@samrat4bjp@BiharCMQRT पूर्णिया जिला के सभी अनुमंडलों में PDS दुकानों के लाइसेंस चयन में फर्जी PG/स्नातक प्रमाण पत्रों के प्रयोग का मामला गंभीर है। बिना यूनिवर्सिटी से गहन जांच कराए किसी को लाइसेंस निर्गत न किया जाए। पारदर्शी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग। #CMQRT
@samrat4bjp @BiharCMQ पूर्णिया जिला के सभी अनुमंडलों में PDS दुकानों के लाइसेंस चयन में फर्जी PG/स्नातक प्रमाण पत्रों के प्रयोग का मामला गंभीर है। बिना यूनिवर्सिटी से गहन जांच कराए किसी को लाइसेंस निर्गत न किया जाए। पारदर्शी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग। #CMQRT
19 जून से आठ जुलाई के बीच कुलदीप महतो, उनकी पत्नी, दो बेटियां, बहू और एक बेटे की मौत हो गई.
जांच में सामने आया है कि पूरा परिवार एपिडेमिक ड्रॉप्सी नाम की जानलेवा बीमारी की चपेट में था.
बीबीसी ने इस परिवार के सदस्यों, अधिकारियों और एक्सपर्ट से बातचीत कर के ये पूरा मामला और एपिडेमिक ड्रॉप्सी को समझने की कोशिश की.
रिपोर्ट: मोहम्मद सरताज आलम
शूट: निशांत कुमार
एडिट: सदफ़ ख़ान
आज NCRB का 'ABHIGYAN' मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया। 1.3 करोड़ फिंगरप्रिंट के डेटाबेस NAFIS का यह पोर्टेबल वर्जन ऑन-फील्ड पुलिस कर्मियों को सीधे उनके स्मार्टफोन पर अपराधियों के विशाल डेटाबेस तक पहुँचने की शक्ति देता है। टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित यह ऐप चंद सेकंड में रियल-टाइम फिंगरप्रिंट पहचान कर ग्राउंड पुलिसिंग को और सशक्त बना रहा है। फास्ट ID, पोर्टेबल सेटअप और करोड़ों रिकॉर्ड्स जैसी खूबियों से युक्त ‘ABHIGYAN’ ऐप एक बेहद शक्तिशाली टूल है।
BJP के 'जानलेवा सिस्टम' ने 5 महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया।
मामला राजस्थान के कोटा का है, जहां सिजेरियन डिलिवरी के बाद महिलाओं को दवाई की जगह पानी का इंजेक्शन लगा दिया गया।
BJP के इस 'करप्ट मॉडल' में गरीब जनता एक भरोसे के साथ सरकारी अस्पताल जाती है, लेकिन उसे मिलती है तो सिर्फ मौत।
ये घटना BJP सरकार में स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों की धज्जियां उड़ा रही है, जिसमें गरीबों को कीड़ा-मकोड़ा समझा जाता है और सत्ता में बैठे लोग मौज उड़ाते हैं।
शर्म आनी चाहिए।
ये कोई मूवी का सीन नहीं है, ये उड़ीसा के माइनिंग अधिकारी का के घर का वीडियो है।
30000 हजार की रिश्वत के आरोप की जांच में पूरा खजाना ही बाहर आ गया।
न खाऊंगा, न खाने दूंगा
एक लीटर टमाटर सास 50 रुपए में ,
लेकिन जब उसका टेस्ट हुआ तो सिर्फ निकला केमिकल,
FSSAI वालों तुम्हारे नाक के नीचे लोग कैंसर पैदा करने वाले सिंथेटिक कलर बेच रहे है।
तुम लोगों से अगर नौकरी नहीं हो पा रही हो तो नौकरी छोड़ क्यों नहीं देते।
मिलावटी खाना खाने से विक्रमशिला पुल के तीन पिलर्स को हुई फ़ूड पॉइजनिंग,
फ़िलहाल मौके पर हालत गंभीर बतायी जा रही है।
अब देखना ये है कि साँसे कब तक चलती हैं।
📍भागलपुर
यही है भारत का असली लोकतंत्र –
बिहार में एक छात्र अभिषेक ने सिर्फ इतना किया कि सरकारी स्कूल की बदहाल हालत पर सवाल उठा दिया। बच्चों को स्कूल में ताला लगाकर बंद रखने, माता-पिता को अंदर आने से रोकने और शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही के खिलाफ उसने आवाज उठाई। लेकिन सिस्टम को सच पसंद नहीं आया, और नतीजा यह हुआ कि सवाल पूछने वाले छात्र को ही जेल में डाल दिया गया।
हमारे देश में अक्सर यही होता है –
गरीब और आम लोगों की आवाज दबा दी जाती है। जो पढ़ाई, अधिकार और सम्मान की बात करे, उसे ही आरोपी बना दिया जाता है। क्या यही लोकतंत्र है, जहाँ शिक्षा मांगने वाला अपराधी बन जाता है और व्यवस्था की खामियाँ उजागर करने वाले को सजा मिलती है?
यह सिर्फ एक छात्र की कहानी नहीं है, यह उस व्यवस्था का आईना है जहाँ सच बोलना सबसे बड़ा जुर्म बना दिया जाता है। लेकिन याद रखिए, सवाल पूछना अपराध नहीं है और शिक्षा मांगना किसी भी बच्चे का अधिकार है।
आज पूरा देश देख रहा है –
अन्याय ज्यादा देर तक नहीं टिकता। अभिषेक को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था की उन खामियों पर कार्रवाई होनी चाहिए जिनके खिलाफ उसने आवाज उठाई। यही सच्चे लोकतंत्र की पहचान होगी।