मेरे और मेरी पत्नी के वोटर आईडी कार्ड में नाम और उम्र दोनों गलत थे। 2000 ई से लगातार प्रयास करते रहे कभी करेक्शन नहीं हुआ। इस बार के SIR में एक फॉर्म ऑनलाइन भर दिया। 10 दिन के अंदर करेक्शन हो गया और कुछ दिन बाद नया एपिक कार्ड बनकर भी चला आ��ा। मेरी राय में SIR एकदम सही है।
@SushantBSinha यदि इलेक्शन कमीशन ने गैरकानूनी काम किया है तो विपक्षी पार्टियों को कोर्ट में जाकर उसका प्रमाण देना चाहिए। हंगामा करने से क्या होगा। राहुल गांधी कोर्ट में प्रमाण क्यों नहीं देते हैं। हम ललित कुमार जी के बातों से सहमत हैं।