@MukeshVish6045@CMMadhyaPradesh@udaypratapmp मप्र में 2018 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया भी अधूरी है जिसकी तीसरी काउंसलिंग होनी चाहिए क्योंकि आज भी योग्य उम्मीदवार इंतजार में बैठे हैं। धोखे और छलकपट की राजनीति प्रदेश क्या देश के विनाश का कारण बनती है।
@MukeshVish6045@CMMadhyaPradesh@udaypratapmp योग्य युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करे मप्र सरकार ।आपके आगामी क्रियाकलाप ही आपकी स्थिति का निर्धारण करेंगे। शिक्षित जनता पूर्णतः जागरूक है।
@RahulTrivedi874@ChouhanShivraj@rsprasad स्वार्थ सिद्धि और लालच की राजनीति चल रही है
बहिनों से वोट लेने लाडली बहिनों को दी जाने वाली राशि निरंतर बढ़ रही पर योग्य चयनित अभ्यर्थियों की दूसरी तीसरी काउंसलिंग क्यों नहीं हो रही।
@RahulTrivedi874@ChouhanShivraj@rsprasad हर किसी को संघर्ष करना पड़ेगा
अपने हक के लिए लड़ना पड़ेगा।
कुम्भकर्ण की नींद से सरकार को जगाना होगा।
अपने अधिकारों की खातिर नीलम पार्क में आना होगा।।
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित OBC आरक्षण मामले में सुनवाई पूरी हुए 25 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक फैसला नहीं आया। लाखों अभ्यर्थियों की नजर माननीय न्यायालय के फैसले पर टिकी है।
वर्षों से लंबित 87/13 के कैंसरवाले फार्मूले का अंत होगा,@abhijeet_dipke@DrMohanYadav51@AmitShah
शिक्षक भर्ती 2023 में पात्रता परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी कर चुके हजारों अभ्यर्थी आज भी नियुक्ति और दूसरी काउंसलिंग की राह देख रहे हैं।
जब अभ्यर्थियों ने सरकार द्वारा आयोजित परीक्षा पास कर ली, पात्रता हासिल कर ली, तो फिर वर्षों तक उन्हें इंतजार क्यों कराया जा रहा है? प्रदेश के स्कूलों में शिक्षक पद रिक्त हैं और दूसरी ओर योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति की उम्मीद में बैठे हैं।
मध्यप्रदेश सरकार से मांग है कि वर्ग-1 भर्ती 2023 में पद वृद्धि कर तत्काल दूसरी काउंसलिंग कराई जाए। पात्र अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिले और सरकारी स्कूलों को शिक्षक।
सरकार युवाओं से केवल परीक्षा और फीस न ले, उनके भविष्य का फैसला भी समय पर करे।
#शिक्षक_भर्ती2023 #वर्ग1 #दूसरी_काउंसलिंग #पदवृद्धि #मध्यप्रदेश
आख़िर @BJP4MP@BJP4India@AmitShah@narendramodi@drmohanoffice51 सरकार दोहरा मापदंड क्यों अपना रही है?
OBC पक्षकार शशांक रत्नू ने सुनवाई के दौरान OBC का पक्ष मजबूती से रखा।
जब कुल वर्टिकल आरक्षण पहले से 50% से अधिक है, तो मध्य प्रदेश में OBC को कानून के अनुसार 27% आरक्षण देने में बाधा क्यों?
जब SC, ST, OBC और EWS को मिलाकर कुल वर्टिकल आरक्षण पहले से 50% से अधिक है, तो केवल OBC के 27% आरक्षण पर ही 50% सीमा का तर्क क्यों?
एक ही संविधान, एक ही व्यवस्था—फिर OBC के लिए अलग पैमाना क्यों?
OBC आरक्षण मामले की कोर्ट सुनवाई में सरकार की भूमिका पर 52% ओबीसी आबादी की की नज़र है।
27% OBC आरक्षण कानून का सम्मान हो और सरकार पूरी गंभीरता से अपना पक्ष रखे।
हर साल शिक्षकों की भर्तियां कराने लाखों का बजट स्वीकृत होता हैं, लेकिन भर्तियां अधर में लटकाई जाती हैं।
क्या मोहन यादव सरकार जवाब देना चाहेगी शिक्षकों की सभी भर्तियां 8 वर्षों से अधर में क्यों है ?
चयनित युवा ओवर ऐज हो रहें हैं इसकी जिम्मेदारी कोन लेगा ?
@CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51@udaypratapmp
OBC को 27% आरक्षण आखिर क्यों नहीं मिल रहा है?
छात्र परेशान हैं, युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही हैं। यदि सरकार को सच में जनता की इतनी ही चिंता है, तो स्थायी भर्तियों की बजाय आउटसोर्सिंग के माध्यम से पद क्यों भरे जा रहे हैं?
आखिर OBC वर्ग को उसका 27% आरक्षण और युवाओं को उनका अधिकार कब मिलेगा?
📍मध्यप्रदेश विधानसभा
मानसून सत्र 2026, दिन 03
@DrMohanYadav51@MPVidhanSabha@INCIndia@INCMP
#MPVidhanSabha #inc #congress #monsoonsatra2026
यदि मध्यप्रदेश में शिक्षा व्यवस्था इतनी शानदार थी, तो आज 2.89 लाख स्वीकृत शिक्षक पदों में से 1,15,678 पद रिक्त क्यों हैं? 1,895 सरकारी स्कूल बिना एक भी शिक्षक के क्यों चल रहे हैं? हजारों स्कूल बिजली, शौचालय, पेयजल और जर्जर भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं से क्यों जूझ रहे हैं? और इन्हीं हालात पर हाई कोर्ट को सरकार से जवाब क्यों मांगना पड़ा?
लगभग दो दशक तक मध्यप्रदेश की सत्ता भाजपा के पास रही, जिनमें लंबे समय तक शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री रहे। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। यदि विकास के दावे वास्तविकता से मेल खाते, तो हजारों चयनित शिक्षक आज भी नियुक्ति का इंतजार नहीं कर रहे होते, 2018 और 2023 की भर्ती प्रक्रियाएं वर्षों तक लंबित नहीं रहतीं और स्कूलों के विलय से दूरस्थ व आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होती।
शिक्षा भाषणों से नहीं, शिक्षकों, स्कूलों और जवाबदेही से मजबूत होती है। प्रदेश के बच्चे दावों नहीं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के हकदार हैं।
@ChouhanShivraj@INCMP@Pawankhera
मध्यप्रदेश में UCC से ज़्यादा 27% OBC आरक्षण ज़रूरी है!
UCC की आड़ में भाजपा OBC वर्ग को 27% आरक्षण देने के मुद्दे से बच रही है। मध्यप्रदेश में UCC से बड़ा सवाल सामाजिक न्याय और OBC आरक्षण का है। भाजपा सरकार UCC विधेयक लाने से पहले 27% OBC आरक्षण के प्रस्ताव को प्रवर समिति के पास भेजे और इस पर स्पष्ट निर्णय ले।
📍मध्यप्रदेश विधानसभा
मानसून सत्र 2026, दिन 02
@MPVidhanSabha@INCIndia@INCMP
#MPVidhanSabha #inc #congress #monsoonsatra2026
#US12307
UCC की आड़ लेकर OBC के 27% आरक्षण से भाग रही भाजपा!
भाजपा UCC इसलिए ला रही है ताकि शिक्षा, रोजगार, किसानों, भ्रष्टाचार और OBC समाज के 27% आरक्षण जैसे असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा सके।
मध्यप्रदेश की 55% आबादी OBC समाज की है, लेकिन आज तक उन्हें उनका 27% आरक्षण नहीं मिला।
UCC नहीं, पहले OBC को न्याय दीजिए।
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@DrMohanYadav51@narendramodi@AmitShah@RahulGandhi@INCIndia@INCMP
भाजपा सरकार द्वारा 27% ओबीसी आरक्षण पर लगाई गई रोक हटाने की माँग को लेकर आज भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर ओबीसी महासभा द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल हुआ।
इस अवसर पर मेरे साथ विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री सचिन यादव जी, विधायक श्री रामकिशोर दोगने जी, विधायक श्री कैलाश कुशवाहा जी, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री मनोज यादव जी तथा ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य एडवोकेट श्री धर्मेंद्र कुमार जी उपस्थित रहे।
ओबीसी समाज के अधिकारों और सामाजिक न्याय की इस लड़ाई में हम सभी पूरी प्रतिबद्धता के साथ साथ हैं।
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@narendramodi@AmitShah@DrMohanYadav51@RahulGandhi@INCIndia@INCMP
#US12283