मोदी जी, आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात मैं आपको बताता हूं।
Epstein files में आपका, आपके मंत्री और आपके मित्र का साथ में नाम आना, ऐसे घिनौने अपराधी के साथ आपका नाम जुड़ा होना - ये शर्म की बात है।
— Rahul Gandhi JI 🔥🔥
मोदी सरकार का तरीका 👇
⦁ प्रदेशों में चुनाव के दौरान सदन की बैठक बुलाओ, लेकिन कोई सर्वदलीय बैठक मत बुलाओ
⦁ विधेयक का प्रारूप सिर्फ एक दिन पहले सार्वजनिक करो, ताकि विपक्ष को चर्चा का कोई मौका न मिले
⦁ मीडिया में पहले ही चर्चा शुरू करवा दो कि मोदी जी महिला उत्थान के लिए बहुत बड़ा कदम उठाने वाले हैं। सबको राजनीति से ऊपर उठकर इनका साथ देना चाहिए
⦁ ऐसी बातें कर- विपक्ष को धर्म संकट में डाल दो
मतलब एक तरफ महिला आरक्षण और दूसरी तरफ पूरे ढांचे को बदलने और OBC वर्ग को नजरअंदाज करने की स्वतंत्रता।
: लोकसभा में कांग्रेस महासचिव व सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी
आपके यहां ऐसे ऐसे रेपिस्ट बैठे हैं जिन्होंने महिला पहलवानों को नहीं छोड़ा आप क्या महिला सम्मान की बात कर रहे हैं।
एपिस्टिन फाइल्स में आपके एक मंत्री का नाम आया
- हनुमान बेनीवाल
जब पंचायत और निकाय चुनाव 15 अप्रैल को नहीं कराने थे, तो भाजपा सरकार ने तैयारी के नाम पर जनता के करोड़ों रुपए खर्च क्यों किए और क्यों लोगों को गुमराह किया?
ये खर्च फिर दोबारा होगा, क्या ये जनता के पैसे की खुली लूट नहीं है? आखिर किसको फायदा पहुंचाने के लिए ये खेल खेला गया?
एक तरफ भाजपा सरकार बार-बार बहानेबाजी करके पंचायत व निकाय चुनाव टालकर लोकतंत्र की हत्या कर रही है, और दूसरी ओर चुनाव तैयारी के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई लूट रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल जी, आपका एफिडेविट बता रहा है कि आपके नाम कृषि भूमि का केवल 350 वर्ग मीटर का प्लाट है, यानि 1 बीघा जमीन भी नहीं।
फिर आप कहां के किसान हो? और किसानों का मज़ाक बनाकर उनका अपमान कर रहे हों।
माननीय मुख्यमंत्री मेहरबानी करके खुद को किसान बताना और AC कमरों में बैठकर खेती-किसानी का हिसाब लगाना छोड़ दीजिए।
एक मुख्यमंत्री का ये कहना कि "किसान सिर्फ साल में 25-30 दिन खेत में काम करता है" न सिर्फ अन्नदाता का अनादर व हास्यास्पद है, बल्कि खेती पर आपकी समझ एवं संवेदनहीनता को दर्शाता है।
सालभर हर मौसम की मार झेलने वाला किसान खेत में कड़ी मेहनत, खून-पसीना और जज़्बात झोंकता है, उसके संघर्ष को 25-30 दिन से तोलना और अहंकार में मज़ाक बनाना शर्मनाक है। आपको अपने बयान के लिए किसानों से माफ़ी मांगनी चाहिए।
#Farmers
Rupee: ₹95 → ₹100
Stocks: Crashing
Economy: Collapsed
Jobs: Gone
Income: Falling
Savings: Wiped out
Cylinders: Unavailable
Why?
PM = Compromised
He is desperate to protect himself and his financial structure. But 140 crore Indians know - PM Modi has surrendered India’s future.
In Parliament today I proposed optional Joint filing of Income Tax Returns for married couples.
Family A
Both spouses earn ₹10 lakh each.
Total household income is ₹20 lakh.
Tax: zero
Family B
One spouse earns ₹20 lakh. The other stays home to raise their child.
Total household income is ₹20 lakh.
Tax: ₹1.92 lakh
The only difference is how the salary is split between the two spouses.
One roof. One kitchen. One household budget. But when tax time comes, the family disappears.
The tax system sees two individuals. A husband and wife become strangers. No clubbing of income or rebates.
In Parliament today I proposed optional joint filing of Income Tax Returns for married couples, so families with uneven incomes are not unfairly penalised. If implemented, then Family A and Family B both will pay Zero Tax.
हनुमान बेनीवाल…..!!!
टिब्बी हनुमानगढ़ के किसानों का प्रतिनिधित्व करते हुए…!!
मान लो सदन 8 घंटे चलेगा…
सदन की BAC कमेटी तय करती है कौन कितने समय बोलेगा…
सत्ता पक्ष को लगभग चार घंटे…
मुख्य विपक्षी दल को दो घंटे…
15 सांसदों से बड़े दल को 1 घंटा…
5 सांसदों से बड़े दल को 30 मिनट…
दो सांसदों के दल को 15 मिनट…
इकलौते और निर्दलीय सांसदों को 2-2 मिनट मिलते है…
इकलौते सांसदों को पहले सबको सुनना पड़ता है…
अंत तक बैठना पड़ता है…
और जब तक उसके दो मिनट का समय आता है तब तक पूरी संसद ख़ाली हो जाती है…
पक्ष विपक्ष वाले सांसद बोलकर निकल लेते है…
इकलौते और निर्दलीय सांसद जब बोलते हैं तब स्पीकर और दो चार सांसद ही सदन में बचते है…
इन सबके बावजूद हनुमान बेनीवाल वो सांसद हैं जो संसद सत्र मे एक भी दिन अनुपस्थित नहीं रहते…
हर मुद्दे पर बोलते है…
दो मिनट मे सारे मुद्दे सम्मिलित करके सबका प्रतिनिधित्व करते है….!!
सेल्यूट है ऐसे सांसदों को….🫡🫡
बिहार में 6 अक्टूबर को आचार संहिता लगी। 20 साल से बिहार पर शासन कर रही NDA सरकार ने चुनावी लाभ के लिए आचार संहिता के 10 दिन पर 26 सितंबर को महिलाओं के खाते में एक नई योजना बनाकर 10 हजार रुपये प्रति लाभार्थी रुपये ट्रांसफर करना शुरू किया।
आश्चर्य की बात यह है कि आचार संहिता लागू होने के बाद भी 17 अक्टूबर, 24 अक्टूबर एवं 31 अक्टूबर को इस योजना की किश्त लाभार्थियों के खाते में डाली गई। अब 7 नवंबर को अगली किश्त डाली जा रही है। यह आचार संहिता की धज्जियां उड़ाने जैसा है। ऐसा होगा तो सभी दलों को लेवल प्लेइंग फील्ड कैसे मिल पाएगी।
राजस्थान में चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने कांग्रेस सरकार की अन्नपूर्णा राशन योजना, इन्दिरा गांधी स्मार्टफोन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को रोक दिया था जबकि ये सब पहले से चल रही थीं। अब यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस जो आरोप लम्बे वक्त से लगा रही है वो सही हैं। चुनाव आयोग पूरी तरह मौन है और यह NDA के हित में अनैतिक एवं गैरकानूनी तौर पर काम कर रहा है।
FASTEST UNICORN | From humble beginnings, today CIAN Agro hit $1 Billion valuation at ₹9,222 Cr, becoming the fastest-growing unicorn in the country.
Also, the first alcohol startup to achieve this. Hats off, Nitin and Nikhil Gadkari, cheers to making spirits… and valuations… soar!
A testament to the 'ease of doing business' under this government.
NH46, NH30, NH19, NH49...
Every day you wake up, a new NH is in the news for construction quality issues, and that too usually within months of being built. Shri @nitin_gadkari, please give petrol a break from ethanol and sort out your dept first.