@kalisenachief राजतंत्र भी तुम्हारा
मतदाता भी तुम
शदियों से छल कपट करते रहे
जीतते रहे तुम
अब कहते हों कि क्यों नहीं जीत पाया वह जो मसीहा बन बेठा हैं
संघर्षों ने मसीहा बनाया उनको , लाख छल कपट करते रहे तुम
वह संघर्षो का आदी था
मनुवाद से लडता था
मांग मांग कर खाने वालो, क्या पहचानो तुम
@highcourtadvo क्योंकि तुम घण्डमरे हो, हम अंग्रेजों का विरोध क्यो करे, अंग्रेजो कि गुलामी तुम्हारी गुलामी से लाख अच्छी थी हम तो वेसे भी गुलाम थे तुम तो इंसान को इंसान नहीं समझते थे अंग्रेज कम से कम हमें इंसान तो समझते थे
रही बात शाइमन कमीशन कि तो उसमें दलितों के हक कि बात थी