@rail_seva@RailMinIndia@RailwaySeva Train Number 13306 is standing at Nimiaghat Halt since last 4 hours.There is no drinking water or food here.People are fainting over here.Small children are crying.This is an isolated place.Situation is dreadful and scary.Please do something urgently. @PMOIndia@narendramodi
@harshktweets मुझे ठीक ठीक याद नहीं आ रहा है लेकिन ठीक यही चेहरा 10 साल या 15 साल पहले हिंदी फिल्मों में एक खलनायक का हुआ करता था। कोई भाई नाम बताने का प्रयास करेंगे एकदम ठीक इसी के जैसा।
सोनिया गांधी की मदद भी बेकार चली गई? मुझे तो लगता है कि इस सब के पीछे कांग्रेस पार्टी का हाथ हो सकता है? विपक्षी पार्टियों ने राज्यों में कांग्रेस का ही तो जगह लिया था ना? ममता बनर्जी बंगाल से साफ हो जाएगी तो फिर वहां विपक्षी पार्टी के रूप में कांग्रेस ही तो रहेगी। इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश होगा? समाजवादी पार्टी से किसी भी तरह का गठबंधन करना आत्मघाती होगा! अगर राहुल गांधी को भारत का प्रधानमंत्री बनना है तो रास्ता तो उत्तर प्रदेश से ही निकलेगा! समाजवादी पार्टी भरोसेमंद पार्टी नहीं है! लालू जी को जाकर पूछिए! मुलायम सिंह यादव का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय था! लालू जी ने मना कर दिया
आपका नाम के टाइटल में तिवारी है। तो अगर मैं गलत नहीं हूं तो या तो आप बिहार की रहने वाली हैं या फिर उत्तर प्रदेश की। सरसों के खेत में नकल करवाने वाले बैठते थे बिहार और यूपी में। परीक्षा कक्ष की खिड़की खुली रहती थी। जो विद्यार्थी अंदर बैठकर परीक्षा लिख रहे होते थे उनके भाई उनके पिताजी खिड़की से पुरी की पूरी किताब ही अंदर उपलब्ध करवा देते थे। दो मंजिला मकान में जब परीक्षाएं होने लगी तो दो मंजिला मकान की खिड़की तक इतनी लंबी सीढ़ी जो कि दमकल विभाग के पास ही रहती है लगाकर नकल करवाया जाता था। धर्मेंद्र प्रधान ने व्यक्तिगत रूप से कोई घोटाला नहीं किया किसी से पैसे नहीं मांगे। अगर मांगे होते तो आजकल के सोशल मीडिया के जमाने में लोग 2 मिनट में पूरी कुंडली खंगाल लेते हैं। तब हुआ क्या? अधिकारियों से गलती हुई है! उसमें सुधार हो रहा है और जिनसे गलती हुई है उन्हें पकड़ा भी गया!
@ANI यह व्यक्ति अभी इतना प्रवचन दे रहा है खुद हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा का चुनाव हार गया था उस समय इसको बुद्धि नहीं थी। रिटर्निंग अफसर ने कह दिया मतलब कह दिया। घंटा उखाड़ लो।
सौरभ तुम लोगों को नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करना चाहिए। पूछो क्यों? नेहरू और एडविना के घनिष्ठ संबंधों के बारे में मोदी जी ने इतिहास के किताब में कोई अध्याय नहीं जोड़ा? सोनिया और राजीव के भी किस्से मोदी जी ने इतिहास के किताब में नहीं छपवाए। नेहरू के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी आक्रामक नहीं हो सकती। उनके कारनामे लोगों को पता है। शुक्रिया अदा करो मोदी जी का की अपने मुंह से उन्होंने वह बातें कभी कहीं नहीं एनसीईआरटी के किताबों में छपाई नहीं।
आप भारतीय सेना में थी इसीलिए मैंने खुलकर बहुत बातें नहीं लिखी। आपका आदर किया आपका सम्मान किया। लेकिन आपके लिखने के स्तर को देखकर समझ में आ गया कि आप सेना के लायक नहीं थी आप कांग्रेस पार्टी के ही लायक थी? अभी जब मैं यह लिखूं की एडविना के साथ नेहरू के रंगरेलियां वाले प्रोग्राम थे या नहीं? एडबीना के मौत के बाद लंदन के टेम्स नदी में गेंदा का फूल विसर्जित करने के लिए नेहरू कहा था कि नहीं? लेकिन मैं लिखूंगा नहीं! बहुत सी बातें और है। इसीलिए किसी व्यक्ति के निजी जीवन के ऊपर कमेंट करना अच्छी बात नहीं होती? हमें नेहरू जी मोदी जी की राजनीतिक उपलब्धियां उनसे क्या गलती हुई है ,के बारे में बात करनी चाहिए उनके निजी जिंदगी के बारे में नहीं। आप लोगों की आदत है जब तक अपने नेता की बेज्जती नहीं करवा लेते हैं तब तक सोशल मीडिया पर लिखते रहिएगा।
उस समय तो तुम राष्ट्रीय जनता दल में थी भी नहीं।जब लालू यादव तेल पिलावन रैली पटना में किया करते थे और उनके समर्थक उनके घर पर बांस के डंडों में तेल लगाया करते थे। और सभी प्रवक्ता वाह-वाह करते थे। अगर विश्वास नहीं है तो एक बार रबड़ी जी से जाकर पूछ लो? हालांकि निजी तौर पर अगर मुझे पूछा जाए तो ना तो यह कीर्तन भजन सही है और ना तो लालू की वाहवाही सही थी।
कांग्रेस पार्टी की ऐसी विश्वसनीयता भारत में है नहीं कि वह कोई बहुत बड़ा आंदोलन खड़ा कर सके। प्रयास कर लिया किसान आंदोलन के समय में और भी बहुत सारे समय पर। हाल फिलहाल में भी तो जंतर मंतर पर अरविंद केजरीवाल कांग्रेस सब साथ में थे। दूसरी बात रिटर्निंग ऑफिसर के अधिकार को कोई चुनौती नहीं दे सकता। तुम लोगों की समस्या है की चीजों की जानकारी तो रहती है नहीं सोशल मीडिया पर कुछ ना कुछ लिख देना है। और अगर रिटर्निंग ऑफिसर से गलती हुई है तो सुप्रीम कोर्ट जो सोशल मीडिया पर प्रवचन देने से होगा? चौकीदार चोर है और राफेल साथ में पीगैसस के मामले पर तो सुप्रीम कोर्ट गया था ना क्या उखाड़ लिया?
John Mathai and subsequently N.Goplalaswamy Aiyangar were transport ministers during famous जीप घोटाला in Nehru's cabinet. तुम लोगों की समस्या यह है कि पार्टी से ऊपर नेहरू के खानदान को मानने लगते हो।तुम्हें लगता है कि जनता को उनके घोटाले की जानकारी नहीं है। बेज्जती करवा ली ना जवाहरलाल नेहरू की? मैं थोड़े ना लिखना चाह रहा था! जहां तक रही धर्मेंद्र प्रधान की तो धर्मेंद्र प्रधान ने कोई पैसे नहीं खाए कोई घोटाला नहीं किया कोई स्कैम नहीं किया एनटीए और सीबीएसई के कुछ अधिकारियों से गलती हुई है। घोटाले करना और गलती करना दोनों में जमीन आसमान का फर्क होता है।
@AnumaVidisha सेना में काम कर चुके लोगों को राजनीति में इसलिए नहीं आना चाहिए क्योंकि जनता की नजर में उनका कद राजनेता से ऊपर होता है। समूचे बहुजन समाज पार्टी को जब अशोक गहलोत ने कांग्रेस में शामिल कर लिया था वह घटना आपको याद नहीं है?
What is your credibility? चुनाव परिणाम से एक दिन पहले शायद एबीपी न्यूज़ था जिस पर आप भी थे और आप जिस तरह की बातें बोल रहे थे उसमें पत्रकारिता कहीं नहीं थी। लोकसभा चुनाव का परिणाम आने वाला था। यूट्यूब पर तो वीडियो होगा ही इसीलिए मैं भेज नहीं रहा। मुझे आश्चर्य इस बात की हुई की जी प्रभु चावला को हम लोग आज तक पर देखा करते थे और सच्चा पत्रकार मानते थे उनकी ऐसी प्रतिक्रिया। अगर आप मेरी बातों से सहमत नहीं है तो बोलिए फिर मैं यूट्यूब से ढूंढ करके आपको वह वीडियो भेजूंगा तो आपको लगेगा कि यार सच में मैंने ऐसी बातें बोली थी। जानते हैं प्रभु जी वह प्रभाष जोशी सुरेंद्र कुमार वाली पत्रकारिता उन लोगों के साथ ही चली गई। सोशल मीडिया ने एक काम बहुत अच्छा किया की सभी पत्रकारों की सच्चाई जनता के सामने परोस दी। तो अब आपका झुकाव किस राजनीतिक दल की तरफ है यह जनता को अच्छी तरह पता है। बंगाल चुनाव का ऐसा परिणाम आया था क्या 4 तारीख से पहले किसी पत्रकार ने क्यों नहीं बताया कि बंगाल में सुनामी आ रही है? यह पब्लिक है सब जानती है!
पत्रकार महोदय वहां की जनता को तो ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी में कमियां नजर आई ना? नहीं तो ऐसी करारी हार तो नहीं होती! लेकिन जो दिल्ली के दरबारी पत्रकार थे उन्हें 4 मई से पहले जनता का ये भारी असंतोष क्यों नहीं दिखाई दिया? दूसरों की बात आप जाने दे!क्या आपने किसी चैनल में 4 तारीख से पहले ये बात बताया था कि ममता के खिलाफ जनता बहुत गुस्सा है? दो ही बातें हो सकती है या तो भारत की जनता किस तरह सोचती है यह आपको पता नहीं था नहीं तो फिर आप ममता बनर्जी का समर्थन कर रहे थे? @SuvenduWB@amitmalviya@NitinNabin
Not done Mr.Minister. @dpradhanbjp@ajeetbharti@EduMinOfIndia@PMOIndia People of India have not voted them, but they have voted you to power. Don't over expose yourself. In politics perception matters. 21 जून को जब नीट की परीक्षा हो जाएगी आपको मोरल हाई ग्राउंड लेकर इस्तीफा दे देना चाहिए!साथ में जब तक जांच पूरी नहीं हो जाए दोषी पकड़े नहीं जाए तब तक आप मंत्री के रूप में काम ना करें ये पार्टी के हित में होगा! जिस दिन दोषी व्यक्ति पकड़ा जाएगा उसे जेल होगी आपका कद जनता की नजरों में और ऊंचा हो जाएगा? राजनीतिक व्यक्ति के लिए मंत्री का पद पार्टी से ऊपर नहीं होना चाहिए! पार्टी का हित क्या है यह निर्णय आपको करना है? एक बार लालकृष्ण आडवाणी जी ने भी मोरल हाई ग्राउंड लेकर इस्तीफा दिया था। इससे कद कोई छोटा नहीं हो जाता! @narendramodi@amitmalviya@AmitShah अगर मोदी जी ने आपको इस्तीफा देने से रोका है तो फिर उनसे ज्यादा तो मैं नहीं जानता।
इसका एक और पहलू है। जो इससे ज्यादा गंभीर है। भावना में बहने से काम चलेगा क्या? मेरी जानकारी में यह जमीन उन्हीं की है जिनकी होनी चाहिए मतलब स्थानीय लोगों की ही जमीन है। लेकिन ये लोग चालाकी क्या करते हैं की एग्रीमेंट करके बाहरी लोगों से पैसा ले लेते हैं और उनको जमीन दे देते हैं! कानूनी रूप से तो गलत है लेकिन उनके बारे में भी सोचना होगा जिनसे स्थानीय लोगों ने पैसा ले लिया।मेरी जानकारी के हिसाब से यह पैसा कभी-कभी 30 लाख तक जाता है।
अशोक गहलोत ने राजस्थान में पूरी की पूरी बहुजन समाज पार्टी को ही निगल लिया। जनता को यह चीज बताया जाना चाहिए की सबसे पहले बामपंथी दलों को कांग्रेस में अपने साथ मिल लिया था तो शुरुआत तो कांग्रेस ने ही की थी। अभी जब महागठबंधन की सरकार बिहार में थी तो ओवैसी की पूरी पार्टी को कांग्रेस वाले महागठबंधन ने अपने साथ शामिल नहीं किया था? मीडिया बिना वजह भारतीय जनता पार्टी को इस चीज के लिए बदनाम करती है!