इन्हें हरकतों से तो इन लोगों की पहचान स्थापित होती है समझ में की यह लोग साले किस तरफ खड़े हैं यह लोग देश के गद्दार हैं लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटना चाहिए
भारतीय वामपंथियों ने न्यूयॉर्क के मेयर बने ममदानी के लिए 1000 ट्वीट किए।
भारतीय वामपंथियों ने स्पेन के खिलाड़ी लामिन यमाल के लिए 1000 ट्वीट किए।
भारतीय वामपंथियों ने मोरक्को की फुटबॉल टीम के लिए 1000 ट्वीट किए।
भारतीय वामपंथियों ने ग्रेटा, मलाला, इल्हान उमर आदि के लिए 1000 ट्वीट किए।
लेकिन इनमें से किसी ने भी भारतीय नायक, फ्लाईदुबई के कप्तान स्मित मच्छर के लिए पोस्ट नहीं किया, क्योंकि वे हिंदू हैं और उनकी धर्मनिरपेक्षता की विचारधारा के अनुकूल नहीं बैठते।
राहुल गांधी की दिहाड़ी पर ऐसी गुंडागर्दी चल रही है जिस मामले पर इंडियन एक्सप्रेस ने कहानी को स्वयं समाप्त कर दिया है अपने पत्रकारों की गलती मान ली है उसे पर राहुल गांधी के दिहाड़ी मजदूर लगे हुए हैं यह लोग सड़क पर लात खाना चाहते हैं भाई दो इनको कोई घेर के पीटो साले को
*जीबी रोड की पैदाइश*
*कांग्रेसीयो की नीचता देखिए*
*CEC ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर*
*जहां सिर्फ उनके बुजुर्ग माता-पिता रहते हैं*
*वहाँ मुर्दाबाद वोट चोर के नारे लगा रहे है*
*इनकी हैसियत*
*ज्ञानेश जी के आवास पर जाने की नहीं*
*तो उनके माता-पिता को परेशान कर रहे हैं
जो कुर्सी पर बैठा है, वह अनुब्रत मंडल हैं
TMC का बाहुबली नेता
TMC की सरकार में इतना ताकतवर था कि स्वयं ममता बनर्जी मुख्यमंत्री होते हुए भी डरती थी
आज इनका हाल देखिए
2-4 लोग हाथों में डंडा लेकर आएं और हालत खराब
मोदी विरोध में कुंठा ग्रस्त हो गई कांग्रेस
कांग्रेस की कुंठित राजनीति को लेकर बिहार वाले सत्य प्रकाश मिश्रा ने जो कहा
वो कांग्रेसियों का मुंह बंद करने के लिए काफी है।
#Congress#Modi#Bihar#SatyPrakashMishra#CongressPolitics
हिजाब और बुर्के में कैमरा छुपाकर PWD का परिक्षा
देने मुस्लिम महिलाएं पहूंच रही है।
लेकिन दिक्कत मंगलसूत्र और कलावा से हैं?
आखिर कब हिजाब और बुर्के पर प्रतिबंध लगेगा?
बुर्के की आर में बहुत से गलत काम होते हैं।
बुर्का और हिजाबों पर प्रतिबंध लगें
"छेड़खानी करने दो वरना SC/ST एक्ट लगा दूँगा!"
बरौआ ग्राम, ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में अतिथि शिक्षक "मुकेश रावत" महिला शिक्षिका से छेड़खानी कर रहा था।
शिक्षिका की शिकायत पर जब पुलिस टीम स्कूल पहुँची और आरोपी शिक्षक को पूछताछ के लिए थाने ले जाने लगी, तो उसने पुलिस से भी हाथापाई करना शुरू कर दिया।
और पुलिस को धमकाते हुए कहने लगा कि हाथ भी मत लगाना, वरना तुम लोगों पर SC/ST एक्ट लगा दूँगा।
इन्हें परीक्षा में चोरी करने दो वरना SC/ST एक्ट लगा देंगे।
इन्हें घरों में चोरी/डकैती करने दो वरना SC/ST एक्ट लगा देंगे।
इन्हें छेड़खानी करने दो वरना SC/ST एक्ट लगा देंगे।
इन्हें बलात्कार करने दो वरना SC/ST एक्ट लगा देंगे।
इन्हें खुलेआम ब्राह्मण/क्षत्रिय/बनिया को गालियाँ देने और नरसंहार की बात करने दो वरना SC/ST एक्ट लगा देंगे।
इन्हें हिंदू देवी-देवताओं को अपशब्द बोलने दो वरना SC/ST एक्ट लगा देंगे।
सोचिए, मात्र 22 साल का लड़का था देवा द्विवेदी। 22 साल क्या age होती है? कॉलेज का लड़का, पढ़ने-लिखने वाला और ब्राह्मण था और मोदी एक्ट, जिसे SC-ST Act भी कहा जाता है कुछ लोगों के द्वारा, उसमें उसे फँसाया गया और अंत में उसने आत्महत्या कर ली।
अब एक और नाम याद आता है, विष्णु तिवारी का। विष्णु तिवारी वो भी 22 ही वर्ष के थे। जब वो आगरा सेंट्रल जेल से बाहर निकले तो 45 के हो चुके थे।
माता-पिता, दो भाई की मृत्यु हो चुकी थी, परिवार की ज़मीन बिक गई और रिहाई के बाद उनके सामने फिर से जीवन आरंभ करने का प्रश्न खड़ा हो गया।
सरकार को समझना चाहिए कि सबके सहने की एक सीमा होती है, और उसके बाद आम नागरिक क़ानून अपने हाथ में लेने लगता है।
तस्वीर में रास्ते पर दिख रही चार पहिया वाहन सिर्फ एक गाड़ी मात्र नहीं है. ये पावर की हनक का नंगा प्रदर्शन है. जो बीते 24 घंटे से झारखंड की राजधानी रांची के सबसे पॉश इलाके में जारी है. यह नंगई कोई क्रिमिनल नहीं बल्कि देश का सबसे बड़ा एग्जाम यूपीएससी क्वालीफाई कर के समाज सुधारने निकला एक आईपीएस का है. नाम प्रियदर्शी आलोक है, हनक वाले साहेब रेल डीआईजी हैं. 24 घंटे के इंतजार के बाद यह लिख रहा हूं. उम्मीद थी कि साहेब को शायद यह एहसास हो कि जो कर रहे हैं, वह सही नहीं है. जो नहीं हुआ. पावर की गर्मी जब दिमागी गर्मी बन जाए तो आदमी वही करता है जो उसे नहीं ही करना चाहिए. प्रियदर्शी साहब वही कर रहे हैं. दरअसल आईपीएस प्रियदर्शी आलोक ने अपनी सरकारी गाड़ी जिसे आप तस्वीर में देख रहे हैं पत्रकार सैयद शारीफ इब्राहिम के घर से निकलने वाले रास्ते पर खड़ी कर दी है. जिसके कारण रास्ता ब्लॉक हो गया है. पत्रकार इब्राहिम का पूरा परिवार अपने ही घर के कंपाउंड में कैद हो गया है. पूरा परिवार इस आईपीएस के सनकपन से घबराया हुआ है. जिम्मेदार लोगों को हस्तक्षेप कर इसका समाधान निकालना चाहिए.
@HemantSorenJMM
भारत में जब कोई अवैध मजहबी ढांचा तोड़ा जाता है तो भारत से लेकर विदेशी मीडिया तक खबर चलती है कि देखो भारत में अल्पसंख्यकों के साथ क्या हो रहा है |
लेकिन जब बांग्लादेश में हिंदू राइट एक्टिविस्ट महिला चैताली चक्रबर्ती के साथ बांग्लादेशी मजहबी भीड़ खुले आम कैमरा के सामने बत्तमीज़ करती है | 😡😡
तो मामला सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर चलने के बावजूद इंटरनेशनल मीडिया चैनल्स में से एक भी बांग्लादेशियों की इस हरकत को कवर नहीं करता |😡😡
हिंदुओं अगर इंटरनेशनल मीडिया बांग्लादेश में हुए हिंदू राइट एक्टिविस्ट के साथ बत्तमीजी कवर नहीं कर सकती तो हम खुद इसको @republic और @aajtak जैसे इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म तक पहुंचा सकते हैं |