीबी प्रतिभा को नहीं रोकती, वो तो उसे तराशती है।
#NEETUGResult
क्रोनोलॉजी समझिए:– पूरे मामले में सरकार कहा?
मुख्य परीक्षा तिथि आगे बढ़ाने का धरना
दोनों उपमुख्यमंत्रीयों समेत कई मंत्रियों व सत्ता दल के विधायकों के पत्र
अनशन प्रारंभ
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के झूठे आश्वाशन (जबकि वो सरकार का नहीं संगठन का हिस्सा है)
अचानक से बेरोजगारों के नेताओं द्वारा धुंआधार खबरें चलाई गई।
पूरा विपक्ष एक साथ RAS मुख्य परीक्षा पर टूट पड़ा जिसमें निर्दलीय विधायकों ने भी अपना रुख स्पष्ट किया।
एडमिट कार्ड जारी हो गए।
फिर बेरोजगार नेताओं के सिर ठीकरा फोड़ने के लिए खेल प्रारंभ।
इस पूरे मुद्दे में सरकार हमेशा खुद को बचाती रही है अगर युवा अभ्यर्थियों को समझ है तो यह विषय सरकार का है। अंग्रेजों की एक नीति आपने पढ़ी ही होगी "फूट डालो और राज करो" इतिहास से सीखने की आवश्यकता है।
सूत्रों के मुताबिक ठीक 1 बजे तक एडमिट कार्ड जारी हो रहे है, RPSC चेयरमैन UR साहू से लेकर ब्यूरोक्रेसी ACS,CS ओर प्रदेश के मुखिया भर्ती परीक्षा स्थगित करने के पक्ष में नहीं है ।
ईश्वर इन्हें सद्बुद्धि दे और लोकतंत्र में जनता जनार्दन की ताकत का एहसास करवाए ।
युवाओं के साथ न्याय करें ।
#VikasBidhuri
@BhajanlalBjp@SachinPilot@hanumanbeniwal@DrKirodilalBJP
RAS परीक्षा सिर्फ एक प्रतियोगी परीक्षा नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों की नींव और भविष्य की दिशा तय करने वाली प्रक्रिया है..!
हर छात्र इसे अपने वर्षों की मेहनत, धैर्य और संघर्ष से संवारता है। ऐसे में RAS-2024 की मेन्स परीक्षा को लेकर सरकार की चुप्पी और भ्रम की स्थिति न सिर्फ युवाओं की भावनाओं के साथ अन्याय है, बल्कि प्रशासनिक असंवेदनशीलता का भी प्रमाण है — जबकि परीक्षा में अब सिर्फ 3दिन बचे हैं।
परीक्षा स्थगन की मांग को लेकर युवा धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार अब तक मौन है — यह चुप्पी चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
पूर्व में भी यह परीक्षा स्थगित हो चुकी है, इसलिए सरकार युवाओं की आवाज़ सुने, भरोसे को टूटने से बचाए और छात्रहित में शीघ्र निर्णय ले।
सरकार इस गंभीर विषय पर तत्काल निर्णय लें और प्रदेश के युवाओं को राहत दें।
#RAS_MAINS_स्थगित_करो @RajCMO
RAS परीक्षा की तारीख को लेकर जो असमंजस है उस पर सरकार की चुप्पी और भीतर तालमेल की कमी का खामियाजा युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है।
अभ्यर्थियों की मांग के प्रति संवेदनहीनता दिखाई जा रही है और एक भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। भाजपा सरकार भर्ती परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य को लेकर असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदार रवैया अपना रही है।
चूँकि पूर्व में घोषित परीक्षा की तिथि निकट है, इस मुद्दे पर स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए और धरने पर बैठे अभ्यर्थियों से संवाद कर समाधान निकालना चाहिए।
राजस्थान का युवा वर्ग राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) मुख्य परीक्षा 2024 की तैयारी में दिन-रात जुटा हुआ है। ये युवा न केवल अपने सपनों को साकार करने के लिए मेहनत कर रहे हैं, बल्कि प्रदेश की सेवा और समाज के उत्थान के लिए अपने कदम आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी यह लगन और समर्पण राजस्थान के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। किंतु, कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों ने इन अभ्यर्थियों के सामने ऐसी चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं, जिन्होंने उनकी तैयारी को प्रभावित किया है। परीक्षा तिथि आगे बढ़ाना कतई उचित नहीं होता है लेकिन वर्तमान में, RAS की पूर्ववर्ती भर्ती प्रक्रिया अभी तक पूर्ण नहीं हो पाई है। इस देरी के कारण अभ्यर्थियों के मन में अनिश्चितता और मानसिक दबाव बना हुआ है। साथ ही, हाल ही में भारत-पाक सीमा पर उत्पन्न तनाव के दौरान कई सरकारी कर्मचारी और अभ्यर्थी अपनी ड्यूटी में व्यस्त रहे। इस कठिन समय में उन्हें अपनी पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। इन परिस्थितियों ने मेहनती और प्रतिबद्ध अभ्यर्थियों को भी अपनी पूरी क्षमता से तैयारी करने से वंचित कर दिया।
प्रदेश सरकार से सविनय निवेदन है कि राजस्थान के इन होनहार युवाओं की भावनाओं और उनकी जायज माँगों का सम्मान करते हुए RAS मुख्य परीक्षा 2024 की तिथि को कुछ समय के लिए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया जाए। यह कदम न केवल अभ्यर्थियों को उनकी तैयारी पूर्ण करने का उचित अवसर प्रदान करेगा, बल्कि उनके साथ न्याय सुनिश्चित करेगा।
@RajCMO