अर्थ: इसका सीधा सा अर्थ है कि जब कोई मार्गदर्शक (रहबर) या नेतृत्व संभालने वाला व्यक्ति अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में असफल रहता है, तो असली सवाल लुटेरों (रहजनों) की तुलना में उस नेता या मार्गदर्शक की क्षमता और नीयत पर उठता है।
आज कल ईमानदार होने से अधिक ईमानदार दिखने में बहुत परिश्रम लगता है। 😊 #honesty#genuine#tuesdayvibe
Acting genuine is the most genuine act nowadays 😑
-Stuti
भारत चीन सीमा पर चल रही झड़प में 19 अक्टूबर को अरुणाचल का ये जवान शहीद हो गया.
और देश की सरकार ने अभी तक यह स्वीकार तक नही किया है कि हम चीन से लड़ाई में हैं?
किस देश के लिये शहीद हो रहे हैं हमारे जवान
और क्यों?
जब देश की सरकार को और देश के लोगों को फ़र्क़ नही पड़ता कि चीन भारत मे कितना अंदर घुसा आ रहा है तो सीमा के जवान अपनी जान आख़िर किसके लिये गवाँ रहे हैं.
इस देश की सरकार को हक़ नहीं कि वह इन शहीदों को सैल्यूट भी करे.
ग़रीबों के पास एक ही अधिकार है वोट देने का जो उसे बराबरी का अधिकार देता है और अमीर ग़रीब का फर्क ख़त्म करता है अब उस पर भी डाका डाला जा रहा है।
#इंडियन
“Lawrence Bishnoi Sahab”
The respect Delhi Police has for gangsters…
Wish they showed even 10% of this courtesy to students and activists who are doing nothing but protest.
पुलिस कॉकरोच को मारने में लगी हुई है गुंडे आम जनता और सेलिब्रेटी को मारने में डराने में लगे हुए है,राजनेता राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं और देश विश्व गुरु बनने जा रहा है।