@ajeetbharti ये लोग अब मनमानी पर उतर आए है इन्हें लगता है ये हमेशा ही राजा बने रहेंगे प्रजा क्या कर ही लेगी विपक्ष नेस्तनाबूद कर दिया गया कोई आवाज उठाने वाला बचा नहीं तो ऐसे ही बोल निकलेंगे ।
बाप इनका देश लूट रहा है। बच्चे इनके विदेशी नागरिकता लिए हुए हैं या बढ़िया अपनी कंपनी चला रहे हैं। हम लोग को राष्ट्रवाद का घोल पिला रहे हैं। सवाल पूछने वाली देशद्रोही हैं ही। जवाब इनके पास एक नहीं हैं बकचोदी के सिवा। जीवन में इससे बड़ा भी धोखा अपने साथ हुआ नहीं था।
हम देख रहे हैं अब तक का सबसे बड़ी मनमानी।
ईगो और ईर्ष्या के कारण एक 15 साल के बिहारी क्रिकेटर के हौसले को ध्वस्त करने की प्रकिया को LIVE देख रहे हैं।
वैभव सूर्यवंशी को आज भी जगह नहीं मिली।
अब इस मनमानी के खिलाफ बिहार के लोगों और तमाम क्रिकेट प्रेमी को बोलना होगा। जिनसे क्रिकेट ज़िंदा है देश में।
अब खेल का मसला नहीं है। सिर्फ और सिर्फ जिद है।
क्या हम सब ख़ामोशी से देखकर इस गॉड टैलेंट की ऐसी “हत्या” देखेंगे ?
Enough is Enough !!
वैभव के नाम पर दर्शक स्टेडियम बुलाए जाएँगे। टीवी पर उनके नाम से प्रोमो बनाए जाएँगे। लेकिन खेलने नहीं दिया जाएगा।
“श्रेयस-गंभीर-अगरकर” की अगुवाई वाली साज़िश में कुछ सो कॉल्ड क्रिकेट एक्सपर्ट और क्रिकेट जर्नलिस्ट भी शामिल है जो “किंतु परंतु एक्सपर्ट ज्ञान “ देकर इस फ़ैसले का ज़बरदस्ती थेथर की तरह बचाव कर रहे हैं।
साफ़ बात मैं आज भी “श्रेयस-गंभीर-अगरकर” टीम की हार से निराश नहीं हूँगा। वे डिज़र्व करते हैं। इनकी जीत से ख़ुश नहीं हूँगा!
जब भगवान के नाम पर कथा/प्रवचन करने वाले लोग चार्टर्ड विमान से घूमेंगे,आलीशान बंगलों में रहेंगे,ब्रांडेड कपड़े पहनेंगे और पूरी बेशर्मी से अपनी इस luxury lifestyle का दिखावा भी करेंगे तो धर्म के नाम पर लालच तो बढ़ेगा ही!आज धर्म के नाम पर हर तरफ व्यापार चल रहा है..और ये कथावाचक/प्रवचन करने वाले श्रोताओं को सादा जीवन जीने के उपदेश देते हैं😀 कहां से ये आपको साधु,संत,सिद्ध,महान दिखाई देते हैं? ये सब बस बिज़नेसमैन हैं और इन्हें वैसे ही देखा जाए..पैसे,पद,प्रसिद्धि के लालच में धर्म को बेच रहे व्यापारी🙏
गौतम गंभीर-श्रेयश-अजित अगरकर की पर्सनल टीम आयरलैंड से बुरी तरह हारी! लगातार दो मैच हारी! सीरीज हारी!
इनकी पर्सनल टीम की हार से कतई दुःख नहीं है! पहली बार अपने देश से जुडी टीम भले वह पर्सनल टीम ही सही हो,के हारने पर ख़ुशी हो रही है!
ये हार डिसर्व करते थे! इन्हे हारना ही चाहिए था! ईगो,अहंकार और साजिश तीनो भाव के साथ खेलेंगे तो यह होना ही था! वैभव की जगह जिस खिलाडी को लिया गया था उन्होंने पांच गेंद पर एक रन बनाया!
और आज इन गौतम गंभीर-श्रेयश-अजित अगरकर के साथ BCCI और इनके "लाभार्थी" पूर्व क्रिकेटर और एक्सपर्ट भी आज एक्सपोज़ हो गए जो "किन्तु-परन्तु-ऐसा नहीं होता है-अभी उम्र है" जैसे तर्क के साथ 15 साल के वैभव के साथ हो रही बड़ी साजिश के हिस्सेददार बने हुए हैं!
मुझे लगा था सिर्फ संजय मांजेरकर हैं! लेकिन वह तो छोटे प्यादे हैं! वैभव को झुकाने के लिए पूरी कायनात लगी है! कैसे देश में क्रिकेट में
कोई सुपरस्टार बिहार जैसे सुदूर इलाके से बिना गॉड फादर के इस तरह के सुपर स्टारडम तक पहुँच रहा है!
Kind of politics is clearly there to be seen choosing the playing cricket eleven, not much time left we turn to the levels of Pakistan Cricket. Mend on time @BCCI or the slow poison will kill Indian Cricket sooner or later 🏏🏏
अब साफ तौर पर खुल कर ईगो की लड़ाई हो गयी है!
आज भी वैभव सूर्यवंशी को टीम में जगह नहीं मिली है! जबकि दो नए खिलाडी को आज जगह दी जा रही है!
सिर्फ इसलिए टीम से बाहर रखना की वैभव ने लड़ कर सिर्फ अपने टैलेंट के दम पर मुकाम हासिल किया है जिसमे इन "क्रिकेट लॉबी"
का कोई योगदान नहीं है!
अब अगर ये टीम इंडिया को अपने पॉकेट की टीम समझ सकते हैं तो ऐसी टीम के हारने से अफ़सोस भी नहीं करनी चाहिए!