पांडव कुमार को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि ऐसा बिहार बनाया जाए जहाँ कोई युवा 10-15 हजार की नौकरी के लिए दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर न हो।
#BihariLivesMatter
िबहार का युवा मेहनत करता है, पढ़ाई करता है, िडग्री लेता है। लेिकन नौकरी के िलए उसे िदल्ली, पंजाब, गुजरात और मुंबई जाना पड़ता है। वजह साफ है — िबहार में पूंजी िनवेश नहीं हुआ, इसिलए रोजगार नहीं बना। #BihariLivesMatter
जो बिहारी दूसरों के शहर बनाते हैं, दूसरे की फैक्ट्री चलाते हैं और जब घर लौटना हो तो लाठी खाते हैं, आखिर दर्द की ये कहानी कब खत्म होगी?
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बिहार का युवा अवसर मिलने पर हर क्षेत्र में इतिहास रचता है। शिक्षा हो या प्रशासन, व्यापार हो या राजनीति -उसकी मेहनत देश की ताकत है। उसकी जिंदगी भी मायने रखती है। #BihariLivesMatter
जब राज्य में पूंजी नहीं आती, तो फैक्ट्री नहीं लगती। फैक्ट्री नहीं लगती, तो नौकरी नहीं बनती। नौकरी नहीं बनती, तो युवा पलायन करता है। बिहार की समस्या की जड़ यही है। #BihariLivesMatter
बिहार की प्रति व्यक्ति आय देश में सबसे कम राज्यों में है। लाखों युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद भी 10-15 हजार रुपये की नौकरी के लिए दिल्ली, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र जाने को मजबूर हैं। #BihariLivesMatter
एक तरफ बिहार के नेता विकास के दावे करते हैं, दूसरी तरफ बिहार के युवा रोज़गार के लिए भटकते हैं और कई बार अपनी जान तक गंवा देते हैं। पांडव कुमार की मौत इसी सच्चाई का आईना है। #BihariLivesMatter
पांडव कुमार काम की तलाश में गए थे, लेकिन उनकी लाश घर लौटी। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की विफलता है जिसने बिहार के युवाओं को पलायन के लिए मजबूर किया। @narendramodi@samrat4bjp#BihariLivesMatter