झारखंड, रांची में स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट का यह वीडियो अभी रात 1.15 मिनट का है।
स्टूडेंट्स पहले टैंट के नीचे रातें गुजार रहे थे, पर झारखंड सरकार ने उनके तंबू भी उखड़वा दिए। बारिश में तिरपाल ओढ कर स्टूडेंट्स रात को भी धरने पर बैठे रहे। और अब स्थितियां की लाइटें भी काट दी गई हैं।
प्रदर्शन स्थल पर घुप्प अंधेरा है और सर छिपाने को सिर्फ एक चादर या तिरपाल।
वीडियो रांची के मित्र जॉनी वॉकर खान जी ने भेजा है।
झारखंड में छात्रों के मशाल जुलूस के दौरान एक दिलचस्प और भावुक दृश्य देखने को मिला।
रास्ते में एक मंदिर से भजन की धुन सुनाई दी। सावन का पवित्र महीना है। हजारों छात्र कुछ पल के लिए रुक गए और भोलेनाथ की भक्ति में झूम उठे। यह दृश्य बताता है कि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष और अपनी आस्था, दोनों साथ-साथ चल सकते हैं।
शायद यही वजह है कि हिंदू विरोधी राजनीति करने वाले, देश को तोड़ने का सपना देखने वाले, गाली-गलौज और अराजकता की राजनीति करने वाले विपक्ष के नेता और उनके गुर्गे आज तक झारखंड के छात्रों के हित की बात करने से बच रहे हैं।
जब आंदोलन उनकी राजनीतिक पटकथा के मुताबिक नहीं होता, जब उसमें भारत विरोधी नारे नहीं लगते, जब उसमें अपनी आस्था पर गर्व करने वाले छात्र होते हैं, तब उनके लिए छात्रों का संघर्ष भी महत्वहीन हो जाता है।
झारखंड के छात्रों का आंदोलन उनकी इस दोहरी मानसिकता को बेनकाब कर रहा है.
कर्नाटक में कांग्रेस की नई कैबिनेट में एक भी ब्राह्मण मंत्री नहीं। यह जिसकी जितनी संख्या भारी के सिद्धांत का भी उल्लंघन है। तीन मुसलमान कैबिनेट मंत्री हैं। ऊपर से विधान परिषद का अध्यक्ष पद भी मुसलमान को गया है। यह भी जिसकी जितनी संख्या भारी का उल्लंघन है।
कांग्रेस नई मुस्लिम लीग है।
एक भी महिला मंत्री नहीं है। जो शायद आज तक कभी कहीं नहीं हुआ। ओबीसी की भी सिर्फ़ 4 जातियों को जगह मिली है। संख्या भी बहुत कम है। अति पिछड़े सिर्फ़ तीन हैं। ऐसा कैसे चलेगा?
@rajuparulekar मैंने ये बार बार नोटिस किया है कि लोग अपना काम छुपाने के लिए दूसरों पे आरोप लगा देते है ताकि उनको जवाब देने की नौबत ही ना आए।
साला पोर्न एडिक्ट।
20 जुलाई की हिंसा के लिए बार बार पुलिस को जिम्मेदार ठहराने वालों को ज़रा ठहर कर जंतर मंतर के प्रदर्शनकारी नेताओं और डीसीपी सचिन शर्मा के बीच चल रही इस बातचीत को भी सुनना चाहिए। तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं।
सचिन शर्मा साफ साफ कह रहे हैं कि भीड़ बढ़ रही है और इस भीड़ में कुछ असामाजिक तत्व भी हैं, आपके वॉलंटियर्स कहां हैं ? आप उन्हें कहें कि स्टूडेंट्स को समझायें, कंट्रोल करें।
अगर इसके बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी के नेता खुद सुरक्षित "गुफाओ" में बैठे रहे और भीड़ को अनियंत्रित होने दिया तो साफ है कि ये लोग खुद चाहते थे हिंसा भड़के और कुछ लोग मारे जाएं। ताकि इनका आंदोलन "सफल" हो!
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का ऐतिहासिक कार्य 👇
हृदय संबंधी रोगों से जूझ रहे 280 बच्चों का पटना के मेदांता हॉस्पिटल में होगा फ्री इलाज
आज फेस-1 के तहत 40 बच्चों का इलाज हुआ शुरू
दिल्ली और कनाडा से बुलाए गए हैं हृदय विशेषज्ञ
जिसकी सेहत को लेकर लोग मजाक बना रहे थे आज बिहार का स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए भी निशांत कुमार बहुत ही शानदार कार्य कर रहे हैं।
"Double Standards: Those who had bullets fired at Ram devotees, Those who didn't contribute a single paisa for Ram Mandir Construction...are now preaching about the alleged theft of donation funds"
Minimum words, Maximum impact🔥
@umashankarsingh मतलब साफ है बीजेपी जिसे चाहे जीता सकती है जिसे चाहे हरा सकती है।
अब ये सोचो की इनकी प्लानिंग कितनी एडवांस होगी जो ये कर पा रही है और मेहनत भी कितनी सटीक होगी कि वोटबैंक भी बनी रहे।
बिल्कुल तर्क विहीन हो गए हो तुम लोग।
@ranvijaylive महत्वपूर्ण ये नहीं कि उसे लाया गया है महत्वपूर्ण ये है कि तुम लोगो का चु@#$टिया कितने लंबे समय से कट रहा है।तुम लोग जानते नहीं हो किससे पाला पड़ा है।
नहीं जानते हो तो गुजरात जा कर वहां के पत्रकारों से पूछो।तुम लोग ये सब रिजल्ट आने के बाद समझ रहे हो।pk की कुंडली ही उसने लिखी ही।
@Mrsinha Don't worry Mr.Sinha.There are so many party workers in BJP who can perform perfectly. But this is BJP where one person represents his thought and other starts to make it complete. You will see next generation doing perfect job like modiji.
और फिर योगीबाबा तो कही गए ही नहीं है।
@AnishKumarShu17@KreatelyMedia कुछ दिन पहले बिहारवालोने अहंकार को बहुत भारी मार्जिन से जिताया था,याद है न। और ये उपचुनाव है। विधानसभा के चुनाव नहीं शुक्लाजी।