Classic case of conflict of interest!
सोचिए!
यूपी सरकार के अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद VC के माध्यम से बैठक में जुड़े।
खास बात है कि SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट संजय प्रसाद को ही सौंपी थी।
संजय प्रसाद राम मंदिर ट्रस्ट के पदेन सदस्य हैं।
यानि जो बतौर ट्रस्ट सदस्य खुद जांच के दायरे में हैं,
जिसके Home का मुखिया होते हुए चोरी का इतना भयावह महापाप हो गया,
उनको ही SIT की रिपोर्ट सौंपी जा रही है,
और अब वही ट्रस्ट की बैठक में भी शामिल हैं।
और ये सब राम के नाम पर चल रहा है!!
🚨 Big Breaking 🚨
निशिकांत दुबे पर FIR दर्ज!
अयोध्या चढ़ावे घोटाले की सच्चाई छुपाने के लिए झूठी पोस्ट डालने वाले BJP सांसद निशिकांत दुबे को अखिलेश यादव जी ने 10 मिनट का अल्टीमेटम दिया था। अब FIR हो गई है!
ये वही दुबे हैं जो देवघर बैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह में जबरन घुसपैठ कर पुलिस से मारपीट कर चुके हैं, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा चुके हैं। अब सोशल मीडिया पर भी झूठ फैलाकर हिंदू समाज को बांटने की साजिश रच रहे थे।
समाजवादी पार्टी का साफ संदेश है!!
नफरत फैलाओगे तो बख्शा नहीं जाएगा!
झूठ बोलोगे तो जवाब देना पड़ेगा!
अब अदालत में हिसाब दो दुबे जी...
10 मिनट नहीं, पूरी उम्र हिसाब चलेगा!
#NishikantDubeyFIR
#अखिलेश_यादव
#SPAgainstHate
#FIR_Dubey
#अयोध्या_घोटाला
#Lucknow
यूपी: कानपुर में सुधींद्र मिश्रा ने मेडिकल स्टोर से 24 रुपये में बाम की दो डिब्बियां खरीदी। घर जाकर बाम की डिब्बियां खोली गई तो वह खाली निकली। मिश्रा जी दौड़े दौड़े मेडिकल स्टोर पहुंचे और खाली बाम की डिब्बियों को वापस करने की गुहार लगाई। मेडिकल स्टोर संचालक ने ये कहते हुए की मामला कम्पनी का है, कोई रिलीफ नहीं दिया। मिश्रा जी ने उपभोक्ता फोरम में केस फ़ाइल कर दिया। 5 साल तक केस चला।अब उपभोक्ता फोरम ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह वादी को 24 रुपये 7 परसेंट ब्याज के साथ मूलधन लौटाए। फोरम ने केस की पैरवी का खर्च 40 हज़ार रुपये भी पीड़ित को देने का आदेश दिया है।
महज 13 साल की बच्ची के साथ 32 लोगों ने 5 दिन हैवानियत बहुत ही दर्दनाक और शर्मनाक है!
ऐसी घटनाएं सिर्फ एक परिवार को नहीं बल्कि पूरे समाज को झकझोर देती है!
दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले और बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाये जाये!!
गाज गिरे इस निकम्मी सरकार पर 😡
22 साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी की भाजपा सरकार ने पेंशन बंद की थी।
अब मोदी सरकार ने PF पाने वाले 8 करोड़ लोगों की कमर तोड़ दी है।
पहले 50% PF श्रमिक की जेब से जाता था और 50% कंपनी देती थी।
उसे बदलकर अब नया नियम लाया गया है; नौकरी देने वाली कंपनी अधिकतम 1800 रुपये ही PF में योगदान देगी।
यह खुलेआम कॉर्पोरेट और पूंजीवाद का समर्थन है। भाजपा सरकार पूंजीवादियों की सरकार है, जो नागरिक के हितों की नहीं, केवल पूंजीपतियों की फिक्र करती है।
जिंदगी भर नौकरी करके एक आदमी को बुढ़ापे के लिए ठीक-ठाक पीएफ मिल जाता था, जिससे परिवार के खर्च पूरे हो जाते थे।
अब न पेंशन बची, न पीएफ। जल्द ही राज्य सरकारें इसे लागू कर देंगी।
अब आप सरकारी डॉक्टर हैं, प्रोफेसर हैं, या प्राइवेट कंपनी के अफसर या मजदूर... आपका पीएफ खत्म समझो।
#Pension #PF #LaborRights
सेहत के इस एपिसोड में डॉक्टर से जानेंगे कि कब्ज़ क्यों होता है. कब्ज़ होने पर डाइट कैसी रखें. कौन-सी चीज़ें बिल्कुल भी न खाएं. और कब्ज़ से तुरंत आराम पाने के लिए क्या करें. सुनिए.
Full Show: https://t.co/N3JHLpz8PD
मा. प्रभारी मंत्री श्री ओमप्रकाश राजभर ने मा. अध्यक्ष जिला पंचायत श्री श्याम सुंदर वर्मा की उपस्थिति में जिला पंचायत अध्यक्ष कार्यालय एवं विश्राम कक्ष के मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण किया। @UPGovt@InfoDeptUP
'सेहत' में आज -
- रोज़ की इन 3 गलतियों से कब्ज़ तो होगा ही
- ऑपरेशन से पहले, बाद में ये गलतियां न करें
- इंफ्लेमेशन घटाती हैं ये 5 चीज़ें
Full Show: https://t.co/N3JHLpz8PD
@NehaDhiman1004@agni_aadi
सूत्र-
अगली बार जब भी आप लोग ‘दबदबा’ इंटरव्यू के लिए जाएँ,
उनसे सिर्फ़ इतना पूछे कि जब आप महंत नृत्य गोपाल दास के साथ राम मंदिर में प्रवेश कर रहे थे,
तो आपको गेट पर किसने रोका था और क्यों रोका था?
फिर प्रवेश कितनी मशक्कत के बाद मिला और मिला भी तो स्थान कहाँ मिला?
वे सारी कथा बता रहे हैं, बस कथानक छिपा रहे हैं!!
जो उनके साथ हुआ, वही विनय कटियार के साथ हुआ।
फर्क इतना है कि विनय कटियार ने बता दिया है।
🙏 एक होनहार शोधार्थी की ज़िंदगी बचाने की अपील 🙏
जो मुस्कुराता हुआ चेहरा आप इस वीडियो में देख रहे हैं, वह आज अस्पताल के बिस्तर पर ज़िंदगी और मौत की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहा है। 😭
यह अंशुल यादव हैं, जो मूल रूप से इटावा (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं। अंशुल एक मेधावी छात्र हैं। उन्होंने किरोड़ीमल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक एवं परास्नातक की पढ़ाई की है और किरोड़ीमल छात्र संघ के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। वर्तमान में वे जामिया मिलिया इस्लामिया से संस्कृत विषय में पीएचडी कर रहे हैं।
लेकिन आज, मात्र 26 वर्ष की उम्र में, अंशुल स्टेज-4 कोलन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उनका इलाज भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल (BMCHRC), जयपुर में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार इलाज पर लगभग 40 लाख रुपये का खर्च आएगा। एक सामान्य परिवार और शोधार्थी के लिए यह राशि जुटा पाना लगभग असंभव है।
अंशुल अभी हार मानने को तैयार नहीं हैं। वह जीना चाहते हैं, अपना शोध पूरा करना चाहते हैं और अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। लेकिन आर्थिक तंगी उनके इलाज में सबसे बड़ी बाधा बन गई है।
आप सभी से विनम्र निवेदन है कि कृपया यथासंभव आर्थिक सहयोग करें। आपका छोटा-सा योगदान भी अंशुल को नई ज़िंदगी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि आर्थिक सहयोग संभव न हो, तो कृपया इस अपील को अधिक से अधिक लोगों तक अवश्य पहुँचाएँ।
बैंक विवरण:
Account Holder: Anshul Yadav
Bank: Union Bank of India
Account No.: 200410100045231
IFSC: UBIN0820041
UPI: 9560755046
🙏 एक जीवन बचाने में अपना योगदान दें। आपकी संवेदनशीलता और सहयोग किसी परिवार की उम्मीद को फिर से जीवित कर सकता है।
साल 2020. अयोध्या में वीएचपी की राम मंदिर कार्यशाला में देखा तो फ़ोटो ले लिया. उन्होंने भी किसी वजह से ही ये बोर्ड लगाया होगा. मैंने भी कुछ सोच कर ही फ़ोटो ले लिया.
शर्म करो फर्जी देशभक्तों... राष्ट्रभक्तो...देश के लिए जान न्योछावर करने वाले शहीद की पत्नी की पीड़ा सुनिए....प्रतिक्रिया दीजिए..?
लेह लद्दाख में शहीद हुए तेजपाल की पत्नी कहती हैं कि वह पिछले ढाई साल से कार्यालयों..अधिकारियों के चक्कर लगा रही है...लेकिन उनकी सुनवाई
नहीं हो रही है..!
पीड़िता ने निजी धनराशि लगाकर अपने पति शाहिद तेजपाल का स्मारक बनवाया..अधिकारी शासन से पैसा जारी नहीं करवा रहे...!
अब तो उन्हें पुलिस कर्मी मिलने भी नहीं दे रहें हैं कहते है इस महिला को मिलने नहीं देना है..!
सोचिए ये है देश के जान देने वाले जवान और उसके परिवार का सम्मान...!
हम मांग करते हैं कि पीड़िता की हर संभव मदद की जाए..!
राम मंदिर तो अब लूटा है, लौह पुरुष सरदार पटेल को बेंच कर पहले ही खा गए थे..कथित राष्ट्रभक्त!
3000 करोड़ की बताई गई सरदार साहब की मूर्ति मात्र 324 करोड़ की थी और बाकी कमीशन राष्ट्रवादी पार्टी और गुजरातियों की जेब में चल गया।
बहुत बड़े बड़े चमत्कार कर रखें है इन संघियो ने!
‘उत्कृष्टता’ का प्रवचन देनेवालों को ‘डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी’ (RUPAAM) को पूरा करने में 11 साल लग गये और बनाया भी तो इतने निम्न स्तर का कि गुणवता का एक भी बुनियादी मानक पूरा नहीं किया, उत्कृष्टता तो बहुत दूर की बात है।
प्रशासनिक असंवेदनशीलता व दुर्व्यवस्था की वजह से जिस महिला की परीक्षा छूट गई, उसको बुलवाकर यहाँ प्रशासनिक अधिकारियों को ‘संवेदनशीलता’ का पाठ पढ़ाना चाहिए। हम उस महिला की परीक्षा की वैकल्पिक व्यवस्था का ‘इनोवेशन’ करने की माँग करते हैं अथवा प्रशासनिक निष्ठुरता के ख़िलाफ़, उस महिला के कोर्ट जाने के अधिकार का हम समर्थन करते हैं।
संवेदनशील मुख्यमंत्री जी के संज्ञानार्थ!
Instagram के अंदर छिपी एक भयानक दुनिया देखनी है तो BBC की ये नई डॉक्यूमेंट्री जरूर देखिए...ये आपके लिए आपके बच्चों के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि आजकल ज्यादातर बच्चों की पहुंच इंस्टाग्राम तक है।