A girl was assaulted in Gorakhpur after a minor car-bike collision while rushing her ill father to hospital, with the rider and accomplices slapping her, pulling her hair, and damaging her vehicle.
#ThalapathyVijay Hold the "No. 1 Position" in Tamil Nadu Election 🔥😱
Thalapathy Vijay's STARDOM in FULL DISPLAY ON POLITICAL PARTY TOO
#TVKVijay . #TVK .
>नाम रिंकू सिंह
>2004 में PCS परीक्षा पास की
>2009 में 100 करोड़ का पेंशन और स्कॉलरशिप घोटाले का पर्दाफाश
>इनाम में 7 गोलियां मारी गईं
>दो गोलियां चेहरे पर लगीं
>ठीक होने के बाद 2022 में IAS बने
>लेकिन अब उन्होंने ने इस्तीफा दे दिया है
>फील्ड पोस्टिंग न मिलने की वजह से नाराज थे
>शायद उनको नहीं पता कि फील्ड पोस्टिंग बेईमानों को मिलती है
>और ईमानदारों के हिस्से डेस्क जॉब आती है
>देश की जनता को ईमानदार अधिकारियों के साथ खड़ा होना चाहिए
>तभी किसी को ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा मिलेगी।
आज की मेट्रो सिटी एक कुत्ता या बिल्ली पालकर ख़ुद को ‘डॉग/कैट पेरेंट’ कहने लगती है, लेकिन हमारी सदी की माँओं की आवाज़ घर में पली भैंसों से लेकर गाँव के दूसरे छोर पर दुम हिलाने वाली कुतिया तक पहचानती थी। गिलहरियों, चिड़ियों और बछियों से इनकी दोस्ती थी। इन्हें फ़ेसबुक या इंस्टाग्राम पर इनके माँ होने का प्रमाण-पत्र नहीं देना पड़ा और न ही कभी इन्हें इसकी ज़रूरत महसूस हुई।
• प्रणव मिश्र तेजस
(https://t.co/UAkVNSpKkV)
#hindwi #Hindwibela #pranavmishratejas
आज रात उसकी शादी हो गई।
वो लड़की… जो सात साल तक मुझे Good Morning बोलकर जगाती थी,
आज किसी और को “जी, उठिए…" कहकर बोल रही होगी।
सात साल तक
मुझे पढ़ाई के लिये जगाने वाली आज किसी और के साथ सुहागरात के तैयारी कर रही होगी—
और मैं यहाँ बैठा RAS की किताब खोलकर
“एथिक्स” का chapter revise कर रहा हूँ।
आज पहली बार उसका msg नहीं आया।
लगता है उसका Good Morning package
अब husband के नाम port हो गया है—
और मैं पुराना SIM की तरह
“Service Validity Expired” दर्शा रहा हूँ।
क्या विडंबना है—
जो लड़की मुझे सुबह 6 बजे उठा देती थी,
आज किसी और के साथ
7 फेरे ले आई…
और मैं अब भी Snooze मार रहा हूँ।
उसके पिता जी को शायद लगता था
कि मैं गरीबी, संघर्ष और मेहनत का combo pack हूँ—
और बेटी को Premium चाहिए।
अब बस फर्क इतना है—
वो Premium package लेकर
Lifetime Recharge में फँस गई है
और मैं Free-to-Roam होकर
career की ओर भाग रहा हूँ।
दिल भी अजीब है…
अब भी कहता है—
“वो खुश रहे यार…”
और दिमाग कहता है—
“हाँ, जरूर…
कल फ़ोटो डालेगी
तू insta पर लाइक भी कर देना,
शायद दूल्हे का confidence बढ़ जाए।”
#TRUELOVE
#emotional
#RAS
#RPSCEXAM
@HansrajGurjarR@shivani847821@pradeepdorata@arvindchotia@VivekGa54515036
तुम बंजर हो जाओगे
यदि इतने व्यवस्थित ढंग से रहोगे
यदि इतने सोच समझकर
बोलोगे चलोगे,
कभी मन की नहीं कहोगे
सच को दबाकर झूठे प्रेम के गाने गाओगे
तो मैं तुमसे कहता हूँ तुम बंजर हो जाओगे।
~ भावानीप्रसाद मिश्र
गाँव ढाणी में बैठा कोई ब्राह्मण युवा यदि केवल इस बात पर दंभ भरता है कि सिस्टम में सारे ब्राह्मण बैठे है…
तो उससे बड़ा बेवक़ूफ़ और कोई नहीं है….
शहर की किसी कोचिंग में बैठा जाट युवक यदि अपनी जाति के नेताओं की प्रशंसा में मशगूल है…
तो वो सिर्फ़ स्वयं को छल रहा है…
क़स्बे के किसी नुक्कड़ पर जमा राजपूत युवक यदि केवल अपने पुरखों की वाहवाही में लगा हुआ है…
तो वो अपने वर्तमान को खोता जा रहा है….
चाय की टपरी पर बैठा कोई बिश्नोई युवक यदि अपनी जाति के असामाजिक तत्वों को Justify करने में लगा हुआ है…
तो उसके भविष्य पर प्रश्न चिह्न लगा है…!!!
सोशल मीडिया पर कोई दलित युवक यदि केवल अपनी पिछली पीढ़ियों पर हुए अत्याचारों का दुखड़ा रोने में लगा है….
तो वो अपनी पीढ़ी के अवसरों को खोने की तैयारी कर रहा है…
हमारे हाथ में केवल हमारा वर्तमान है….
सही दिशा हमारा भविष्य तय करेगी….!!!
दो नावों पर पाँव पसारे.. ऐसे कैसे,
वो भी प्यारा हम भी प्यारे ..ऐसे कैसे ॥
सूरज बोला बिन मेरे दुनिया अंधी है,
हँस कर बोले चाँद सितारे …ऐसे कैसे ॥
तेरे हिस्से की ख़ुशियों से बैर नहीं पर,
मेरे हक़ में सिर्फ ख़सारे ..ऐसे कैसे ॥
~ असद अकबराबादी
उस को मिरी तड़प का गुमाँ तक नहीं हुआ
मैं इस तरह जला कि धुआँ तक नहीं हुआ
ये चाहते थे मौत ही हम को जुदा करे
अफ़्सोस अपना साथ वहाँ तक नहीं हुआ
तुम ने तो अपने दर्द के क़िस्से बना लिए
हम से तो अपना दर्द बयाँ तक नहीं हुआ
🌸❤️
Waseem Nadir
राजस्थानी भाषा में एक कहावत है कि
भिंतडा ढह ज्यासी पर गीतडा रह ज्यासी 👑
हम मिट जायेगे पर हमारी संस्कृति अमर रहेगी
राजस्थान की संस्कृति हमेशा राजस्थानी गीतों में जिन्दा रहेगी
#rajastani_culture#राजस्थानी_संस्कृति@KumariDiya
किसी का इश्क़ किसी का ख़याल थे हम भी,
गए दिनों में बहुत बा-कमाल थे हम भी !!
हमारी खोज में रहती थीं तितलियां अक्सर,
कि अपने शहर का हुस्न-ओ-जमाल थे हम भी !!
ज़मीं की गोद में सर रख के सो गए आख़िर,
तुम्हारे इश्क़ में कितने निढाल थे हम भी !!
~परवीन शाकिर
ज़माना हम से भला दुश्मनी तो क्या रखता
सो कर गया है हमें पाएमाल वैसे ही
मुझे भी शौक़ न था दास्ताँ सुनाने का
'फ़राज़' उस ने भी पूछा था हाल वैसे ही
- अहमद फ़राज़
खुल के रो लेने से दिल हलकान हो जाएगा क्या
मुस्कुरा दूँगा तो सब आसान हो जाएगा क्या
मैं अगर अपनी ख़ुशी से एक दिन भी काट लूँ
आप लोगों का बहुत नुक़सान हो जाएगा क्या
🖤🌸
बालमोहन पांडे