ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) में बीएसएफ के 2 जवान शहीद हुए
1. बीएसएफ सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज़ पाकिस्तानी ड्रोन/गोलाबारी में शहीद, उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र मिला
2. बीएसएफ कांस्टेबल दीपक चिंगाखम जम्मू के आरएस पुरा क्षेत्र में क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग/ड्रोन अटैक में शहीद, इन्हें भी मरणोपरांत वीर चक्र मिला।
अब सवाल पैदा होता कि इन्हें नेशनल वार मेमोरियल में जगह क्यूं नहीं मिली पूछता है भारत
बड़े जोर शोर से सोशल मीडिया पर ढिंढोरा पीटा जा रहा है कि ग्राउंड कमांडर बने डिप्टी कमांडेंट। क्या दोस्तों आपको पता है कि एक पौड़ी चढ़ने के लिए 15 सालों लम्बा इंतजार करना पड़ा ऐसे ही चलता रहा तो DIG IG की छोड़िये कभी कमांडेंट बन पायें���े? सिपाही तो पहले ही अगली पदोन्नति के लिए 20 सालों तक का लम्बा इंतजार करना पड़ रहा है.. हैं ना उल्टी फीते का कमाल
देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल '#CRPF' में एक DIG का निलंबन और 20 अफसरों का तबादला, चर्चा का विषय बना हुआ है। डीआईजी बीसी पात्रा, जिन्हें एनएसजी से वापस आने के बाद त्रिपुरा में तैनात किया गया था, उन्हें सीसीएस रूल 10 (1) के तहत सस्पेंड कर दिया गया है।
Today the 12th International Day of Yoga celebrated at GC CRPF SNR under the guidance of Shri P.K. Sharma, IG, SNR Sector.
Officers, personnel, and their families participated enthusiastically, reaffirming the Force’s commitment to physical fitness and a healthy lifestyle.
Vladimer Mestvirishvili, honoured with Padma Shri, a legendary freestyle wrestling coach of the Indian team, mentored Olympic medalists Sushil Kumar, Yogeshwar Dutt and Bajrang Punia, shaping India into a wrestling powerhouse.
#PeoplesPadma2026#PadmaAwards2026#padmashri#sports
*कुख्यात अपराधी रितेश उर्फ गोल्डन वर्मा से कोबरा सिपाही की पत्नी द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस शासन प्रसासन से परिवार के सुरक��षा की लगाई गुहार*
*सियासत दर्पण न्यूज़ छत्तीसगढ़* https://t.co/y1eppqz6w3
माननीय गृह मंत्री जी दुआरा @crpfindia की नई बिल्डिंग का शिलान्यास करते वक़्त जवानों को बोले थे कि आप देश की सुरक्षा कीजिए आपके परिवारों की सुरक्षा सरकार करेगी
अमृतकाल में CAPF सिपाहियों को उल्टा फीता
पहले सुलटी फीती पर लांस नायक को 15 रुपए अलाउंस मिलता था
कौन बाबू लोग है ये जिन्होंने प्रमोशन के नाम पर 10 लाख सिपाहियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया
माननीय दिल्ली हाई कोर्ट दुआरा अर्धसैनिक बलों के हक में ११ जनवरी २०२३ के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में लटकाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है
अब काला क़ानून ला कर CAPF के 13 हज़ार कैडर ऑफिसर पद्दौनती पर हथौड़ा मार दिया
काले अंग्रेजों दुवारा अब वीरांगनाओं को चिन्हित कर ऑफ़िसर्स का नार्थ ईस्ट राज्यो में तबादला किया जा रहा है ग़ैरजिम्मेदाराना ओछी हरकत हो रही है
ये सब अपने को सच्चा देशभक्त बताने वालों की नाक के नीचे हो रहा है
कोई सुन नहीं रहा 20 लाख पैरामिलिट्री परिवार जाएं कहाँ किस को फ़रियाद करे?
तारीख़ पर तारीख़ मिलना शायद हमारे धैर्य, हमारे विश्वास और हमारे संकल्प की परीक्षा है। 28 जुलाई को अगली सुनवाई निर्धारित है। हमें पूर्ण विश्वास है कि न्याय की यात्रा चाहे कितनी भी लंबी हो, उसका अंत न्याय की जीत के साथ ही होगा। @VTankha@KapilSibal#JusticeForCAPF #BlackLawAgainstCAPF #AllEyesOnSupremeCourt #SatyamevaJayate #CAPF
संसद जीवन का अधिकार छीन सकती है? — CAPF, न्याय तक पहुँच और लोकतंत्र की असली परीक्षा
भारतीय लोकतंत्र की आत्मा यह कहती है—सत्ता सीमित है, अधिकार सर्वोपरि हैं। संसद कानून बना सकती है, पर वह संविधान से ऊपर नहीं है; और न्यायप��लिका का दायित्व है कि वह इस सीमा की रक्षा करे।
आज CAPF के संदर्भ में जो स्थिति बन रही है, वह केवल सेवा-शर्तों का मुद्दा नहीं, बल्कि न्याय, समानता और गरिमा का प्रश्न है।
CAPF के जवान आज भी CAT के दायरे में नहीं आते। जहाँ अन्य सेवाओं को सुलभ और त्वरित न्याय मिलता है, वहीं इन्हें लंबी, महंगी और जटिल न्यायिक प्रक्रिया में धकेला जाता है।
और अब यह CAPF Act—एक अन्यायी काला कानून बनकर—न केवल न्यायालय जाने के अधिकार को समाप्त करता है, बल्कि उनके संवैधानिक अधिकारों को भी कमजोर करता है।
सबसे गंभीर और पीड़ादायक प्रश्न यह है कि—
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए न्याय को, संसद ने इस CAPF Act के माध्यम से पलटकर अन्याय और अत्याचार में बदल दिया है।
स्थिति और भी चिंताजनक तब हो जाती है जब DoPT जैसे संस्थागत ढाँचे के नियम भी CAPF पर लागू नहीं किए जाते। क्या यह उन जव��नों के साथ द्वितीय श्रेणी के नागरिक जैसा व्यवहार नहीं है, जो देश के लिए अपना जीवन न्यौछावर करते हैं?
जहाँ अधिकार है, वहाँ उपाय होना चाहिए—पर यहाँ CAT नहीं, DoPT नहीं, और अब न्यायालय का रास्ता भी समाप्त किया जा रहा है। यह केवल कठिनाई नहीं, बल्कि न्याय से व्यवस्थित रूप से वंचित करने का एक कुत्सित कदम है।
इतिहास गवाह है—अन्याय कभी रुकता नहीं, वह फैलता है।
आज यदि CAPF के जवानों के अधिकारों को सीमित किया जाता है, तो कल यही प्रवृत्ति व्यापक नागरिक अधिकारों तक पहुँच सकती है।
आज CAPF के जवान फिर सर्वोच्च न्यायालय के सामने हैं—यह केवल एक केस नहीं, बल्कि संविधान की परीक्षा है।
आज समय आ गया है कि देश का हर नागरिक उन जवानों के स्वाभिमान, सम्मान और गरिमा के लिए खड़ा हो, जिन्होंने हमारी सुरक्षा और विकास के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया ��ै।
और कल अगर इतिहास हमसे पूछे—“जब अन्याय शुरू हुआ था, तब हम क्यों मौन रहे थे?”—तो हमारे पास कोई उत्तर न बचे।
आओ मिलकर सरकार से यह मांग करें कि वह इस अन्यायी काले कानून—CAPF Act—को वापस ले।
@narendramodi @AmitShah @BJP4India @INCIndia @AITCofficial @VTankha @KapilSibal @MahuaMoitra
#CAPF #CAPFकाला_कानून_वापस_लो #AllEyesOnSupremeCourt
CAPF Are Armed Forces Of The Union
Government Should Restore Old Pension Scheme (OPS) For CAPF
Daily Post For #OPSFORCAPF
DAY - 3/365
By - NEWS OF PARAMILITARY (CAPF)