टिकट वितरण सटीक
सीट दर सीट रणनीति
कांग्रेस की दलित महिला रणनीति की काट
हल्ले से परहेज़
ज़मीन पर चुप चाप काम
बस यही मंत्र है नहीं तो पाँच साल इंतज़ार में बिताना
@JPNadda@AmitShah@BJP4Haryana
हर मुद्दे पर बोलना जरूरी नहीं होता कभी कभी जब कुछ पता नहीं होता तो चुप रहना ही सबसे बड़ा जवाब होता है ।
लेकिन सोशल मीडिया के कुछ योद्धा जो भाजपा के बहुत बड़े समर्थक है वो अन्नामलाई पर बड़ी बड़ी हांक रहे है ।
जब बीजेपी में थे अन्नामलाई चालीसा जपते थे आज इस्तीफा होने पर बकवास करते थक नहीं रहे।
यही लोग अपनी पोस्ट डिलीट भी करते नज़र अजाएँ भविष्य में और फिर से अन्नामलाई चालीसा उठा लें बड़ी बात नहीं होगी।
अरे भाई आपका हर मुद्दे पे बोलना जरूरी नहीं है , जरूरी नहीं है सब कुछ आपको पता हो ।
चोकीदार चोर है से सीखा कुछ नहीं क्योंकि मंदबुद्धि ऐसे ही थोड़ी कहा जाता है पप्पू को वो है ही मंदबुद्धि ।
अरे भाई चौकीदार को बीजेपी ने यूज़ करके तुम्हारी लंका लगा दी थी सदन से लेके बाहर पूरे देश में।
अब तुमने नया किया है गद्दार करके भाई मैं बता देता हूँ इतनी बुरी तरह से धुलाई होगी ना गद्दार पे तुम्हारे नाना दादी पिता भाई माँ और तुम्हें सबको तथ्यों के आधार पर नंगा कर दिया जाएगा पूरे देश में ,सदन से लेके बाहर तक तुम त्राहिमाम चिल्लाते घूमोगे बस देखते जाओ ।
पता नहीं इस आदमी को कोई समझाता क्यों नहीं 😂😂😂😂
चार बांस, चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण |
ता ऊपर सुल्तान है, मत चुके चौहान ||
शौर्य और पराक्रम की प्रतिमूर्ति‚ सम्राट पृथ्वीराज चौहान जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन्
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने धार स्थित भोजशाला विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की 98 दिन की विस्तृत रिपोर्ट को मान्यता देते हुए स्पष्ट किया कि भोजशाला मूल रूप से हिंदू मंदिर था और देवी वाग्देवी (सरस्वती) की आराधना का प्रमुख केंद्र था।
स्थल पर मिले कमल, घंटियां, संस्कृत श्लोक, देव-देवताओं की आकृतियां और हवनकुंड जैसे प्रमाण मंदिर की पुष्टि करते हैं।
भाई नीट नीट ,
🥃 वाला नीट नहीं एग्जाम वाला नीट ,
लीक हो गया बच्चे परेशान है ,
ये मुद्दा किसी काम का नहीं नीट वाला उठाओ भाई नीट का मुद्दा उठाओ ।
नीट वाला मुद्दा काम करेगा भाजपाई होने के नाते कह रहा हूँ मान मेरी बात।
जनता को 🔔 फ़र्क़ नहीं पड़ता तेरे अदानी अम्बानी से इस तरह तो हारता ही रहेगा रहेगा।
बँटा धार करदेगा बची कूची कांग्रेस का तू ,
मेरे भाई नीट का मुद्दा उठा अभी वही काम करेगा ज़मीन पर ।
फिर कहते है मोदी जी हार क्यों नहीं रहे जब विपक्ष को यही नहीं पता क्या मुद्दा ज़मीन पर काम करेगा तो मोदी जी तो जीतेंगे ही।
@rajkumarbhatisp पूरी वीडियो की जरूरत है ही नहीं आपकी हँसी ही आपकी सोच आपकी कुंठा ज़ाहिर कर देती है । इतनी घिनौनी सोच का व्यक्ति सामाजिक जीवन में कैसे हो सकता है ।
प्रधान मंत्री जी ने आवाहन किया की तेल बचाना है पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें तो कुछ सोशल मीडिया योद्धा छाती पीटने लगे की पहले अपना काफिला कम कर के दिखाओ तो लो कर दिया।
हालांकि मैं काफिला कम करने के चक्कर में देश के प्रधान की सुरक्षा में कोई भी चूक हो इसके पक्ष में नहीं हूँ और अगर सुरक्षा के लिहाज़ काफिला बड़ा हो जाता है तो होना चाहिए क्यों की वो प्रधान मंत्री है।
लेकिन हमारे प्रधान मंत्री उदाहरण स्थापित करते आए है ओर इसबार भी उन्होंने वही किया।
उनका ये उदाहरण चिल्ला चिल्ला कर बता रहा है की इसबार संकट बड़ा है ओर देशवासियों को एकजुट होकर इसका सामना करना है
भाई तू ऐसा कर जा सारे ज्वैलर्स का दुख हर ले ओर सोना खरीद ले जा जितना खरीद सकता हो क़सम राम जी की मोदी जी तुझे रोकने नहीं आएँगे , पता नहीं ग्राम दो ग्राम खरीदना बसका है के नहीं है लेकिन हल्ला ऐसा करेगा जैसे ५ ७ किलो ख़रीद रहा था मोदी जी ने रोक लिया ।
मोदी ने कहा है- 1 साल तक सोना मत खरीदो.
इस बयान के बाद ज्वेलर्स में चिंता है. उनका कहना है कि इससे व्यापार में मंदी छा जाएगी.
हमारे यहां जो कर्मचारी और कारिगर हैं, उनके रोजगार खत्म होंगे. जब काम ही नहीं होगा तो हम सैलरी कैसे देंगे.
मोदी ने भय का माहौल बना दिया है.
साल दर साल देश में विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने की खबर आती है उसके बाद जाँच की ख़बर आती है लेकिन अभी तक इस तरह की कार्यवाही नहीं हो पायी की इस भयानक कृत्य में शामिल लोग डर जाएँ इसके इतर उनके हौंसले बुलंद है ओर यही कारण है ऐसे लोग बेख़ौफ़ इस काम को साल दर साल किये जा रहे है ।
सरकार को इस मुद्दे पर सख्त से सख्त कार्यवाही करनी चाहिए और ऐसी कार्यवाही करनी चाहिए की नज़ीर पेश हो लोग ऐसा करने से पहले १००० बार सोचें ।
सरकार से निवेदन है इस समस्या को जड़ से उखाड़ने में कोई कोर कसन ना छोड़ें ।
@PMOIndia@HMOIndia@dpradhanbjp@AmitShahOffice@AmitShah@narendramodi
24 घंटे में प्रधानमंत्री जी ने एक ही बात पर दो बार ज़ोर देकर कहा है बार बार कहा है ।
इसका मतलब है इसको हल्के में नहीं लेने का …स्तिथि ऐसी है की ये बात गंभीरता से लेनी चाहिए ।।
न कर तू गुरूर अपनी ऊँची उड़ान पर,
ज़मीं से ही जुड़कर रहना सीख ए मुसाफिर!
टूटती है शाख़ तो आशियाने गिरते हैं,
तूफानों में अक्सर घमंडी दरख़्त गिरते है ।।
बाक़ी आप सभी बहुत बुद्धिमान है ।।