Replug: lessons from Verdict 2024: A need for a humbler and more inclusive govt, a more robust and constructive opposition and yes, for media and pollsters to stop seeing exit polls as ‘exact’ polls. Friday column. @htTweets Read here: https://t.co/NgXy9Ak3Nw
फ़र्रुख़ाबाद में ज़िलाधिकारी के नेतृत्व में प्रशासन सपा के जीतते हुए प्रत्याशियों को हराने में लगा है। चुनाव आयोग तत्काल संज्ञान लेकर सही परिणाम घोषित करे @ECISVEEP@ceoup
फ़र्रुख़ाबाद में बिजली काट के ज़िलाधिकारी के नेतृत्व में प्रशासन सपा के जीतते हुए प्रत्याशियों को हराने में लगा है। चुनाव आयोग तत्काल संज्ञान लेकर सही परिणाम घोषित करे @ECISVEEP@ceoup
जनता को प्रणाम, जनमत को सलाम!
उप्र की जागरूक जनता ने देश को एक बार फिर से नयी राह दिखायी है, नयी आस जगायी है।
ये संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण बचाने की और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करवाने की जीत है। उप्र की प���रगतिशील जनता के विचार ही वोट के रूप में हमें मिले हैं। ये बँटवारे की नकारात्मक राजनीति के ख़िलाफ़, सौहार्द-भाईचारे और सकारात्मक राजनीति की जीत है। ये INDIA गठबंधन और PDA की एकता की जीत है।
सबको हृदय से धन्यवाद, दिल से शुक्रिया!
एग्जिट पोल की हवा पब्लिक निकलेगी। काउंटिंग के दिन सतर्क रहें फॉर्म 17C का मिलान ना होने पर काउंटिंग रोकना है। जनता के आक्रोश के सामने हर तानाशाह को झुकना पड़ता है। काउंटिंग बूथ पर डँटें रहें। जनता जागरूक रहेगी तो DM भी बेईमानी नहीं कर पाएगा।
ध्यान करने नहीं जा रहे हैं , ध्यान का कवरेज करवाने जा रहे हैं। यह टीवी पर कवरेज वाला सबसे लंबा ध्यान होगा। शहर में कोई नया बाबा आता था तो यही करता था। ज़मीन के भीतर समाधि ले लेता था, शहर उमड़ पड़ता था। यही टेक्निक है। चार दिन बाद निकलता थ���। किसी को पता नहीं भीतर था भी या नहीं।
दस साल इन्हीं सब में गुज़र गया। काम कर नहीं सके। कभी मंदिर तो कभी इंटरव्यू तो कभी ध्यान। फिर कहेंगे कभी छुट्टी नहीं ली। बताना चाहिए कि ये ध्यान काम है या छुट्टी ली है? कहीं ये भी ख़बर न चलवा दें कि ध्यान से ही फ़ाइलों पर साइन कर दे रहे हैं। पीएमओ में रखी कलम उठी और अपने आप साइन कर आयुक्तों को हमेशा के लिए सेवा विस्तार दे दिया।
यह मुस्लिम ओबीसी जातियों की केंद्रीय सूची है जिन्हें गुजरात में पिछड़े वर्ग में आरक्षण मिलता है।
हाँ! उसी गुजरात में जहां नरेंद्र मोदी जी 13 वर्षों तक CM रहे है।
यह जानकारी प्रधानमंत्री के साथ साथ गोदी मीडिया के अज्ञानियों के लि��� भी है जो केवल व्हाट्सएप ज्ञान के आधार पर आजकल न्यूज़ पढ़ते है, इंटरव्यू करते है तथा भ्रम, नफरत एवं अफवाह फै��ाते है।
ये लोग नहीं जानते कि हमारे संविधान में आरक्षण का आधार धर्म नहीं बल्कि सामाजिक पिछड़ापन है।
समाजवादी पार्टी ने 10 कुर्मी लोकसभा उम्मीदवार बनाया है जिसके लिये @yadavakhilesh जी बधाई के पात्र हैं। उत्तर प्रदेश में कुर्मी समाज के अधिकार को ��ेच कर एक नेत्री ख़ुद राज्य मंत्री बन जातीं हैं। उत्तर प्रदेश में जनरल सीट पर दलित वर्ग के उम्मीदवार भी सबसे ज़्यादा सपा ने दिया है।
देश में भ्रष्टाचारियों का अमृतकाल चल रहा है!
₹777 करोड़ खर्च कर बनाई गई प्रगति मैदान टनल सिर्फ एक साल में उपयोग के लायक नहीं रही।
प्रधानमंत्री विकास की हर परियोजना पर ‘प्लानिंग’ की जगह ‘मॉडलिंग’ कर रहे हैं,
और ED, CBI, IT भ्रष्टाचार से नहीं, लोकतंत्र से लड़ रहे हैं।
UGC के नए ड्राफ्ट में उच्च शिक्षा संस्थानों में SC, ST और OBC वर्ग को मिलने वाले आरक्षण को ख़त्म करने की साजिश हो रही है।
आज 45 केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में लगभग 7,000 आरक्षित पदों में से 3,000 रिक्त हैं, और जिनमें सिर्फ 7.1% दलित, 1.6% आदिवासी और 4.5% पिछड़े वर्ग के Professor हैं।
आरक्षण की समीक्षा तक की बात कर चुकी BJP-RSS अब ऐसे उच्च शिक्षा संस्थानों में से वंचित वर्ग के हिस्से की नौकरियां छीनना चाहती है।
यह सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करने वाले नायकों के सपनों की हत्या और वंचित वर्गों की भागीदारी ख़त्म करने का प्रयास है।
यही ‘सांकेतिक राजनीति’ और ‘वास्तविक न्याय’ के बीच का फर्क है और यही है भाजपा का चरित्र।
कांग्रेस ये कभी होने नहीं देगी - ��म सामाजिक न्याय के लिए लड़ते रहेंगे और इन रिक्त पदों की पूर्ति आरक्षित वर्गों के योग्य उम्मीदवारों से ही कराएंगे।
जाति का घमंड संविधान पर भी भारी। संविधान की शपथ लेने वाले माननीय श्री राज्यपाल, मा. मुख्यमंत्री, सब साबित हुए बौने। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद (ब्राह्मण) द्वारा भर्तियों में किया जा रहा है बड़ा घालमेल। आचार्य के 12 पद में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जनजाति का आरक्षण शून्य एवं अनुसूचित जाति को मात्र 1 पद, अपर आचार्य के 3 पद में ओबीसी, एससी, एसटी का आरक्षण शून्य, सह आचार्य के 17 पद में ओबीसी को मात्र 1 पद, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति का आरक्षण शून्य तथा सहायक आचार्��� के 80 पद में अनुसूचित जनजाति का आरक्षण शून्य, जबकि पिछड़े वर्ग को 27 % के सापेक्ष मात्र 12% और अनुसूचित जाति के 21.5% के सापेक्ष मात्र 9% का लॉलीपॉप दिखाकर आरक्षण नियमावली का किया बंटाधार।
देवरिया कांड में अगर किसी भी पक्ष के साथ अन्याय हुआ तो ये भी एक अपराध होगा। शासन-प्रशासन का दायित्व है कि वो वातावरण को तनावमुक्त करे व रखे और ऐसा कोई भी काम न करे जो माहौल बिगाड़े।
शांति की कोशिश का अंत किसी की हत्या या हत्या का प्रतिकार नहीं हो सकता और न ही ऐसी वारदातें किसी सत्ता के लिए सियासी फ़ायद��� उठाने का मौका होनी चाहिए।
सुभाष चंद्रा ने यस बैंक से 8400 करोड़ कर्ज लिया
अब सुभाष चंद्रा को सिर्फ 1500 करोड़ देना है
बाकी 6900 करोड़ माफ हो गया
यह लूट योजना सिर्फ उन अरबपतियों के लिए है जिनके लिए मोदी जी 18-18 घंटे काम करते हैं। आपको तो ट���ाटर और टिंडा खरीदने से पहले 50 बार सोचना है।
देश बहुत मजबूत हाथों में है। हाथो-हाथ बिक रहा है और आपको खबर तक नहीं है।