शिक्षा विभाग में 70 हजार से अधिक पद खाली पड़े है, इन खाली पदों के लिए स्थाई भर्ती निकाल नहीं रहें है। सत्र चलते हुए कई महीने हो गए अब आनन-फानन में गेस्ट फैकल्टी लगाने के लिए भर्ती निकाली वो भी आचार संहिता में तो निरस्त हो गई।
सरकार छात्रों के भविष्य के साथ ऐसे खिलवाड़ क्यों कर रही है?
मीडिया के माध्यम से यह संज्ञा��� में आया है कि आगामी दिनों में प्रधानमंत्री श्री @narendramodi का अजमेर (राजस्थान) में दौरा प्रस्तावित है,मैं श्री नरेंद्र मोदी को स्मरण दिलाना चाहता हूं कि 2023 के विधानसभा चुनाव से पूर्व आपने पेपर लीक से जुड़े मामलों में माफियाओं को पाताल से निकालकर उन्हें सजा दिलाने का जो वादा किया था, उस वादे का आज तक क्या हुआ? भ्रष्टाचार को लेकर जीरो ट��लरेंस की बात आपने की मगर आप और आपकी सरकार अपने वादे पर आज तक पूर्ण रूप से खरा नहीं उतर पाई ।
राजस्थान में बार-बार सामने आए पेपर लीक मामलों ने लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। युवाओं का विश्वास इस व्यवस्था से उठ गया,ऐसे में युवाओं ने आपके दल की सरकार पर भरोसा करके BJP को सत्ता में बैठाया क्योंकि राजस्थान लोक सेवा आयोग के पुनर्गठन और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने को लेकर बड़े आश्वासन आपने और गृह मंत्री श्री @AmitShah ने दिए मगर किसी भी वादे को निभाया नहीं गया |
आप जहां सभा करेंगे, उस सभा स्थल से थोड़ी दूरी पर राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का मुख्यालय है, मैं सरकार के दोगलेपन का एक बड़ा उदाहरण आपको देना चाहता हूं कि S.I. भर्ती में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार प्रमाणित हुआ, कई लोग गिरफ्तार हुए मगर उस भर्ती को यथावत रखने के लिए आपकी राजस्थान सरकार रात - दिन एक करके बैठी है ऐसे में BJP की जो दोगली नीति जनता के सामने उजागर हुई ,एक दूसरा उदाहरण देना चाहूंगा कि आपने कई बार सार्वजनिक सभाओं में कहा कि न खाऊंगा और न खाने दूंगा मगर राजस्थान के तीन विधायकों का विधायक कोष की स्वीकृति के एवज में रिश्वत लेने से जुड़ा प्रकरण जनता के सामने सार्वजनिक हुआ,इससे पहले एक विधायक को ACB ने रिश्वत से जुड़े मामले में ही पकड़ा,इस पूरे ��ामले में एक विधायक आपकी पार्टी का भी था मगर इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण क्या हो सकता है कि राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्टिंग में रिश्वत लेते सामने आए बीजेपी के उस विधायक के पक्ष में सीना तानकर खड़े हो गए
इसलिए राजस्थान का युवा और राजस्थान की जनता आपसे पूछ रही है कि -
1.राजस्थान में हुए पेपर लीक के मामलों में मगरमच्छों पर सख्त और समयबद्ध कार्रवाई कब सुनिश्चित होगी ?
2. राजस्थान लोक सेवा आयोग के पुनर्गठन पर स्पष्ट रोडमैप कब दिया ��ाएगा ?
3.ऐसे भ्रष्ट विधायकों पर कब कार्यवाही होगी जिनका भ्रष्ट आचरण जनता के सामने उजागर हो गया है ?
4. राजस्थान पुलिस उप-निरीक्षक भर्ती -2021 (S.I. भर्ती 2021) को लेकर केंद्र सरकार का क्या स्टैंड है ?
युवाओं का भविष्य केवल वादों से नहीं, बल्कि ठोस फैसलों से सुरक्षित होगा |
@PMOIndia
दुनिया का सबसे बड़ा संघर्ष युद्ध के मैदान में हुआ यह एक सफेद झूठ है। असल संघर्ष तो विद्यार्थियों के कमरों में हुआ है, वर्षों तक, चुपचाप।
इस संघर्ष में पीठ पीछे से हुए वार इतने गहरे थे कि वे संभल ही नहीं पाए।
#OMR#Paper_Leak
मंत्री किरोड़ी लाल जी मीणा ने मुख्यमंत्री जी को लिखा पत्र इसमें जो आरोप लगाए गए हैं वह इतने गंभीर है कि युवाओं के साथ बहुत सारा धोखा हो चुका है!!
@DrKirodilalBJP@Kunal_Alwar
आज राजस्थान विधानसभा में पेश किया गया बजट न सिर्फ निराशाजनक है बल्कि प्रदेश की जनता में भविष्य को लेकर चिंताएं पैदा करने वाला है।
भाजपा सरकार के बजट में कोई घोषणा ऐसी नहीं है जिसे व्यापक जनहित में कहा जा सके। समाज का हर वर्ग इस बजट को देखकर हताश होगा।
भाजपा की #पर्ची_सरकार से जनता को आजादी चाहिए..
बजट में 2 शब्दों में पेपर लीक पर इतिश्री कर ली। जिस बाबूलाल कटारा को कांग्रेस ने गिरफ्तार किया, वो BJP की कमजोर पैरवी के कारण रिहा हो गया।
और नौकरी के नाम पर सिर्फ 3000 संविदाकर्मी व होमगार्ड के पदों में 5000 की बढ़ोत्तरी की है।
रोस्टर विसंगति, OMR शीट घोटाला, नॉर्मलाइजेशन सहित व��भिन्न मुद्दों को लेकर सर्किट हाउस बीकानेर में आयोजित बैठक में शामिल हुआ तथा अपने विचार रखे।
संस्थाओं का खत्म होना पूरे तंत्र की सामूहिक असफलता है। जिन संस्थाओं के भ���ोसे बेरोजगार युवा अपने भविष्य के सपने देखता है जब वे संस्थाएँ ही भ्रष्ट हो जाती है तो अपने हक़ के लिए प्रत्येक स्तर पर आवाज़ उठाना जरूरी हो जाता है।
बडी गंभीर बात है कि #4th_Grade की भर्ती मे डिग्रीधारी 20-25 लाख आवेदन आना😮 और उसके बाद हम #ऊट_के_मुह_मे_जीरे वाली बात करके #92_हजार_नौकरीयो की कह कर BJP की सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है।
- रामनिवास गावडिया
पहले विपक्ष में रहते हुए CBI जांच सरका��� से करवाने के लिए चिल्लाए...अब विपक्ष चिल्ला रहा है CBI जांच सरकार से करवाने के लिए।
साफ़ है—दिक्कत न विपक्ष में है, न सरकार में…दिक्कत उस कुर्सी में है, जो सच सुनते ही सरकारों को अंधा-बहरा बना देती है।
पिछले कुछ दिनों से अधीनस्थ बोर्ड के अध्यक्ष के कई मीडिया इंटरव्यू सामने आए हैं।
इन इंटरव्यू में वे OMR शीट खराब होने के लिए चूहे, बरसात जैसे कुछ कारण गिना रहे हैं।
मेरी समझ से परे है कि जो लोग OMR शीट को चूहों से नहीं बचा पा रहे हैं, वे बड़े-बड़े “मगरमच्छों” से आखिर कैसे बचाते होंगे?
यदि दो वर्षों में भी चूहों की समस्या का समाधान नहीं किया जा सका, तो फिर विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर क्या ही उम्मीद की जा सकती है।
#SOG भर्ती फर्जीवाड़ों के नायाब तरीकों का खुलासा जरूर कर रही है!लेकिन,इस स��लो
स्पीड से तो,10 साल में भी किसी बड़े मगरमच्छ को पकड़ नहीं पाएगी!
कुंभकर्ण @BhajanlalBjp जी के इसारे पर दाएं-बाएं अलग से होना पड़ता है!
न्याय का एकमात्र उपाय..तुरंत..
#OMR_घोटाला_की_CBI_जांच_हो
@AmitShah
पेपर लीक के बाद रद्द होने के कारण दुबारा हुई परीक्षा भी लीक।
कनिष्ठ अभियंता संयुक्त भर्ती परीक्षा–2020 जो दिसंबर 2020 में आयोजित की गई थी, प्रश्न प��्र लीक होने के कारण निरस्त ही इसके बाद 12 नवंबर 2021 को जो परीक्षा दुबारा आयोजित हुई उसका पेपर लीक “करवा दिया” गया था।
OMR घोटाले को लेकर आखिर कब होगी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी?
मुख्यमंत्री जी अपने भाषणों में लगातार पूर्ववर्ती सरकार को कोसते नज़र आते हैं, लेकिन प्रदेश का युवा आज एक सीधा और जायज़ सवाल पूछ रहा है—
जनवरी 2025 में SOG में दर्ज FIR के बावजूद मुख्य आरोपी अनिल चौधरी की गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं हुई?
तत्कालीन कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष से पूछताछ कब तक होगी?
मुख्यमंत्री जी, आपकी कथनी और करनी का अंतर अब ��्रदेश का युवा भली-भांति समझ चुका है। आपकी मंशा पेपर लीक माफियाओं को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाने की नहीं, बल्कि उन्हें बचाने की प्रतीत हो रही है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि आज आप ही पेपर लीक माफियाओं पर ठोस कार्रवाई के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा बनते नज़र आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल जी, SOG में मात्र 45–50 अधिकारियों के भरोसे इतने बड़े और संगठित पेपर लीक माफिया से कैसे लड़ा जा सकता है? इ���नी सीमित संसाधनों वाली एजेंसी से निर्णायक कार्रवाई की उम्मीद करना अपने-आप में सवाल खड़े करता है। अब तो यह शंका भी गहराने लगी है कि कहीं आपकी ही पार्टी से जुड़े लोग इस पेपर लीक घोटाले के घेरे में तो नहीं हैं—इसीलिए आप पूरे मामले की CBI जाँच से बच रहे हैं।
प्रदेश के युवाओं ने आपको सत्ता इसलिए सौंपी थी कि आप पेपर लीक पर सख़्त लगाम लगाएंगे, लेकिन इस मोर्चे पर ��पकी सरकार पूरी तरह विफल नज़र आ रही है।
मुख्यमंत्री जी, यदि आप वास्तव में युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर हैं, तो प्रदेश के युवाओं की मुख्य और स्पष्ट माँगें ये हैं—
•OMR घोटाले की CBI जाँच कराई जाए
•कर्मचारी चयन बोर्ड का पुनर्गठन किया जाए
•बोर्ड अध्यक्ष से तत्काल इस्तीफ़ा लिया जाए
अगर आप सच में युवाओं के हित में काम करना चाहते हैं, तो इन माँगों को तुरंत पूरा करें।
अन्यथा आपकी बीजेपी सरकार और पू��्ववर्ती कांग्रेस सरकार में कोई वास्तविक अंतर नहीं रह जाएगा।
प्रदेश का युवा समझदार है—
और वह इस विश्वासघात के दूरगामी राजनीतिक परिणाम देना भी जानता है। @narendramodi @AmitShah @NitinNabin
@BhajanlalBjp @RajCMO @blsanthosh @VasundharaBJP @alokrajRSSB @Rajendra4BJP @madanrrathore @BJP4Rajasthan
मानन���य प्रधानमंत्री @narendramodi जी आपके द्वारा लाए गए यूजीसी बिल सवर्ण वर्ग के लिए जीने के अधिकार को छीनने वाले हैं जो कि बहुत निंदनीय है और संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों का हनन है इसके साथ जातीय द्वेष को बढ़ावा मिलेगा और इन नियमों के दुष्परिणाम अधिक हैं #UGC_RollBack
मैं चुनौती देता हूं.. अगर भाजपा सरकार में हिम्मत है तो पिछल�� 10 साल की भर्ती परीक्षाओं की जांच CBI से करवाए।
इन्होंने कितना दुष्प्रचार किया, लेकिन 2 साल निकल गए.. किसको जेल में डाला, आखिर कब पकड़ोगे?
#OMRScam #PaperLeak