एक बुजुर्ग स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का कहना है कि, अभी देश में लोकतंत्र शेष नहीं रह गया है | अब तो एक ऐसा षडयंत्र चल रहा है जिसे देशवासी सरकार की अकड़, रगड़ और जकड़ से अनुभव कर रहे हैं | वो बुजुर्ग आश्वस्त हैं, शीघ्र ही अकड़ खत्म होते ही रगड़ और जकड़ से भी मुक्ति मिल जाएगी !
अधिक समय मिलने के बावजूद ..
'बौने' मोदी भले ही 'विशाल' नेहरू का कोई रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए हों,
मगर ...
भ्रष्ट चुनाव आयुक्त #ज्ञानेश_कुमार ने तो पाकिस्तान के एक पुराने सबसे भ्रष्ट क्रिकेट एम्पायर #शकूर_राणा की बेमिसाल बेईमानी का रिकॉर्ड पूरी तरह से तोड़ ही दिया है !
जब कोई पाखंडी गिरोह एक सच्चे और अच्छे इंसान छवि बिगाड़ने में ही अरबों रुपए खर्च कर दे और फिर भी वो सच्चा और अच्छा इंसान पहले से ज्यादा मजबूत होकर निकल आए तो समझ लेना सच ने अपनी राह बना ली है, अब झूठ और झूठों की खैर नहीं है |
अब यह तय करने का वक़्त आ ही गया है कि, हमें सत्ता के मद में अंधे हुए झूठे और स्वार्थी सत्ताधीशों की छत्र-छाया में ही पलते रहना है, या फिर परमार्थ के लिए प्रतिबद्ध प्रमाणित, स्थापित और प्रतिष्ठित सत्य सनातन धर्म ध्वज वाहकों ( धर्माचार्यों ) के साथ दृढ़ता से खड़े रहना है |
दरअसल मोदी महाशय शुरू से ही हीनताबोध के शिकार रहे हैं, गरीब और गरीबी को हिकारत की नजर से देखते हैं, 'रईसी' उन्हें ललचाती है, वे गरीब और गरीबी को सिर्फ सत्ता की सीढ़ी समझते हैं, संवेदना का पात्र नहीं |
क्या आपको भी ऐसा लगता है कि, रावण अपने पूरे दस मुंह से भी जितना झूठ नहीं बोल पाया था, उससे कहीं बहुत ज्यादा झूठ तो, कोई आदमी अपने एक मुंह ही से बोल सकता है ?
कौन कह सकता है कि, @himantabiswa आज और अभी पागल नहीं है ? ये बात अलग है कि, पागलों के सिर पर सींग नहीं उगते नहीं तो, सबूत की भी कहीं-कोई कमी नहीं रहती |
और हाँ ... @RahulGandhi के किसी भी 'बंदोबस्त' की तो सोचना भी मत !!
राहुल गांधी की माता पर अभद्र टिप्पणी करने वाले का नाम नरेंद्र मोदी है | लेकिन, नरेंद्र मोदी की माता पर अभद्र टिप्पणी करने वाले का नाम राहुल गांधी बिलकुल नहीं है | परवरिश, संस्कारों और शिक्षा में स्पष्ट अंतर है | सिर्फ और सिर्फ बिहार चुनाव के लिए मोदी #सहानुभूति_कार्ड खेल रहे है |
जशोदा बेन को धोखा देने वाले की फिर से वही कर्कश और कपट भरी आवाज, जैसे करेला उपर से नीम चढ़ा | अरे जिसने गाली दी, उसे पकड़ो, लेकिन ! बचना तो वो भी नहीं चाहिए जिसने "जर्सी गाय", "कॉंग्रेस की विधवा", "पचास करोड़ की गर्ल-फ्रेंड" और "दीदी ओ दीदी" जैसे घटिया तंज कसे थे !