कभी एथनॉल बनाने वाली फैक्ट्री के पास से गुज़र कर देखिए 1 KM के रेडियस में आप सांस नहीं ले पाएंगे ।
बात करेंगे प्रदूषण की ?
EV EV EV इतना चिल्ला रहे है ?
EV की बैटरी बनाने में और उसको डिकंपोज करने जितना प्रदूषण होता है उतना 10 पेट्रोल कार पूरे लाइफ में प्रदूषण करेंगी ।
Law of Conservation of Energy इस सरकार को पढ़ना चाहिए ।
ऊर्जा खर्च करेंगे तो तापमान उत्सर्जित होगा ही होगा।
सवर्णों याद रखना -: बिहार में भरत तिवारी के खिलाफ आयोजित होने वाला बहुजन पंचायत असल में भाजपा पंचायत है, भाजपा ने क्षेत्र में भारी तनाव के बीच इसके लिए अनुमति दिया है। और इस आयोजन में भाजपा के ही दिग्गज नेता हिस्सा बन रहें हैं जैसे -
1- जीतनराम मांझी (भाजपा नेता)
2- नागमणि कुशवाहा (भाजपा नेता)
3- शकलदेव बिंद (भाजपा नेता)
अब भाजपा बिहार में जातिवादी हवा देकर सामान्य वर्ग को अलग थलग करने का कुत्सित प्रयास कर रहा है और आप लोग अभी भी भाजपा का पोतांजलि कर रहे हैं कितने शर्म की बात है।
मेवात के जिहादी बाहुल्य गांव में गोरक्षकों ने जिहादियों के घर में घुसकर अपनी जान पर खेलकर गौमाता को उनके चंगुल से छुड़ाया ।
गौरक्षकों के लिए एक लाइक तो बनता है।
आर्य समाज को गाली देने वाले केवल गाली ही देते रह जाएंगे, वह कभी आम समाज के लिए जमीन और सड़क पर उतर कर नहीं आएंगे। बस वह वहीं दूर बैठकर आपको ऊंच और नीच का पाठ पढ़ाते रहेंगे। पर कभी आपकी रक्षा के लिए आपके घर पर नहीं आएंगे। यह कार्य भी केवल आर्य समाज और उसके विद्वान ही कर सकते हैं। आज का समाज स्वामी यशवीर महाराज का ऋणी रहेगा।
आयुष मालिक की घर वापसी पर सभी सनातनी को बहुत बहुत शुभकामनाएं।
जय आर्य। जय आर्यावर्त। कृण्वन्तो विश्वमार्यम्। 🙏
15 दिन पहले मैने बोल दिया था कि आयुष मुल्ला से मूल अवस्था में वापस लौट रहा है। ये एक दिन का प्रोसेस नहीं था। लगातार काउंसलिंग हुई, डिबेट हुई, तर्क वितर्क हुआ और जब आयुष को लगा कि वो लंबे समय से गलत व घृणित राह पर था।
@harshrajputin को काफ़ी टाइम से फ़ॉलो कर रहा हूँ ।
डिस्परेशन वाला वीडियो मेरा फेवरेट में से एक है ।
किंतु हर्ष राजपूत जैसे व्यक्ति को भरत तिवारी भावुक कर देगा मैंने सोचा नहीं था ।
भरत तिवारी को देर से मारा गया ।
जिस दिन उसने ज़मनिया गाँव के पीड़ितों के साथ हुए स्कैम को बताना शुरू किया था उसी दिन इस सिस्टम के लिए वो मर गया था ।
बिहार में खनन माफ़ियाओ का एनकाउंटर नहीं होता है , शराब बेचने वाले को हर शराबी जानता है तो हर पुलिस वाला भी जानता है और उससे शराब बेचने के लिए पैसे लेता है ।
बिहार के भ्रष्टाचारी पुलिस से तो आज आम जानता इतना डरती है के वो उतना डांकू और चोर से नहीं डरती है ।
"We will slaughter you like goats."
- Local Muslims to Brahmin family in Sant Kabir Nagar, UP.
Hindu Brahmin family is the only Hindu household among 50 Muslim houses in the area and facing death threats.
Muslim locals and Gram Pradhan are threatening to slaughter them like goats over drain dispute, confining women and harassing daily.
They called DM and SDM but no relief.
@Uppolice@santkabirnagpol
योगीजी मुझे बचाइए, मैं एक ब्राह्मण हूँ हमारे घर की
महिलाएँ यहाँ से बाहर भी नहीं निकलती
यहाँ मुसलमान लोग हमको घर से बाहर नहीं निकलने
देते हम कैसे जिये.? ग्राम प्रधान हमको जीने नहीं दे
रहे ग्राम प्रधान के सहयोगी मुसलमान लोग है
सनातनियों ये वीडियो योगीजी तक पहुंचाओ 🙏
माधुबनी का ये लड़का अपना गांव दिखा रहा है विकास का!
कीचड़ भरी गलियां, कच्चे रास्ते, बांस के झोपड़े... अरे वाह, देखो कितना विकास हो गया है! 😡
बिहार मे पुलिस की मनमानी की प्रतिदिन Video आती है पर किसी विधायक को ऐसे भ्रस्टाचार मे गिरफ्तार करते एक भी Video नहीं आती 🤔
जिस बिहार के मुख्यमंत्री को रोजगार महा पंचायत लगाना चाहिए वो जाती महा पंचायत लगा रहे है।
लालू जी बिहार के मुख्यमंत्री रहे कभी अपने जाति के लिए महापंचायत नहीं की।
नीतीश जी बिहार के मुख्यमंत्री रहे कभी अपने जाति के लिए महापंचायत नहीं की।
सम्राट चौधरी मुख्यमत्री बनते ही जाति महापंचायत सुरु कर दी।
"अगर तुम हिंदू-मुसलमान को लड़वाओगे, तो हम राम और कृष्ण को लड़वाएँगे।"
मुलायम सिंह के सपने को उनका बेटा पूरा कर रहा है। यही योग्य संतान के गुण होते हैं।
सोचिये, खुलेआम एक जाति का नरसंहार करने की मांग की जा रही है, लेकिन सब खामोश हैं!
अगर यही मांग किसी तथाकथित "शोषित वंचित" जाति के खिलाफ की जाती, तो क्या सब खामोश रहते??
यही बताता है कि इस देश में असल पीड़ित सवर्ण हैं!!
जीतन मांझी और नागमणिया जैसे जातिवादी चेहरों से भी ज़्यादा खतरनाक ये तीनों तलवाचाट हैं।
भाजपा के चाटुकार नेता आज तक शहीद वीर भरत तिवारी जी के लिए एक शब्द तक नहीं बोले।
इनकी चुप्पी ही इनकी असलियत है।
स्वर्ण और ब्राह्मण समाज से इन्हें कोई सरोकार नहीं, इन्हें सिर्फ़ कुर्सी की राजनीति से मतलब है।
ऐसे लोगों को अपने दुःख में साथ देने लिए चुना था,
समाज ऐसे मौकापरस्त चेहरों को कभी माफ़ नहीं करेगा।।