माधुबनी का ये लड़का अपना गांव दिखा रहा है विकास का!
कीचड़ भरी गलियां, कच्चे रास्ते, बांस के झोपड़े... अरे वाह, देखो कितना विकास हो गया है! 😡
बिहार मे पुलिस की मनमानी की प्रतिदिन Video आती है पर किसी विधायक को ऐसे भ्रस्टाचार मे गिरफ्तार करते एक भी Video नहीं आती 🤔
जिस बिहार के मुख्यमंत्री को रोजगार महा पंचायत लगाना चाहिए वो जाती महा पंचायत लगा रहे है।
लालू जी बिहार के मुख्यमंत्री रहे कभी अपने जाति के लिए महापंचायत नहीं की।
नीतीश जी बिहार के मुख्यमंत्री रहे कभी अपने जाति के लिए महापंचायत नहीं की।
सम्राट चौधरी मुख्यमत्री बनते ही जाति महापंचायत सुरु कर दी।
"अगर तुम हिंदू-मुसलमान को लड़वाओगे, तो हम राम और कृष्ण को लड़वाएँगे।"
मुलायम सिंह के सपने को उनका बेटा पूरा कर रहा है। यही योग्य संतान के गुण होते हैं।
सोचिये, खुलेआम एक जाति का नरसंहार करने की मांग की जा रही है, लेकिन सब खामोश हैं!
अगर यही मांग किसी तथाकथित "शोषित वंचित" जाति के खिलाफ की जाती, तो क्या सब खामोश रहते??
यही बताता है कि इस देश में असल पीड़ित सवर्ण हैं!!
जीतन मांझी और नागमणिया जैसे जातिवादी चेहरों से भी ज़्यादा खतरनाक ये तीनों तलवाचाट हैं।
भाजपा के चाटुकार नेता आज तक शहीद वीर भरत तिवारी जी के लिए एक शब्द तक नहीं बोले।
इनकी चुप्पी ही इनकी असलियत है।
स्वर्ण और ब्राह्मण समाज से इन्हें कोई सरोकार नहीं, इन्हें सिर्फ़ कुर्सी की राजनीति से मतलब है।
ऐसे लोगों को अपने दुःख में साथ देने लिए चुना था,
समाज ऐसे मौकापरस्त चेहरों को कभी माफ़ नहीं करेगा।।
1000 ब्राह्मणों के एनकाउंटर की बात करने वाले रुद्र प्रताप कुशवाहा पर FIR
कैमूर पुलिस ने हिंसा भड़काने वाले बयान के आरोप में दर्ज किया केस
अब देखते हैं उसकी गिरफ्तारी होती है या संरक्षण मिलता है……
वो वंदना है, जो सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर है। पहले वो अपने मुस्लिम बॉयफ्रेंड मणि मिराज के साथ वीडियो बनाती थी।
पिछले साल वंदना ने आरोप लगाया था कि मणि ने उससे धोखा किया, शादी का झूठा वादा किया और उसके साथ "लव जिहाद" किया।
उस समय सोशल मीडिया पर कई हिंदुओं ने उसका समर्थन किया था और कई हिंदू संगठनों ने भी उसकी मदद की थी। इसके बाद मणि मिराज जेल चला गया।
लेकिन जेल से बाहर आने के बाद दोनों के बीच का विवाद खत्म हो गया। अब दोनों फिर से साथ हैं, साथ में वीडियो बना रहे हैं, और वंदना अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स दीन के प्रचार प्रसार में पूरे मनोयोग से जुटी है
कोटा शहर…
हज़ारों लड़कियाँ…
एक टेलीग्राम ग्रूप…
ग्रूप का नाम… सनातनियों की नीलामी…
जिसमे 40,000 से ज़्यादा हिंदू लड़कियों के अश्लील विडियो मिलते हैं…
WhatsApp चैट में पचास से ज़्यादा मुस्लिम युवक धर्मांधता से सने हुए…
categorically हिंदू लड़कियों को निशाना बनाना…
पहला टार्गेट सैक्स करना, प्रेगनेंट करना…
दूसरा टार्गेट उसके ज़रिए आगे दूसरी लड़की को फँसाना
तीसरा टार्गेट सबके विडियो बनाकर ज़िंदगी भर ब्लैकमेल करना…
लेकिन दो चार मीडिया चैनलों के अलावा कहीं कोई कवरेज नहीं…
दो चार प्रमुख अख़बारों के अलावा कहीं कोई खबर नहीं…
ध्रुव राठी और रवीश कुमार जैसे लोग केरला स्टोरी जैसी चीजों को प्रोपोगेंडा बोलते हैं…
कोटा वाले केस के बारे में पूछकर देख लो…
इसे भी प्रोपोगेंडा कहेंगे…!!!
देखते हुए आँखें बंद कर लेना… इससे बड़ी कायरता और धूर्तता और कुछ नहीं…!!!
वैभव सूर्यवंशी के आयरलैंड जाने, उसके माता-पिता के उसके साथ जाने और हर मैच से पहले उसके नाम की हाइप बनाने के बाद भी, उसे अवसर न देना, बताता है कि मुंबई लॉबी या BCCI प्रतिभा की जगह PR को अधिक अहमियत देती है।
IPL में जिसने पाँच अवार्ड बटोरे, उसकी जगह वर्ल्ड कप के नगीनों को, जो IPL में इससे बेकार ही खेले, उसको दोनों मैच खेलाया जो अपनी जगह परफॉरमेंस के आधार पर तो नहीं ले सकते।
अब माहौल बनाया जा रहा है कि इंग्लैंड के विरुद्ध खेलने को उतारा जाएगा। संभव है कि कुछ लोग यह अवसर उसे यदि देंगे भी तो केवल इसलिए कि वह वहाँ की घसियाली पिच पर असफल हो जाए, और यह कहा जा सके कि ये तो केवल फ्लैट-ट्रैक बुली है।
जिसने स्टार्क-हेजलवुड-बुमराह-आर्चर आदि को सोंट-सोंट के छक्के मारे हों, उसे कोई भी लॉबी कितना ही दबा ले, वो उदीयमान हो कर रहेगा।
“बहुत सारी मस्जिदें मंदिर तोड़ कर बनी हैं, इसका मतलब ये तो नहीं कि उन्हें वापस मंदिर बना दिया जाये, आख़िर भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और वहाँ Places of Religious Worship नाम का क़ानून है”
~ भारत में पाकिस्तान का पूर्व राजदूत अब्दुल बासित कह रहा है कि पाकिस्तान एक इस्लामी मुल्क है, जो चाहे करे, पर भारत धर्मनिरपेक्षता के क़ानूनों से बँधा है
भारत में आज भी कई लोग इस व्यक्ति के ज़रिए “अमन की आशा” चलाने की कोशिश कर रहे हैं
>ब्रो का नाम मुकेश चौधरी है
>ब्रो नकुर विधानसभा यूपी से भाजपा विधायक है
>ब्रो ने लखनऊ से चंडीगढ जाने सुपरफास्ट में टिकट बुक कराया
>ब्रो को फर्स्ट AC में लोअर बर्थ नहीं मिली
>ब्रो नाराज हो गया और भोंगा पसार दिया
>ब्रो ने 15 मिनट तक ट्रेन नहीं चलने दी
>बाद में बहुत मुश्किल से ब्रो को लोअर बर्थ दी गयी
>ब्रो ने तब ट्रेन लखनऊ से आगे बढ़ने दी
>काश ब्रो जनता के कामों के लिए भी इतना जिद्दी होता
>काश देश का हर नागरिक सीट न मिलने पर रेल्वे से लड़ पाता
कल मेरे एक्सीडेंट का कारण बहुत तेज बाइक चलाना या यातायात नियमों का पालन न करना नही था।
बल्कि ये हर जगह चलने वाले E रिक्शा है।
इनको न कोई नियम फॉलो करना है न कुछ 25kph की रफ्तार से मेरी बाइक थी और मेरे सामने जा रही थी e रिक्शा और एकदम से मोड़ दिया उसने एक सवारी बिठाने के लिए और मंदिर के सामने गिरा,शायद माता रानी ने अपने गोद मे ले लिया क्योंकि मेरे just पीछे इनोवा थी।
अगर थोड़ा इधर उधर होता तो शायद मैं आप लोगो के बीच न होता।
@Uppolice@uptrafficpolice थोड़ा e रिक्शा वालो के लिए टाइट नियम बनाओ।।
क्योंकि ये कंही भी रोक देते है किधर भी मोड़ देते हैं।
थोड़ा ध्यान दे।
ट्रेन संख्या 12189 के A2 कोच में दो लोगों ने दबा के शराब पी है, एक महिला ने शिकायत की , RPF वाले आए और चले गए,
अब वो शराबी शिकायत करने वाली महिला को गंदी गंदी गालियाँ बक रहे हैं क्या RPF वाले किसी बड़ी घटना घटने का इंतजार कर रहे?
भरत तिवारी को अभी न्याय मिला ही नहीं था की तब तक उत्तर प्रदेश पुलिस के बेहद ईमानदार सिपाही श्री सुनील शुक्ल को भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने के लिए बर्खास्त कर दिया गया ।
ब्राह्मणों के बलिदान के दिन चल रहे हैं सबको एकजूट होना होगा भरत तिवारी के साथ साथ सुनील शुक्ल के लिए भी आवाज़ उठाना होगा । बेहद शालीन प्रवृति के ईमानदारी की प्रतिमूर्ति सुनील शुक्ल जी को सड़क, से संसद तक , कार्यपालिका से न्यायपालिका तक मदद की जायेगी आइए आप भी साथ दीजिए इस ईमानदार सिपाही सुनील शुक्ल का।
भरत तिवारी तो भ्रष्टाचार से लड़ते हुवे वीरगति को प्राप्त हो गए लेकिन सुनील शुक्ल को हमें बचाना होगा।
@myogiadityanath कृपया इस विषय का तत्काल संज्ञान लीजिए , अन्यथा ब्राह्मणों का वोट भूल जाइए ।
भारत तिवारी की माँ कें एक बार बोलने पर बिहार शाहपुर थाने का घेराव करने पहुंचे पंकज धवरैय्या।
बिहार में थाने घेराव से खलबली ,,
इंसाफ़ मिलेगा या नही भरत तिवारी जी को ...
यह ख़बर बड़ी या ब्रेकिंग नहीं है... क्योंकि ग़रीब का बच्चा है ? बंडा का मामला है ? जिसे आप मैप में भी खोज नहीं पाएंगे !
ख़ैर बंडा सरकारी अस्पताल में 19 महीने के बच्चे की आंखों में डॉक्टर ने कफ साफ करने वाला ड्रॉप डाल दिया उसके आंखों की रोशनी चली गई है...
ये स्वतंत्र भारद्वाज हैं और दिल्ली में रहते है। ये सोशल मीडिया पर सनातन धर्म और ब्राह्मणों के खिलाफ की जाने वाली टिप्पणियों का जवाब देने के लिए जाने जाते है।
इनके खिलाफ SC/ST एक्ट और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया जायेगा। ऐसी सूचना आ रही है। दरअसल 3-4 दिन पहले जंतर-मंतर पर एक लड़की आई थी। जो ख़ुद को हिंदू नहीं मानती। और सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां करती है। जिसे लेकर स्वतंत्र भारद्वाज की उस युवती के पिता से कहासुनी हो गई। और बात हाथापाई तक पहुंच गई। जिसमें लड़की के पिता के सिर पर चोट लग गई।
अब इसी घटना को लेकर खबर यह है कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ SC/ST एक्ट और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।