शिक्षा समानता,प्रेम एवं राष्ट्रीयता की भाव जगाती है!प्रकाशित कृति-क्रांतिदूत,आधुनिक भारत के जनक:भारत रत्न डॉ.भीमराव आंबेडकर।🖕Amazon,Flipkartपर किताब उपलब्ध है।
लड़की को दान किया गया है या खरीद फरोख्त हुई है ?
आगरा के दंपति ने किस कानून के तहत अपनी 13 साल की बेटी को दान किया है. और जूना अखाड़ा ने किस नियम के तहत एक नाबालिग लड़की को दान के रूप में हासिल किया है.
यह सब अचानक नही हुआ है. मुझे NDTV पर भरोसा नही है. इसकी प्लानिंग पहले से की गई होगी. पहले से तय था 13 साल की लड़की को जूना अखाड़े में दान किया गया या बेचा जाएगा.
रूढ़िवादी प्रथा का प्रचार प्रसार के लिए कुंभ मेला का सहारा लिया गया.
इस खबर से ये दिखाने की कोशिश की जा रही है श्रद्धा भक्ति भावना के तहत लोग अपनी नाबालिग लड़कियों को दान कर सकते हैं.
ये तो भयानक है. पुलिस और सरकार को 13 साल की नाबालिग लड़की को रेस्क्यु करना चाहिए.
माननीय मुख्यमंत्री बिहार श्री नीतीश कुमार द्वारा प्रगति यात्रा के दौरान मंझौल अनुमंडल स्थित अनुमंडलीय अस्पताल का उद्घाटन किया ।
माननीय मुख्यमंत्री ने 1053.33 लाख रुपये की लागत वाली 75 शैय्या वाले
अनुमंडलीय अस्पताल, मंझौल का शिलापट्ट अनावरण एवं फीता काटकर उद्घाटन किया। उद्घाटन करने के पश्चात् मुख्यमंत्री ने अस्पताल का निरीक्षण भी किया और वहां की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान नर्सिंग डेस्क, एक्सरे कक्ष, ओ०पी०डी०, प्रसव कक्ष, अल्ट्रासाउंड कक्ष, टीकाकरण केंद्र आदि का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर 7 एंबुलेंस को अनुमंडलीय अस्पताल के लिए रवाना किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अनुमंडलीय अस्पताल में संचालित होनेवाली 'जीविका दीदी की रसोई का भी उद्घाटन किया। उन्होंने अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना और आयुष्मान भारत कार्ड योजना सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन् स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कावर झील आश्रयणी के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्गीकरण संबंधी प्रस्तुतीकरण का अवलोकन किया। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को उसके प्रारूप की विस्तृत जानकारी दी।
न हिंदू ख़तरे में है न मुसलमान ख़तरे में हैं
नक़ली दवाओं से हमारी-आपकी जान ख़तरे में है…
सरकार की ग़ुलामी छोड़कर सवाल पूछना शुरू करो.
सरकार से सवाल पूछना देशद्रोह नहीं है.
आज धनतेरस मनाया जा रहा धन की देवी लक्ष्मी बतायी जा रही है उनकी एक तस्वीर भी दिखाई जाती है जिसमे जो गज दोनों तरफ़ से पानी की बौछार कर रहे उनके ऊपर लेकिन यह तस्वीर पिछले 150 सालों के अंदर कागज़ पर बनाई गई है । इसकी असली तस्वीर भी मिल चुकी है जो आज से 2200 साल पुरानी है जो बुद्ध की माता महामाया की है जो भरहुत स्तूप पर है ।
याद रहे ऋग्वेद में गज शब्द हाथी के लिए प्रयोग नहीं हुआ है जबकि बौद्धधर्म के शिलालेख में गज हाथी के लिए हमेशा से प्रयोग हुआ है ।
फिर ये क्यो न कहा जाय की धनतेरस बुद्ध धम्म का है, बुद्ध की माता महामाया को लक्ष्मी बना कर पूजा जा रहा है लेकिन सही इतिहास लोगो को पता न चल जाय और चुन की राशि बौद्ध विहारो में न चली जाय इसलिए कहानी बदल दी गई है?
बुद्ध ही बुद्ध है भारत बुद्ध का ऋणी है लेकिन धूर्तो ने सबकुछ तहस नहस कर दिया और आज भी कर रहे है सच नहीं बता रहे पब्लिक में सारा खेल चुन का है ?
नीचे तस्वीर संलग्न है आप ही तय कर लीजिए कौन असली है और कौन नकली बना सबको गुमराह कर रहा है ।
सिवान : मूंछ रखने पर दलित शिक्षक की गोली मारकर हत्या
बिहार के सिवान जिल के महाराजगंज थाना के शेरपुर गांव में एक दलित शिक्षक (भरत माझी) कि गोली मारकर हत्या कर देने का मामला सामने आया है
मृतक के बेटे ने बताया है कि " पिताजी मूंछें रखे थे और किसी के सामने झुकते नही थे तो उन की साज़िश के तहत हत्या कर दी"
बेटे ने आरोप लगाया है कि गांव के राजपूत समाज से आने वालें लोगों ने मेरे पिता की हत्या की है
#DalitLivesMatter
पुल बनाये, ढह गया
सड़कें बनाईं, धंस गईं
संसद बनाई, चूने लगी
मंदिर बनाया, टपकने लगा
महाकाल लोक बनाया, ढह गया
शिवाजी की मूर्ति बनाई, ढह गई
अब रत्नागिरी स्टेशन की छत भहरा गई
भाजपा ने जो भी बनाया, उसके भ्रष्टाचार का स्मारक बन गया.