Ex-President Indian Youth Congress Ward no- 9
Ex-Sec Youth Congress Jallandhar (2014-2019)
Ex- President Ward No- 9
Gen-Secretary Jalandhar Youth Congress
एक और बेहतरीन प्रस्तुति.. 🔥
30 करोड़ है बेरोजगार.. कौन है इसका जिम्मेदार?
टाटा, बिरला, अडानी, अंबानी की सरकार.. ये सभी है इसके जिम्मेदार!
शिक्षा है सबका अधिकार.. बंद करो इसका व्यापार। 🔥
ये बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं।
इनकी बेशर्मी देखिए- एक महिला डॉक्टर जब अपना नियुक्ति पत्र लेने आई तो नीतीश कुमार ने उनका हिजाब खींच लिया।
बिहार के सबसे बड़े पद पर बैठा हुआ आदमी सरेआम ऐसी नीच हरकत कर रहा है। सोचिए- राज्य में महिलाएं कितनी सुरक्षित होंगी?
नीतीश कुमार को इस घटिया हरकत के लिए तुरंत इस्तीफ़ा देना चाहिए। ये घटियापन माफी के लायक नहीं है।
बिहार में एक समारोह में पत्र वितरण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक लड़की का जबरन हिजाब खींच लिया
सुरक्षाकर्मी को उस लड़की को पीछे खींचना पड़ा
इतनी घटिया हरकत पर इतना सुई टपक सन्नाटा क्यों?
एक CM ने यह किया पर कोई आक्रोश नहीं?
TV पर कोई डिबेट नहीं?
हद है
Vote Chori सिर्फ़ एक चुनावी घोटाला नहीं, ये संविधान और लोकतंत्र के साथ किया गया बड़ा धोखा है।
देश के गुनहगार सुन लें - वक़्त बदलेगा, सज़ा ज़रूर मिलेगी।
अखिलेश यादव : EVM पर मुझे कल भी भरोसा नहीं था, आज भी नहीं है!
राहुल गांधी : VERY GOOD 👍
दोनों मिलकर EVM का खेल खत्म करेंगे🔥🗳️
#RahulGandhi#AkhileshYadav
चोरों ने वेबसाइट से मतदाता सूची के ड्राफ्ट की PDF ही गायब कर दी है ताकि चोरी पकड़ी नही जा सके,
अब बिहार में स्कैन की हुई मतदाता सूची अपलोड की गयी है जिसे मशीन से नही पढ़ा जा सकता मतलब धांधली नही पकड़ी जा सकती।
यहाँ इसलिए शेयर कर रहे हैं ताकि चुनाव आयोग की MISLEADING वाली स्याही ख़र्च हो सके। आयोग को पता होना चाहिए कि उसके ठप्पे पर कोई यक़ीन नहीं करता क्योंकि उसके प्रति लोगों का भरोसा कम हो गया है। EC भारत का नया ED न बने तो बेहतर है। इसी तरह ED ने जब विपक्ष पर हमला किया तो लोगों को लगा कि भ्रष्टाचार से लड़ाई हो रही है लेकिन इसके नाम पर विपक्ष को डरा दिया गया। ज़्यादा नहीं पाँच छह साल के भीतर ही कोर्ट में ED का खेल खुल गया। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस इसे CROOK कह रहे हैं। अतः भारत के नए ED को यानी EC को समझना चाहिए कि जनता वोटर लिस्ट के खेल को समझ गई है। उसे वोटर लिस्ट की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी, पाँच बजे के बाद का वोटिंग का वीडियो सौंप देना चाहिए। चुनाव आयोग को शपथ पत्र देना चाहिए कि हमारे बनाए लिस्ट में कोई गड़बड़ी नहीं है। अगर एक भी ग़लती निकली तो वह अपने अधिकारियों को जेल भेजेगा। आयोग अगर यह कहता तो लोग शपथ पत्र पर लिख कर देते कि हमें आयोग पर भरोसा है। वरना पाँच रुपये के शपथ पत्र पर लोग ठीक इसका उल्टा लिख कर देने लग जाएंगे। हमें नहीं पता कौन अधिकारी रिटायर होकर रिलायंस की नौकरी करने वाला है या बीजेपी से चुनाव लड़ने वाला है। इसलिए आयोग को संदेहों से ऊपर होना चाहिए। शपथ पत्र दिखा कर जनता को भटकाने का प्रयास बंद होना चाहिए।