आज संवर्ग बिहार राज्य डाटा इंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में संवर्ग की एकल मांग “विभागीय सेवा समायोजन” को लेकर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई है। इसमें चरणवद्ध आंदोलन के साथ सरकार को चेतावनी देने का काम किया जाना है।
📍 स्थान: बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, पटना
01 PM
Patna : 31 अक्टूबर तक वेतनमान-राज्यकर्मी का दर्जा नहीं तो कामकाज ठप, बिहार के 20 हजार डाटा ऑपरेटरों का सरकार को अल्टीमेटम, देखिए संवाददाता रजनीश कुमार की रिपोर्ट।
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राज्यभर में @bsedc द्वारा कार्यरत सभी कर्मियों का वेतन पिछले 3 महीनों से लंबित है। #बिहार_सरकार और #बेल्ट्रॉन के वरिष्ठ पदाधिकारी इसके लिए पूर्ण जिम्मेदार है। 20000 अल्प वेतनभोगी परिवार की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव पड़ रहा है। यथाशीघ्र नीतिगत फैसले लें।
@officecmbihar@samrat4bjp
#Beltron पर पहली पोस्ट से ही लगा कि समस्या बहुत ही गंभीर है. #Urmila के Payroll Management System से बहुतों को शिकायत है. सच जानना जरुरी है. आप [email protected] पर Mail कर समस्या तथ्य और प्रमाण के साथ बताएं. पहले समझते हैं, फिर नए मुख्य मंत्री के बनने पर नई सरकार में आपकी बातों को पहुंचाने का प्रयास करेंगे. Facebook और X पर साथ बने रहें.
Manpower Outsourcing Tender: IAS लॉबी में जीत की जंग है. दोनों ओर ही नहीं कई ओर हैं. लेकिन, सरकार भी इस बार Beltron को Urmila के कब्जे से मुक्त कराना चाहती है. बहुत बदनामी हो चुकी है. केस-मुकदमे भी. अविनाश सबको नचा देते हैं, कहा जाता है. श्रम विभाग में भी मामला फंस गया है. मुक्ति को बंद फाइलें तैयार हो रही है, लेकिन खरीद के तराजू का वजन भी बहुत बढ़ा दिया गया है. देखिए, आगे-आगे क्या होता है ?
उर्मिला के ख़िलाफ़ पिछले दो वर्षों में मैंने आधा दर्जन शो किए हैं. #Beltron कर्मियों का वेतन बनाने के लिए 550 रुपए प्रति कर्मी उर्मिला को दिया जाता है. बीस हज़ार लोगों के लिए एक करोड़ से अधिक हर महीने सिर्फ़ एक काम के. बेल्ट्रॉन के एक पूर्व MD ने लिखा कि अगर सरकार ख़ुद मैनेज करे तो साल के सौ करोड़ से अधिक बच सकते हैं. फिर भी उर्मिला पर मेहरबानी है, क्या कहानी है?
मैनपावर टेंडर में आईएएस लॉबी की टकराहट
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नीतीश कुमार की सेहत ठीक नहीं है, फायदा सभी उठा रहे हैं. आईएएस लॉबी के भी कई डिवीजन हैं बिहार में. खेला चलता ही रहता है. अभी मैनपावर टेंडर में आईएएस लॉबी अपने-अपने के लिए लड़ रही है. बेल्ट्रॉन क्यों बना था बिहार में, सभी को पता होगा. लेकिन बाद में यह आउटसोर्सिंग का ही मुख्य काम करने लगी. अपना कुछ था नहीं, इसलिए कंपनियां हायर की गई. शुरुआत हुई डाटा ऑपरेटर के ठेके से. फिर तो सब यहां मालामाल ही हो गए.
आउटसोर्सिंग का कब्जा उर्मिला नाम की कंपनी के पास बहुत सालों से है. नाम की समानता के कारण बीच में यह शोर होता रहा कि मंगल पांडेय इसमें हैं. बाद में स्पष्ट हुआ कि यह सत्य नहीं है. यहां उर्मिला मंगल पांडेय की पत्नी नहीं कोई और हैं.. लेकिन, कई आईएएस, रिटायर्ड और वर्तमान का नाम जुड़ता रहा है. परिणाम बहुत सारी शिकायतों के बाद भी कब्जा बरकरार है. आरोप लगते हैं कि निर्देशानुसार टेंडर इस तरह से डिजाइन किए जाते हैं कि कोई दूसरा प्रवेश कर ही न सके. जो कंपीटिटर दिखते हैं, वे भी अपने ही होते हैं. कंपनी के निर्माण, फिर मर्जर की कहानी भी सुनाई जाती है. परीक्षा का फार्म, परीक्षा का शुल्क, भुगतान की प्रक्रिया और बहुत सारे किस्से लोग सुनाते हैं.
अभी 20000 मैनपावर सप्लाई के टेंडर का पंगा भी लॉबी की टकराहट का ही परिणाम बताया जा रहा. 10000 की शर्तों को शिथिल करने का शुद्धि-पत्र भी इसी इरादे की प्रक्रिया है. 10000 को घटाकर 3000 किया गया है. अब बहुत सारी कंपनियां हिस्सा तो ले सकेगी, लेकिन चर्चा ये है कि रॉड्रिक्स नाम की कोई कंपनी है, इसे भी बहुत सारे ताकतवर नौकरशाहों से जोड़ कर बताया जा रहा, उसके लिए ही विशेष व्यवस्था की जा रही है.
उर्मिला की मोनोपोली कैसे है, इसकी शिकायत भी बड़े स्तर पर की गई है. एक बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि बिहार में किस विभाग में अकेले 20 हजार की आउटसोर्सिंग होगी. तो फिर सभी विभागों का ठेका एक ही कंपनी को देने का क्या मतलब है. और जब सब एक ही कंपनी से फिक्स्ड है, तो अन्य विभाग क्यों मैनपावर सप्लाई करने के लिए अन्य कंपनियों को पंजीकृत करती है.
देखना है, लॉबी की लड़ाई में किस लॉबी की जीत होती है या खेल कुछ और हो जाता है. इस बारे में आपके पास कोई और जानकारी हो तो आप हमें [email protected] पर Mail कर सकते हैं. सूचनादाता की पहचान को हम गोपनीय रखते हैं.
#ज्ञानेश्वर_की_डायरी #Beltron #manpowerservices #ManpowerSolutions
@AbhaySinghIAS जी प्लीज इस वीडियो को पूरा देखे और बताएं कि यह गोरखधंधा और बेल्ट्रॉन तथा बेल्ट्रॉन अधिकारियो द्वारा उर्मिला से उपहार लेने का सिलसिला कब तक चलता रहेगा?
Beltron कर्मी को सरकार बरगला रही है कुछ लॉली पॉप देकर हड़ताल को समाप्त करना चाहती है। इसलिए सिर्फ और सिर्फ एक ही मांग सेवा समायोजन इसके अलावा कुछ नहीं। 8 दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है और आगे भी जारी रहेगा
#beltron कर्मियों के की बात लंबे समय से रखता आ रहा हूँ. इन दिनों वे हड़ताल पर हैं. उनकी माँग किसी भी तरह से न मानने लायक नहीं है. फिर भी नीतीश सरकार अनसुना कर रही है तो बात समझ नहीं आती.
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@beltron कर्मियों का इंतज़ार क्या क़यामत तक चलेगा? मुझे उसको परमानेंट नहीं करने का कारण आज तक समझ नहीं आया. महत्वपूर्ण बात यह भी है कि अगर वे सीधे सरकारी विभाग के तहत आ जाते हैं तो सालाना 100 करोड़ की बचत भी हो सकती है.
@NitishKumar@SanjayJhaBihar
@RanaYashwant1@NitishKumar@SanjayJhaBihar पिछले 20 वर्षों से सरकारी विभाग में कार्यरत्त 25000 बेल्ट्रॉन कर्मी को शिक्षक की तर्ज पर नियुक्ति क्यों नहीं करती ?
GST के नाम पर कर्मियों के वेतन से बिहार के खजानों से करोड़ों रुपए का नुकसान क्यों?
जब कार्यालय का कार्य स्थाई प्रवृत्ति का है तो अस्थाई नौकरी क्यों ?
अभी हरियाणा सरकार ने उन सभी 120000 कर्मचारियों को स्थायी कर दिया जो पाँच साल से अधिक समय से काम कर रहे थे. मुझे समझ नहीं आ रहा कि बाकायदा परीक्षा से गुज़र कर 15-20 साल से नौकरी कर रहे #बेल्ट्रॉनकर्मियों को बिहार सरकार स्थायी क्यों नहीं कर रही!
@NitishKumar@SanjayJhaBihar
रतन नवल टाटा के अंतिम दर्शन...
टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन नवल टाटा का निधन
उनका पार्थिव शरीर नरीमन पॉइंट स्थित NCPA में रखा गया है
यहां लोग शाम 4 बजे तक अंतिम दर्शन कर सकेंगे
#RatanTataSir#RIP_legend#TataMotors#Legacy
The Legend भारत रत्न RIP Sir NCPA Om Shanti