हाफिज़ सईद और उसके आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) तथा उसके मुखौटा संगठन जमात-उद-दावा (JuD) के नेटवर्क का उत्तरी अमेरिका (अमेरिका व कनाडा) और लैटिन अमेरिका (दक्षिणी अमेरिका) में प्रसार मुख्य रूप से 1990 के दशक के मध्य और 2000 के दशक की शुरुआत से देखा गया है। हाफिज़ सईद के नेटवर्क का इन क्षेत्रों में विस्तार मुख्य रूप से फंड जुटाने (Terror Funding), कट्टरपंथ फैलाने, नए रंगरूटों की भर्ती करने और रेकी (Liaisoning) करने के उद्देश्य से हुआ था।
वैश्विक खुफिया और सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार,
अमेरिका और कनाडा में नेटवर्क का विस्तार
हाफिज़ सईद ने खुद 1994 में अमेरिका का दौरा किया था। इस दौरान उसने ह्यूस्टन, शिकागो और बोस्टन जैसे शहरों के कुछ इस्लामिक केंद्रों में भाषण दिए थे।
11 सितंबर 2001 (9/11) के हमलों से ठीक पहले और उसके तुरंत बाद, अमेरिका में 'वर्जीनिया जिहाद नेटवर्क' का खुलासा हुआ। इस नेटवर्क के कई अमेरिकी नागरिक पाकिस्तान जाकर लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ट्रेनिंग कैंपों में शामिल हुए थे।
कनाडा और अमेरिका में लश्कर-ए-तैयबा ने चैरिटी संगठनों (जैसे मूल संगठन मरकज-उद-दावा-वल-इरशाद और बाद में जमात-उद-दावा) के नाम पर प्रवासी समुदायों से गुप्त रूप से भारी मात्रा में धन जुटाना शुरू किया था, जिसे बाद में आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया।
(2006-2009) में इस नेटवर्क का सबसे खतरनाक रूप तब सामने आया जब अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली (मूल नाम दाऊद गिलानी) लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुआ। उसने अमेरिका और कनाडा की अपनी नागरिकता और पहचान का फायदा उठाकर 2008 के मुंबई हमलों (26/11) के लिए रेकी की थी। हेडली को 2009 में अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था।
लैटिन अमेरिका में लश्कर-ए-तैयबा का नेटवर्क सीधे तौर पर हमलों के बजाय लॉजिस्टिक्स, जाली दस्तावेजों (Fake Passports) और वित्तीय लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया गया।
ट्राई-बॉर्डर एरिया (TBA) में दक्षिणी अमेरिका में अर्जेंटीना, ब्राजील और पराग्वे की सीमा पर स्थित 'ट्राई-बॉर्डर एरिया' को अंतरराष्ट्रीय आतंकी समूहों का गढ़ माना जाता है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, 2000 के दशक में लश्कर-ए-तैयबा के एजेंटों ने इस इलाके में मौजूद स्थानीय अपराधियों के साथ मिलकर फंड ट्रांसफर और नकली दस्तावेजों का इंतजाम करने के लिए पैठ बनाई थी।
इस नेटवर्क की वैश्विक पहुंच और खतरों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़े कदम उठाए गए:
2001-2003 अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित किया।
मई 2008 में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने हाफिज़ सईद को **'विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी' घोषित किया।
दिसंबर 2008 में मुंबई हमलों के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने हाफिज़ सईद और जमात-उद-दावा को आतंकी सूची में डाल दिया।
2012 में अमेरिकी सरकार के 'रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस' कार्यक्रम के तहत हाफिज़ सईद पर 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर (1 करोड़ डॉलर) का इनाम घोषित किया गया।
लेकिन इन सब कागज़ी औपचारिकताओं का पाखंड करने वाले अमेरिका की FBI ने दाऊद इब्राहिम और उस के गुर्गों के खिलाफ़ आजतक (2026) तक कभी कोई चार्जशीट दायर करके पाकिस्तान से उसके प्रत्यर्पण की कोई मांग कभी नहीं की। आखिर क्यों.?
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट और FBI द्वारा जुलाई 2026 में औपचारिक रूप से चार्जशीट दायर की गई है।
FBI के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान ऑपरेशन हार्ड बॉल' (Operation Hard Ball) के तहत यह कार्रवाई की गई है। इस चार्जशीट में बिश्नोई से जुड़े कई अहम आरोप लगाए गए हैं:
अमेरिकी चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि भारत की जेल में बंद होने के बावजूद लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी साथी गोल्डी बराड़ ने जून 2023 में कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश दिया था।
चार्जशीट के मुताबिक, बिश्नोई जेल के अंदर से ही मोबाइल फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल कर अमेरिका, कनाडा और यूरोप में जबरन वसूली (Extortion), ड्रग तस्करी (कोकीन स्मगलिंग) और मर्डर-फॉर-हायर (सुपारी देकर हत्या) जैसे ग्लोबल क्रिमिनल नेटवर्क को चला रहा था।
हस्तियों को निशाना बनाना: इस अमेरिकी दस्तावेज में सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेने और बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान व पंजाबी सिंगर गिप्पी ग्रेवाल को दी गई धमकियों और हमलों का भी जिक्र किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने बिश्नोई के खिलाफ वारंट जारी किया है और अमेरिकी अधिकारी भारत से उसकी प्रत्यर्पण की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं।
#ModiJiStaySafe
It is true that one should start from home (oneself), but keep in mind the sentiments of lakhs of people who have been selflessly facing hypocrisy in front of the country for the last 15 years and are giving their precious time in the interest of the country.
For those people, you are not just a leader but the asset of the country.
@narendramodi
Modi ji please don’t do this , entire US deep state, CIA , ISI, even opposition in India are after your life, u know what happened in China ..
@narendramodi please don’t do this
#ModiJiStaySafe#AntiBrahminSP
@narendramodi एक व्यक्ति नहीं वे राष्ट्र के प्रधानमंत्री हैं। उनकी सुरक्षा महत्वपूर्ण है और उसमें कोई कटौती स्वीकार्य नहीं है। दुश्मन ताक में हैं। विदेशी मुद्रा की बचत राष्ट्र की सुरक्षा की कीमत नहीं है। @PMOIndia@AmitShahOffice
Why is @DelhiPolice acting like this? Are they more powerful than @HMOIndia?
If this is how they treat pro-government and pro-BJP accounts today, then God only knows what they’ll do if, God forbid, Congress returns to power.
The Ministry of Home Affairs must take strict action immediately.
A prominent influencer, @theskindoctor13, was arrested by the Delhi Police today on a baseless and frivolous case. When the night magistrate gave him bail within 5 hours at 10 PM tonight, it was made clear by the honorable court that he did not do anything wrong.
Advocate @RaviSharmaTalks ably assisted by @sidcool2302 appeared on behalf of the influencer. Sources say that the Delhi Police was pulled up by the court and asked who pressured them to carry out the arrest.
The case has no legal grounds, none whatsoever. But there is more to this than what meets the eye. Why was he arrested in such haste? Who ordered his arrest? More questions will be asked and more answers will come out soon.
@DelhiPolice@CPDelhi
• Bro became Education Minister
• Destroyed NEET-UG
• Destroyed NEET-PG
• Targeted GCs through UGC Regulation.
One of the most incompetent minister in Indian history.
@narendramodi एक व्यक्ति नहीं वे राष्ट्र के प्रधानमंत्री हैं। उनकी सुरक्षा महत्वपूर्ण है और उसमें कोई कटौती स्वीकार्य नहीं है। दुश्मन ताक में हैं। विदेशी मुद्रा की बचत राष्ट्र की सुरक्षा की कीमत नहीं है। @PMOIndia@AmitShahOffice