गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना - लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला!
इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उनपर खर्च किया है।
ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां?
क्या चुनाव आयोग जांच करेगा - या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके?
#VoteChori
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
नेहा सिंह:- CJP प्रोटेस्ट मे आपके हाथ मे जो डंडा था वो कहां से लेकर आए थे
स्वतंत्र:-(अपना जूता दिखाते हुए)
ये जो जूता आप देख रही हैं, ये दिल्ली पुलिस का जूता है 😳
नेहा:- क्या बात कर रहे 😳
स्वतंत्र:- हां, हम बिना फार्म भरे दिल्ली पुलिस बनकर चलते है, हमारे पास सब है दिल्ली पुलिस का 😳
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वाह दिल्ली पुलिस ये लडका तो गजब ही दावा कर रहा है !!
राहुल गांधी🔥— ईवीएम के बिना नरेंद्र मोदी चुनाव नहीं जीत सकते क्यूंकि राजा की आत्मा ईवीएम में है।
मैंने इलेक्शन कमीशन से कहा कि विपक्षी पार्टी को ये ईवीएम मशीनें दिखा दीजिए या मेरे एक्सपर्ट को दिखा दीजिए
लेकिन इलेक्शन कमीशन ने इसके लिए मना कर दिया।
मैं कह रहा हूँ ईवीएम चलाइए लेकिन पेपर की भी गिनती करिए , ईसी फिर कहता है कि कागज की गिनती नहीं होगी।
मैं कह रहा हूँ क्यों नहीं होगी ? कैसे नहीं होगी ?
मैंने सिस्टम को अंदर से देखा है इसीलिये मोदी जी मुझसे डरते हैं।
वैसे ही जैसे चीनी कम खाने के फायदे एक दीदी ने बताई थी तो आपकी भी ज़िम्मेदारी बनती है कि कागज़ के कप के फायदे बताये.. बात कागज़ के कप और गिलास की नहीं है बात एक सोंच की है और ये सोंच समाज और देश में कहीं न कहीं मौजूद है.. कई घरों में आज भी अलग अलग लोगों के लिए अलग अलग कप में चाय दी जाती है
ये दो कौड़ी के गरीब लोग चाहते तो पूरी सड़क ख़ाली पड़ी है वहाँ से बाइक निकाल सकते थे
लेकिन इनको किनारे से ही निकाल के सड़क ख़राब करनी है।
ग़रीब कहीं के!!
'हम तो स्कूल के अंदर नहीं गए हैं . हम तो उस पार्क के अंदर गए हैं , जहां ये स्कूल चल रहा है '
राजस्थान सरकार ने अपने को एक्सपोज कराने का खुद ही इंतज़ाम कर लिया है