Engineer,Social activists, Education and Science promotor, Superstitious breaker.
Your Degree Is Just piece of paper , it is judged by your behavior & thoughts
@rajuparulekar ज्यांना वाटते की आता बस झाले परंपरेनं मिळालेलं हरामच खाणं त्यावेळी तो ब्राह्मण , बनिया, क्षत्रीय.असला तरी त्याने ब्राह्मणवाद सोडला असे मला वाटते... Salute सर
उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद के बिलग्राम थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय दलित नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना बेहद शर्मनाक, अमानवीय और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली है।
पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि बच्ची 22 जून से लापता थी, लेकिन सूचना देने के बावजूद पुलिस ने उसी दिन शिकायत दर्ज नहीं की और अगले दिन एफआईआर दर्ज की। 28 जून को बच्ची के मिलने के बाद, परिजनों के अनुसार, उसे अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। इसके बावजूद यदि उसका समय पर चिकित्सीय उपचार और मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया तथा महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उसे डराने-धमकाने की भी शिकायत है। ये आरोप अत्यंत गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
परिजनों का यह भी आरोप है कि मामले में प्रारंभिक स्तर पर POCSO अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधान भी लागू नहीं किए गए।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आखिर बेटियों को समय पर न्याय और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था कब मिलेगी?
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि पीड़िता को तत्काल सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, मामले की निष्पक्ष, समयबद्ध और प्रभावी जांच कर सभी आवश्यक कानूनी प्रावधानों, जिनमें POCSO अधिनियम और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की लागू होने वाली धाराएं भी शामिल हैं, के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पुलिस कर्मियों द्वारा लापरवाही, संवेदनहीनता या अनुचित व्यवहार पर सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़िता और उसके परिवार को शीघ्र न्याय मिले।
भीम आर्मी–आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की हरदोई टीम शुरुआत से ही पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है।
@CMOfficeUP
कुछ दिन पहले, राहुल मकासरे (वंचित बहुजन युवा आघाडी औरंगाबाद पश्चिम शहराध्यक्ष) ने मनुवादी RSS को औरंगाबाद में पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने बिना परमिशन लिए अपना स्टॉल लगाने का विरोध किया था और स्टॉल लगाने से रोक दिया था।
RSS के विरोध में अपनी बात पर अड़े रहने का राहुल का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। वीडियो में राहुल RSS से सवाल पूछ रहे हैं तुम्हारे पास परमिशन हैं क्या?
मनुवादी RSS इस अपमान को बर्दाश्त नहीं कर सकी और राहुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। राहुल किसी भी हिंसा में शामिल नहीं थे, फिर भी राहुल पर गैर-जमानती अपराध के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये पुलिस का मनुवाद है!
RSS वंचित बहुजन आघाडी से डरती है!
RSS वंचित बहुजन आघाडी की फुले, शाहू और अंबेडकरवादी विचारधारा से डरती है!
वंचित बहुजन आघाडी राहुल के साथ खड़ी है। हमने औरंगाबाद वंचित बहुजन आघाडी टीम को फर्जी एफआईआर दर्ज करने वाले जांच अधिकारी के खिलाफ एससी/एसटी एट्रोसिटी का मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है।
हमारा देश फुले, शाहू और अंबेडकरवादी विचारधारा से चलेगा, मनुवाद से नहीं!
जय भीम. जय संविधान. जय भारत.
RSS मुर्दाबाद! RSS मुर्दाबाद!
RSS ने भारतीय तिरंगे का विरोध किया!
RSS बाबासाहेब द्वारा दिए गए संविधान की जगह मनुस्मृति को देश का कानून बनाना चाहती हैं।
जब बाबासाहेब के दिये हुए संविधान को अपनाया गया, तो RSS ने न केवल उसका विरोध किया, बल्कि संविधान को जला के विरोध किया।
RSS समानता से नफ़रत करती हैं।
RSS दलितों, आदिवासियों और ओबीसी से नफ़रत करती हैं।
RSS बौद्धों, मुसलमानों और ईसाइयों से नफ़रत करती हैं।
RSS मुर्दाबाद! RSS मुर्दाबाद!
आज भी आरएसएस की विचारधारा दलितों, आदिवासियों, ओबीसी, अल्पसंख्यकों और समानता की बात करने वालों के खिलाफ खड़ी है। यह विचारधारा लोकतंत्र और संविधान दोनों के लिए खतरा है। जो संगठन नफ़रत पर टिका हो, उसे देशभक्ति का प्रतीक बताना राष्ट्र के साथ धोखा है।
In an historic event, Vanchit Bahujan
Aghadi organised a protest at the RSS headquarters of Aurangabad. While the protest gathered an overwhelming response, this landmark event is the first in the history of independent India where someone has dared to protest and challenge RSS, right outside their gates.
During the protest, we had intended to peacefully go to the RSS office and hand them three gifts.
Firstly, a copy of the Constitution of India - to make RSS follow, respect and conduct their activities under the guidelines of the constitution.
Secondly, our national flag - to tell the RSS to start hoisting the national flag in all their offices and to stop the RSS from observing 15th August as a black day.
And lastly, the Maharashtra Public Trust Act - to help the RSS( an unregistered organisation) to register themselves under the Indian law.
However, before we could reach them, the RSS members fled, claiming the office was closed. In the end, Aurangabad’s DCP accepted the gifts on their behalf.
This once again proves that the RSS still harbors hatred toward the Indian Constitution and the national flag and does not believe in them.
Only the Ambedkarites have the power and more importantly the ‘political will’ to defeat the RSS. And we will do so whatever it takes ✊🏽
आज औरंगाबाद शहरात वंचित बहुजन आघाडीच्यावतीने RSS च्या कार्यालयावर जनआक्रोश मोर्चा काढण्यात आला. हजारोंच्या संख्येने फुले, शाहू, आंबेडकरवाद्यांनी यात सहभाग घेतला.
आम्ही अत्यंत शांततामय मार्गाने RSSच्या कार्यालयात जाऊन त्यांना भारतीय संविधान, तिरंगा आणि महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्टची एक कॉपी देणार होतो, त्याच आधी RSS वाल्यांनी ऑफिस बंद असल्याचे सांगून पळ काढला. शेवटी औरंगाबादचे DCP यांनी ते स्वीकारले.
यातून पुन्हा एकदा हे सिद्ध झाले की, RSS अजूनही भारतीय संविधान, तिरंगा याविषयी द्वेष बाळगते, म्हणून ते समोर आले नाहीत.
◆ वंचित बहुजन आघाडी भारतीय संविधानाची प्रत आरएसएसला देऊ इच्छित होती, कारण, ते संविधानाचा आदर करत नाही!
◆ वंचित बहुजन आघाडी भारतीय ध्वज (तिरंगा) आरएसएसला देऊ इच्छित होती, कारण, ते भारतीय ध्वजाचा आदर करत नाही!
◆ वंचित बहुजन आघाडी आरएसएसला महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट कायद्याची प्रत नोंदणीकृत नसलेल्या आरएसएसला देऊ इच्छित होती जेणेकरून ते स्वतःची नोंदणी करू शकेल!
परंतु, आरएसएसने भारतीय संविधान, भारतीय ध्वज आणि महाराष्ट्र सार्वजनिक न्यास कायद्याच्या प्रती घेण्यासा नकार दिला.
ही लढाई मनुवाद विरुध्द फुले, शाहू, आंबेडकरवादी अशी आहे.
आजच्या ऐतिहासिक जन आक्रोश मोर्च्यात सहभागी झालेल्या सर्व फुले, शाहू, आंबेडकरवाद्यांचे धन्यवाद!
#जन_आक्रोश_मोर्चा #VBAForIndia
आज औरंगाबाद शहरात वंचित बहुजन आघाडीच्यावतीने RSS च्या कार्यालयावर जनआक्रोश मोर्चा काढण्यात आला. हजारोंच्या संख्येने फुले, शाहू, आंबेडकरवाद्यांनी यात सहभाग घेतला.
आम्ही अत्यंत शांततामय मार्गाने RSSच्या कार्यालयात जाऊन त्यांना भारतीय संविधान, तिरंगा आणि महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्टची एक कॉपी देणार होतो, त्याच आधी RSS वाल्यांनी ऑफिस बंद असल्याचे सांगून पळ काढला. शेवटी औरंगाबादचे DCP यांनी ते स्वीकारले.
यातून पुन्हा एकदा हे सिद्ध झाले की, RSS अजूनही भारतीय संविधान, तिरंगा याविषयी द्वेष बाळगते, म्हणून ते समोर आले नाहीत.
◆ वंचित बहुजन आघाडी भारतीय संविधानाची प्रत आरएसएसला देऊ इच्छित होती, कारण, ते संविधानाचा आदर करत नाही!
◆ वंचित बहुजन आघाडी भारतीय ध्वज (तिरंगा) आरएसएसला देऊ इच्छित होती, कारण, ते भारतीय ध्वजाचा आदर करत नाही!
◆ वंचित बहुजन आघाडी आरएसएसला महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट कायद्याची प्रत नोंदणीकृत नसलेल्या आरएसएसला देऊ इच्छित होती जेणेकरून ते स्वतःची नोंदणी करू शकेल!
परंतु, आरएसएसने भारतीय संविधान, भारतीय ध्वज आणि महाराष्ट्र सार्वजनिक न्यास कायद्याच्या प्रती घेण्यासा नकार दिला.
ही लढाई मनुवाद विरुध्द फुले, शाहू, आंबेडकरवादी अशी आहे.
आजच्या ऐतिहासिक जन आक्रोश मोर्च्यात सहभागी झालेल्या सर्व फुले, शाहू, आंबेडकरवाद्यांचे धन्यवाद!
#जन_आक्रोश_मोर्चा #VBAForIndia