एम्स जोधपुर में 12 अगस्त 2026 से जनरल वार्ड, सेमी-प्राइवेट और प्राइवेट रूम के किराए में भारी बढ़ोतरी लागू हो रही है। जनरल वार्ड का किराया 60 रुपए प्रतिदिन, सेमी-प्राइवेट रूम 1200 रुपए प्रतिदिन और प्राइवेट रूम 3500 रुपए प्रतिदिन तो किया ही गया है, साथ ही एडवांस पेमेंट भी क्रमशः 2500, 8500 और 25,000 रुपए तय की गई है। इस नए फैसले से मरीजों एवं परिजनों में निराशा है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब आम आदमी पहले से ही महंगाई और इलाज के बढ़ते खर्च से जूझ रहा है। केंद्र में बैठी भाजपा सरकार जनता को सस्ते और सुलभ स्वास्थ्य सेवा का भरोसा देती रही है, लेकिन जमीनी हकीकत में एम्स जैसे प्रीमियर संस्थानों में भी मरीजों की जेब पर बोझ बढ़ाया जा रहा है।
AIIMS की अपनी प्रतिष्ठा है। गरीब और मध्यम वर्ग के मरीज, जो एम्स जैसे संस्थानों में भरोसे के साथ इलाज कराने आते हैं, उन्हीं पर यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना संवेदनहीनता है। AIIMS प्रशासन को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
फलोदी के लोहावट में श्रीमती भंवरी विश्नोई की हत्या और उनकी बेटियों पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अभी तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस-प्रशासन द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिए गए आश्वासन के अनुसार मांगी गई पांच दिन की समय-सीमा भी पूरी हो चुकी है, लेकिन पुलिस अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई है।
इस मामले को लेकर समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। पूर्व विधायक श्री किसनाराम विश्नोई जी सहित समाज के कई लोग आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं।
मुख्य आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करे और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित करे। आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी से समाज में रोष बढ़ता जा रहा है।
जोधपुर सर्किट हाउस के वातानुकूलित कमरे में प्रतिनिधिमंडल को 'आश्वासन की घुट्टी' पिलाना बहुत आसान है मंत्रीजी! टाइम निकालकर लोहावट की तपती जमीन पर आकर देखिए कि जनाक्रोश की आंच का तापमान कितना है!!
#लोहावट@gssjodhpur
विगत दिनों जोधपुर संभाग के लोहावट क्षेत्र के जम्भेश्वर नगर में घर के बाहर सो रही बिश्नोई समाज की एक महिला की हुई निर्मम हत्या का मामला अत्यंत दुःखद, पीड़ादायक और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला है।
दुर्भाग्यपूर्ण है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद राजस्थान पुलिस अभी तक इस मामले का खुलासा नहीं कर सकी है।
स्थानीय लोग एवं पीड़ित परिवार न्याय की मांग को लेकर आंदोलित हैं। मैंने इस मामले को लेकर पुनः राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (DGP) तथा रेंज आईजी जोधपुर से दूरभाष पर वार्ता कर जल्द से जल्द निष्पक्ष एवं पारदर्शी अनुसंधान करते हुए दोषियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है।
फलोदी, लोहावट एवं ओसियां क्षेत्र के राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार के साथ न्याय की लड़ाई में उनके साथ बैठे |
यदि आवश्यकता पड़ी तो मैं स्वयं भी मौके पर आऊंगा |
@RajCMO@PoliceRajasthan@Igp_Jodhpur
फलोदी जिले के जम्भेश्वर नगर, लोहावट में भंवरी देवी बिश्नोई की नृशंस हत्या और उनकी बेटियों पर हुए जानलेवा हमले को 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। यह देरी राजस्थान की चरमराती कानून-व्यवस्था और पुलिस तंत्र की गंभीर विफलता का शर्मनाक प्रमाण है।
प्रशासन ने 31 जुलाई को समाज को पाँच दिनों के भीतर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बावजूद परिणाम शून्य है। आखिर यह आश्वासन कब कार्रवाई में बदलेगा?
न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार, कांग्रेस के पूर्व विधायक किशनाराम जी विश्नोई सहित समाज के जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। हजारों लोग सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार और प्रशासन की संवेदनहीनता चिंता का विषय बनी हुई है।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, न्याय में देरी अन्याय को बढ़ावा देती है। 12 दिन बाद भी आरोपी खुलेआम कैसे घूम रहे हैं? पुलिस अब तक आरोपियों तक क्यों नहीं पहुंच पाई, क्या कारण हैं? आखिर पीड़ित परिवार और समाज को न्याय कब मिलेगा? क्या प्रशासन का लिखित आश्वासन महज एक आश्वासन बनकर रह गया है?
राजस्थान सरकार तत्काल इस मामले में संज्ञान ले, सभी आरोपियों को गिरफ्तार करे, निष्पक्ष एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए।
@RajCMO@RajGovOfficial@PoliceRajasthan@Igp_Jodhpur
लोहावट की भंवरी देवी हत्याकांड में न्याय कब मिलेगा?
भंवरी देवी हत्याकांड को आज 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवार और न्याय की मांग कर रहे लोगों को अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। न्याय की उम्मीद में लोग पिछले 4 दिनों से अनशन पर बैठे हैं, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन की चुप्पी बेहद पीड़ादायक और चिंताजनक है।
यह सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं है, यह उस व्यवस्था से सवाल है जो एक बेटी, एक माँ और एक परिवार को न्याय दिलाने में इतनी देर कर रही है। आखिर पीड़ित परिवार कब तक दर-दर भटकता रहेगा? अनशन पर बैठे लोगों की आवाज़ कब सुनी जाएगी?
प्रशासन से स्पष्ट मांग है कि इस मामले में तत्काल गंभीरता दिखाते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित किया जाए।
अनशन पर बैठे लोगों की सेहत और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी प्रशासन की है। किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय सरकार और प्रशासन को तत्काल बातचीत कर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
14 दिन का इंतजार बहुत है।
4 दिन का अनशन भी बहुत है।
अब चुप्पी नहीं, जवाब चाहिए।
अब आश्वासन नहीं, न्याय चाहिए।
#भंवरी_देवी_को_न्याय_दो
#लोहावट_हत्याकांड
#JusticeForBhanwariDevi
लोहावट में भंवरी देवी की नृशंस हत्या और उनकी बेटियों पर जानलेवा हमले को 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन आरोपी आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
राजस्थान की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार, कांग्रेस के पूर्व विधायक @KISHNARAM_MLA जी समेत जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग अनशन पर बैठे हैं, फिर भी सरकार की संवेदनहीन बनी हुई है।
आखिर पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा? क्या प्रशासन द्वारा कार्रवाई का भरोसा सिर्फ दिखावा है? या राजनीतिक संरक्षण के कारण कानून के हाथ बंधे हुए हैं? क्योंकि हत्या के 11 दिन बाद भी आरोपी खुले में घूम रहे हैं।
हमारी मांग है सरकार तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार करे, मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए।
@RajCMO
लोहावट के जम्भेश्वर नगर में श्रीमती भंवरी देवी विश्नोई की नृशंस हत्या और उनकी बेटियों पर जानलेवा हमले के 11 दिन बाद भी आरोपी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं। यह देरी राजस्थान की चरमराती कानून-व्यवस्था और पुलिस तंत्र की घोर विफलता का शर्मनाक प्रमाण है।
प्रशासन ने 31 जुलाई को स्वयं पाँच दिनों के भीतर कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय-सीमा बीतने के बावजूद परिणाम शून्य है। न्याय की माँग को लेकर पूर्व विधायक श्री किसनाराम विश्नोई सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं और हजारों लोग सड़कों पर अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। इसके बावजूद भाजपा सरकार के कानों पर जूँ तक नहीं रेंग रही।
मुख्यमंत्री जी, आरोपी अब तक खुले कैसे घूम रहे हैं? कहीं सत्ता से जुड़े प्रभावशाली लोगों का संरक्षण तो उन्हें बचा नहीं रहा? सरकार तत्काल मामले में संज्ञान लेकर आरोपियों को गिरफ्तार करे और पीड़ित परिवार को न्याय प्रदान करे l @RajCMO@BhajanlalBjp
मैं राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBJP जी से आग्रह करता हूँ कि लोहावट निवासी श्रीमती भंवरी देवी हत्याकांड की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गहन जांच सुनिश्चित करवाएं, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और इस जघन्य अपराध में संलिप्त दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाई जा सके।
इस घटना को लेकर क्षेत्र के बिश्नोई समाज सहित सभी वर्गों में गहरा आक्रोश और पीड़ा है। लोगों की भावनाओं और न्याय की मांग को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी से अपेक्षा है कि वे इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर उचित एवं प्रभावी कार्रवाई करवाएंगे।
मैं राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी से अनुरोध करता हूँ कि लोहावट निवासी श्रीमती भंवरी देवी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच करवाए, ताकि परिवार को न्याय और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिल सके। इस मामले को लेकर क्षेत्र के बिश्नोई सहित सभी समाजों में गहरा रोष है। माननीय मुख्यमंत्री जी से सभी को अपेक्षा है की वे लोगों की भावनाओं को देखते हुए इस विषय में संज्ञान लें। @BhajanlalBjp
लोहावट के जंभेश्वर नगर में 27 जुलाई को भंवरी देवी विश्नोई की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या और उनकी दो बेटियों पर हमले की घटना को 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस मुख्य आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। पूर्व विधायक किसनाराम विश्नोई समेत 60 लोग आमरण अनशन पर बैठ गए हैं, फलोदी थाने के बाहर समर्थकों ने 2 किलोमीटर पैदल मार्च निकालकर आक्रोश जताया।
31 जुलाई को कलेक्टर और एसपी के साथ हुई वार्ता में प्रशासन ने खुद 5 दिन का समय मांगा था, वह समय भी बीत चुका है और आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। 11 दिन बाद भी हत्यारोपी पकड़ से बाहर होना सीधा सवाल खड़ा करता है, क्या पुलिस प्रशासन नाकाम है या आरोपियों को कोई राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है?
कल 4 जुलाई को प्रधानमंत्री के दौरे की आड़ में जिला मुख्यालयों पर युवाओं को जुटाकर जॉइनिंग लेटर बांटने का जो भद्दा तमाशा रचा जा रहा है, वह युवाओं के स्वाभिमान पर चोट है।
जिला प्रशासन को लक्ष्य देकर भीड़ इकट्ठी करना, उनके आने, जाने और खाने के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग कर राजनीति करना अनैतिक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
राजस्थान की भाजपा सरकार कान खोलकर सुन ले- आप युवाओं को नौकरी देकर कोई 'एहसान' नहीं कर रहे हैं। इन युवाओं ने दिन-रात मेहनत करके कंप्टीशन पास कर अपना हक प्राप्त किया है। हमारी सरकार ने भी रिकॉर्ड लाखों नौकरियां दीं, लेकिन अपनी पीठ थपथपाने के लिए कभी युवाओं का ऐसा राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया।
शर्मनाक बात यह है कि प्रदेश में भर्तियां समय पर पूरी नहीं हो रहीं, जो कैलेंडर जारी किए गए उनके अनुरूप परीक्षाएं नहीं हो रही हैं, लेकिन वीआईपी दौरों के नाम पर इनके नौटंकीनुमा इवेंट एकदम समय पर हो जाते हैं। वाहवाही लूटने के लिए मंच से फोटो खिंचवाकर लेटर तो बांट दिए जाते हैं, पर वास्तविक जॉइनिंग के लिए युवा महीनों दर-दर भटकते रहते हैं।
पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार से लेकर वर्तमान भाजपा सरकार तक, भाजपा ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सर्कस और सरकारी सिस्टम को मजाक बनाकर रख दिया है। राजस्थान का युवा इस झांसा तंत्र को देख रहा है और वक्त आने पर इस एहसान जताने के अपमान का करारा जवाब देगा।