यदि आम जनता केंद्र सरकार द्वारा लिए गए निर्णय या राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय का विरोध कर रही है, तो केंद्र सरकार या राज्य सरकार को उस निर्णय पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
@RamdasAthawale@narendramodi@RahulGandhi
आओ ना..
डरो मत..
आप ५६ इंच वाले हो,मालूम है,
एक बार अंदर आकर तो देखो
डरो मत
राहुल गांधी अच्छे संस्कारी इन्सान है,
वो आपको कुछ नही करेंगे
बस सदन में थोडी धुलाई करेंगे
इतना तो हक बनताही है
राहुल संसद के दरवाजे पे खडे है..
छुपके मत देखो …
आओ भाई..आईए
@AmitShah
भुवनेश्वर में अमित शाह की बर्खास्तगी की मांग को लेकर जली हजारों मशालें, सड़कों पर उतरे युवा कांग्रेस कार्यकर्ता।
इस युवा आक्रोश मशाल जुलूस में IYC अध्यक्ष @UdayBhanuIYC जी, ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष @BhaktaCharanDas ने भी हिस्सा लिया।
अमित शाह की बर्खास्तगी तक सड़कों पर ये इंकलाब रुकेगा नही।
आमचे कल्याण लोकसभेचे युवराज @DrSEShinde यांनी जरा ह्या बातमी कड़े लक्ष दिल तर बर होईल, अभ्यास न करता @RahulGandhi यांच्यावर बोलने म्हणजे माझ्या मते मूर्खपना आणि अक्कल शून्य पना आहे,जरा युवराज यानी आजु बाजूला काय चालू आहे ह्यावर अभ्यास करने गरजचे आहे.
#अभ्यास_शून्य#mukta
भारतात गरीबाच्या लेकराकडे वारसा नसतो, बापजाद्यांची संपत्ती नसते… त्याच्याकडे असतं फक्त एकच हत्यार
स्पर्धा परीक्षा!
आणि त्याच परीक्षेत पेपरफुटी, घोटाळे, भ्रष्टाचार करून तुम्ही लाखो विद्यार्थ्यांच्या स्वप्नांचा गळा घोटत आहात.
हे फक्त घोटाळे नाहीत… हा गरीबाच्या भविष्यावर टाकलेला दरोडा आहे. विद्यार्थ्यांचं मनोबल तोडून त्यांच्या मेहनतीची थट्टा करणाऱ्यांना कडक शिक्षा झालीच पाहिजे!
#MHCET #paperleak
• क्या दिल्ली पुलिस के पास महिला पुलिसकर्मी नहीं हैं?
• क्या महिला सांसद को पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा जबरन बस में ठूंसा जाना ठीक है?
अमित शाह की पुलिस ने आज न सिर्फ लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि महिला सम्मान की सारी मर्यादाएं लांघ दीं।
देश की महिला सांसद के साथ ऐसा दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शर्म आनी चाहिए!!
CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंची हैं।
दिल्ली पुलिस ने यहां कांग्रेस महासचिव श्रीमती @priyankagandhi जी और कांग्रेस के नेताओं को हिरासत में लेकर रखा है।
📍 दिल्ली
किसानों से डर गई मोदी सरकार 🚨
👉🏻किसानों को दिल्ली आने से रोकने के लिए शंभू बॉर्डर पर कंक्रीट के बैरिकेड्स क्यों लगाए गए?
👉🏻अगर भारत-अमेरिका ट्रेड डील किसानों के हित में है, तो फिर उनकी आवाज़ से इतनी घबराहट क्यों?
👉🏻आख़िर मोदी सरकार किसानों को जवाब देने के बजाय रास्ते क्यों बंद कर रही है?
मोदी जी याद रखिए, बैरिकेड्स रास्ते रोक सकते हैं, किसानों की आवाज़ नहीं।
He quit in Dagsavisen in 2005. I was eight years old. I started in Dagsavisen 20 years after his departure.
That’s your big story. Yikes.
I have no involvement in his affairs, but would encourage you to not create a false narrative.
And the bare minimum for any government in the world, is to answer the critics. Address them.
At least tell them why the minister will not be fired. Defend your decision.
I am not anti-India. Just have an interest in you doing your job working as an «editor» in one of the most powerful networks in India.
And again. Not a dime by anyone except my employer. False accusation by an editor at this level is low, even for you.
Being screamed at by an NDTV-reporter and an India Today host in May feels worth it today😂
Thank you to the reporters in NZ & Australia.
And always, thank you to the Indian press: The Wire, NewsLaundry, Scroll, Peek TV, The Unedited Media, HQ English and many more working every day to report truthfully. The heavylifters.