1991 में हैदराबाद से वाया दिल्ली होते हुए जेद्दा जाने वाली एक फ्लाइट में एक बूढ़ा अरबी शेख बैठा था और उसके बगल में काले तंबू में एक महिला बैठी थी ..महिला बुर्खे में खूब सिसकी लेकर रो रही थी
उसे सिसकी लेते देख एयर होस्टेस अमृता अहलूवालिया को शक हुआ ।
फिर फ्लाइट के दौरान महिला वॉशरूम गई ...बाथरूम के दरवाजे के पीछे एयर होस्टेस अमृता अहलूवालिया खड़ी थी। दरवाजा खोलते समय उस महिला ने जब अपना बुर्का हटाया एयर होस्टेस अमृता अहलूवालिया ने चेहरा देखकर अनुमान लगाया कि यह लड़की तो अभी बच्ची है मुश्किल से 8 या 12 साल की होगी
उसे मामला संदेहास्पद लगा उसने तुरंत प्लेन के कैप्टन से बात किया प्लेन के कैप्टन ने दिल्ली एयरपोर्ट पर अलर्ट कर दिया
प्लेन दिल्ली रुका तुरंत ही पुलिस आई और उस बूढ़े अरबी शेख और उस 11 साल की बच्ची को प्लेन से उतार लिया
बूढ़ा अरबी शेख निकाहनामे को दिखाकर अरबी में चिल्लाता रहा कि उसने इससे उसके मां बाप के सामने निकाह किया है। 10 लाख रुपए मेहर दिया है निकाह के सारे पेपर भी दिखाएं
लेकिन जब पुलिस ने जांच की तब हैदराबाद में चल रहे एक ऐसा घिनौना सच सामने आया जिसने सबके होश उड़ा दिए
इस केस को अमीना केस 1991 कहते हैं जिसे आप गूगल में सर्च करिए ..और इस सच ने बेहद घिनौने पहलू को उजागर किया जो 1970 से चल रहा था
दरअसल इस्लाम में एक मुताह निकाह बताया गया है जिसमें आप किसी भी महिला किसी भी लड़की किसी भी बच्ची से एक कांट्रैक्ट मैरिज कर सकते हैं और वह कांट्रैक्ट आधा घंटा से लेकर कुछ वर्षों तक का हो सकता है
अरब के बूढ़े शेख हैदराबाद आते थे.. हैदराबाद में सैकड़ों दलाल का यह बिजनेस होता था वह गरीब मुस्लिम लड़कियों के मां-बाप को पैसों का लालच देते थे ..मां-बाप खुद अपनी 10 साल से लेकर 9 साल तक की बच्चियों को लेकर अरबी शेखों के सामने नुमाइश लगाते थे
अरबी शेख को जो बच्ची पसंद आ जाती थी बच्ची खरीदने के नाम पर मेहर तय होता था.. दलाल अपना कमीशन लेता था.. मां बाप वैसे देख कर खुश हो जाते थे और अपनी छोटी सी फूल सी बच्ची को बूढ़े दरिंदे को सौंप कर चले जाते थे
और यह सब कुछ इस्लाम के नाम पर होता था मुताह निकाह के नाम पर होता था
कुछ अरबी शेख हैदराबाद के होटलों में ही वेश्यावृत्ति करके अरब चले जाते थे और कुछ लड़कियों को वह अपने साथ अरब लेकर जाते थे और वहां कुछ महीने भोगने के बाद उन्हें या तो इस्तांबुल या मनामा के वेश्यालयों में बेच दिया जाता था या फिर भारत वापस भेज दिया जाता था
यह खुलासा हुआ तब 200 से ज्यादा दलाल गिरफ्तार हुए कई माता-पिता गिरफ्तार हुए
और यह सिलसिला आज भी चल रहा है लेकिन अब तरीका बदल दिया गया है अब मां-बाप खुद अपनी बच्चियों को लेकर अरब देशों में जाते हैं और अपनी बच्चियों को वहां छोड़कर वापस आ जाते हैं
इसका खुलासा 3 साल पहले तब हुआ जब पता चला कि टूरिस्ट वीजा पर कई परिवार अरब देशों में जाते हैं लेकिन वापस आते समय उनके साथ उनकी बच्ची नहीं होती .. उनके पास निकाहनामा था और सऊदी अरब के कानून के मुताबिक उस बच्ची का निकाह जायज होता है जिसे पीरियड्स शुरू हो गए है
क्योंकि अपराध सऊदी अरब में हुआ और सऊदी अरब के कानून के मुताबिक उन्होंने कोई अपराध नहीं किया था इसलिए चाह कर भी पुलिस अब कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है
लेकिन आरफा खानम शेरवानी जी को अपने धर्म की ये खूबसूरती नजर नहीं आई
यह वही महिला थी जो सरकार द्वारा तीन तलाक और हलाला जैसी प्रथा के खिलाफ सबसे ज्यादा मुखर थी उन्हें तीन तलाक और हलाला बहुत अच्छा नजर आता है
फोटोस में जो महिला का फोटो है वह वहीं एयर होस्टेस अमृता अहलूवालिया है जिन्होंने इस गंदे और घिनौने सच को उजागर किया था
हेराफेरी मूवी की शुरुआत में बाबू भैया और श्याम यानि सुनील का वो सीन याद है?
बाबू भैया- "बोलो तुम्हारी समस्या क्या है? "
श्याम - "जी मेरा नाम श्याम है ..."
"अच्छा तो ये तुम्हारी समस्या है! हाँ तो नाम बदल डालो, उसमें गाँव से इधर आने की क्या जरूरत है।"
"जी, मैं इधर नौकरी के चक्कर में आया हूँ।"
"न रे बाबा, इधर कोई नौकरी नहीं है।"
"जी दरअसल नौकरी मेरी समस्या नहीं है , मेरे पास रहने के लिए..."
"देखो बाबा पहले तुम नक्की करो तुम्हारा समस्या क्या है-नाम,नौकरी कि घर ?"
"जी, घर"
"एक काम करो ये सड़क पर राइट में चले जाओ। वहाँ बहुत सारा होटल है।"
"लेकिन मेरे पास इतने पैसे तो नहीं है"
"देखा, फिर तुमने समस्या बदल डाली "
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अगर हेराफेरी आज बनती तो यही सीन कुछ यूँ होता-
"बोलो तुम्हारी समस्या क्या है "
"जी वो SIR से नाम कट रहा है"
"अच्छा तो ये तुम्हारी समस्या है... हाँ तो फॉर्म 6 भर के जुड़वा लो। इसके लिए कम्युनिस्ट-कॉकरोच बनने की क्या जरूरत है।"
"जी, मैं इधर लोकतंत्र बचाने के चक्कर में आया हूँ "
" न रे बाबा, कम्युनिज्म लोकतंत्र नहीं बचाता है।"
"जी दरअसल लोकतंत्र बचाना मेरी समस्या नहीं है, मुझे चीफ इलेक्शन कमिश्नर को कुर्सी से हटाना..."
"देखो बाबा, पहले तुम नक्की करो तुम्हारा समस्या क्या है- SIR, लोकतंत्र या चीफ इलेक्शन कमिश्नर..."
"जी, चीफ इलेक्शन कमिश्नर"
"एक काम करो, ये जंतर-मंतर से थोड़ा आगे संसद भवन चले जाओ। वहाँ महाभियोग प्रस्ताव पारित करवा कर हटा देना।"
"लेकिन हमारे पास इतने सांसद नहीं हैं "
"देखा, फिर तुमने समस्या बदल डाली "
#ECI #SIR #supremecourtofindia #LeaderOfOppos #herapherimemes
Never seen a more shameless woman than Nandan Yadav mother.😤
Q: Your son Nandan Yadav got arrested for harassing a 17-year-old girl. What do you say?
Nandan Yadav Mother: “My son didn’t do anything wrong. The girl was out with a boy at night, and we all know what they wanted to do. My son was only trying to protect her. You can see in the video that he was trying to lift the girl to save her.”
The girl should be arrested. Because of her, my son is in jail. If she hadn’t gone out with a boy at night, my son wouldn’t be here. I request Lalu Yadav to intervene in this matter and save my son. He is a hero.”🥲
At this point, I don’t know who is more responsible for that incident: His mother or Nandan Yadav.🙏
At the end of the long Himalayan journey, something almost mystical happens.
At Homkund, the Chausingya Khadu is separated from the procession. The four horned ram, regarded by devotees as Maa Nanda’s divine messenger and guide, is freed from the offerings and ornaments carried during the journey and sent alone towards the snow covered mountains.
No crowd follows. No one knows what lies beyond.
According to tradition, the Khadu continues towards Kailash, the abode of Lord Shiva, carrying with it the final prayers and devotion of Maa Nanda’s devotees. And then, mysteriously, it disappears into the high Himalayas.
For believers, this is not the end of a journey.
It is Maa Nanda’s farewell to her maternal home and the return of her messenger to Kailash.
Maa Nanda has returned to her Lord.
The Khadu has gone to Kailash.
And the mountains keep the mystery. 🙏🏔️
“नाबालिग की तस्वीर सार्वजनिक करना कानूनन अपराध है”
लेकिन सोशल मीडिया पे वो इतना वायरल ना होता तो तुम लोग सत्तू पी के दफ्तर में डकार मार रहे होते।
फिलहाल तुम लोगों के लिए कुछ भेज रहा हूँ।
« Si tu as un problème, cela signifie qu'il peut être résolu. S'il ne peut pas être résolu, alors ce n'est pas un problème. C'est une réalité qu'il faut accepter. »
— Gustavo Fring
मैंने दो कॉमेडियन्स का वीडियो देखा, हँसी ढूँढ़ता रहा, मसखरी दिखाई दी,
सटायर ढूँढता रहा, संवेदन-शून्यता दिखायी दी.
परिहास ढूँढता रहा, बदतमीज़ी दिखाई दी.
एक वृद्ध महिला को कुर्सी और आदर देना अगर मज़ाक़ का विषय है, तो ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि मैं आजीवन मज़ाक़ बन के जीता रहूँ और एक दिन मज़ाक़ बनके ही इस निर्मम दुनिया से चला जाऊँ.
विरोध करना लोकतांत्रिक-अधिकार है, लेकिन मर्यादा से गिरना चारित्रिक-पतन है.
परमात्मा मुझे वो दिन न दिखाए कि मैं अपने महान भारतवर्ष में कभी जोकर-राज देखूँ.
मेरे बच्चों, जेन ज़ी के चिराग़ों, हँसने के लिए बीरबल के चुटकुले पढ़ लेना, पंचतंत्र की कहानियाँ पढ़ लेना, तेनालीराम के किस्से पढ़ लेना, लेकिन ऐसे भावना-शून्य जोकरों को अपनी मोबाइल स्क्रीन पर जगह देकर, अपने माता-पिता की परवरिश को लज्जित मत करना. जीते रहो!
इस लड़की को कल्याण बैंसला ने कार से टक्कर मारकर गिरा दिया, शिकायत की तो उसके पक्ष में गुर्जर समाज ने महापंचायत बिठा दी।
सोशल मीडिया पर इनफ्लुएंसर, पॉलीटिशियन सब लड़की के ख़िलाफ़ लग गए।
अब पीड़िता को ही सफ़ाई देनी पड़ रही है।
जातिवादी इस हद तक गिर गए हैं।
🚨 स्वरा भास्कर ने खुलासा किया - राम जन्मभूमि फैसले से इतनी परेशान थीं कि फोनबुक में मौजूद हर मुस्लिम सेलिब्रिटी को मैसेज किया।
आमिर खान, शाहरुख खान, सलमान खान… सबको।
“एक हिंदू होने के नाते माफ करना, मुझे शर्म आ रही है। मैं इस फैसले से सहमत नहीं हूँ।”
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, राम लला का मंदिर बना… और स्वरा को शर्म आ गई।
खान परिवार के आगे घुटने टेकने के बावजूद आज भी काम नहीं मिल रहा।
शायद जवाब भी नहीं आया किसी का।
जो हिंदू होकर अपने ही धर्म के फैसले पर शर्मिंदा हो, उसकी औकात समझ आ ही जाती है।