अब संवैधानिक मर्यादाएं में रहते थानेदार व PWD JEn ( Now Promoted as AEn) में से जो लोग अपनी मेहनत व ईमानदारी से कुर्सी तक का सफर तय करके आये हैं केवल वे ही लोग अपनी कुर्सी पर बैठने के हकदार हैं।
अब जिन लोगों ने 20-25 लाख में कुर्सी खरीदी है उनके लिए कुर्सी की क्या ही अहमियत है।