आरक्षण के साथ कोर्ट के ज़रिए छेड़छाड़ करने की शेख़ हसीना की नापाक कोशिश में एक सरकार चली गई और अच्छा भला चल रहा देश जल गया।
इसलिए,
संभलकर।
आराम से।
कोर्ट के ज़रिए कभी नहीं।
हमेशा संसद के माध्यम से।
अधिकतम आम सहमति बनाकर।
ज़्यादा चालाकी अच्छी बात नहीं है।
बहन मायावती ने जो कहा है वह आज करोड़ों घरों में सुना जाना चाहिए।
डाउनलोड करके हर जगह चलाइए। ये संविधान बचाने का समय है। ये इमरजेंसी 🚨 है। आरक्षण ख़त्म हो रहा है। बचा लीजिए। अपने लिए। अपने बच्चों के लिए। सरकार पर दबाव डालिए। इसी संसद सत्र में संविधान संशोधन चाहिए। @AMITGAUTA25
चंद्रचूड़ ने देश के संविधान की धज्जियाँ उड़ा दी हैं। उनका पद पर बने रहना राष्ट्र हित में नहीं है। वे अपने फ़ैसले से देश में सामाजिक उत्पात मचाना चाहते हैं। सहमत हैं तो ट्वीट करें।
#DismissChandrachud
भाई सुप्रीम कोर्ट। ये पचास साल पुराना भारत नहीं है जब अबोध जनता आपको देवता मानती थी। जनता संसद की सर्वोच्चता क़ायम करके रहेगी। आपका मन कर रहा है क़ानून बनाने का तो चुनाव लड़कर सरकार बना लो।
#SaveReservation
ट्वीट करें: भारत के चीफ़ जस्टिस का बेटा होने के अलावा चंद्रचूड़ में ऐसी कौन सी ख़ासियत है कि वे आज भारत के चीफ़ जस्टिस हैं? असंवैधानिक तरीक़े से आए ऐसे लोगों से आरक्षण और संविधान को बचाइए। #SaveReservation
वाराणसी में नामांकन फॉर्म प्राप्त करने की प्रक्रिया इतनी जटिल कर दी गई है कि फॉर्म लेना बहुत ज़्यादा मुश्किल हो गया है, घंटों लाइन में लगने के बाद चुनाव कार्यालय से कहा गया कि आप दस प्रस्तावकों के आधार कार्ड की कॉपी (हस्ताक्षर समेत) और उनके फ़ोन नंबर पहले दीजिए तभी फॉर्म के लिये ट्रेज़री चालान फ़ॉर्म मिलेगा। जबकि ऐसा कोई प्रावधान चुनाव आयोग के नियमों में नहीं है। मैं माननीय चुनाव आयोग @ECISVEEP से प्रार्थना करता हूँ कि वो वाराणसी ज़िला प्रशासन को उचित दिशानिर्देश देकर, इस देश के लोकतंत्र में हमारे विश्वास को मज़बूती दें 🙏🏽