ड्राइविंग लाइसेंस की एक्सपायरी डेट क्यों ?
क्या आदमी एक्सपीरियंस के साथ गाड़ी चलाना भूल जाता है?
नोट : एक भारतीय जन्म से लेकर मृत्यु तक
कागज बनवाते बनवाते हीं मर जाता है ।
बच्चों को स्कूल के लिए रोना पड़ रहा है।
कितना हृदय विदारक और मार्मिक दृश्य है।😢
शिक्षा, सत्ता में बैठे लोगो की प्राथमिकता नहीं है।
क्या नेताओ के बच्चे भी स्कूल और शिक्षा के लिए ऐसे बिलबिलाते है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहते हैं— "विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात आदर्श होना चाहिए"
पर ज़मीनी हकीकत?
🔸 UP के हज़ारों स्कूलों में शिक्षक ही नहीं हैं
🔸 BTC-TET पास अभ्यर्थी वर्षों से नियुक्ति का इंतज़ार कर रहे हैं
🔸 हर साल लाखों बच्चों की पढ़ाई बर्बाद हो रही है
बयानबाज़ी से नहीं, नियुक्ति से आएगा सुधार!
रिक्त पद नहीं भरना ही असली 'Double Engine' की सच्चाई है। 🚨
#शिक्षक_भर्ती_करो #UPGovt #शिक्षा_का_संकट
#mi#mi_scam
I bought a mi luggage bag which I used very little yet both handles broke, no local company makes such a poor product.
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उड़ीसा में दो दलित युवकों को दो किलोमीटर तक घुटनों के बल चलाकर नाले का पानी पिलाया गया और घास खिलाई गई.
उड़ीसा में भाजपा की सरकार है.
भाजपा दलितों की हितैषी पार्टी नहीं है. ये बात गाँठ बांध लीजिए और कभी मत भूलिएगा.
'बाल काटना नाई का धर्म नहीं धंधा है, चमड़े की सिलाई करना मोची का धर्म नहीं धंधा है, इसी तरह पूजा पाठ करना करवाना ब्राह्मण का धर्म नहीं धंधा है.' - महात्मा जोतीराव फुले.
जाति पूछी…धर्म नहीं
कथावाचक का सिर ब्राह्मण न होने की वजह से मूँड़ दिया गया और उस पर पेशाब छिड़का गया.
दो दलित दलित युवकों को गो-तस्करी के शक में बुरी पीटकर, आधा सिर मुंडवाकर, घुटनों के बल रेंगने, घास खाने और नाली का पानी पीने के लिए मजबूर किया गया.
देख रहे हो न बिहारवालों..!
@narendramodi
#BiharElections2025 #BiharElections
मैंने देखा है कि
बहुत से ब्राह्मण लोग इटावा वाली घटना की निंदा न करके उसे तरह तरह के बहाने बनाकर डिफेंड कर रहे हैं,
ऐसे लोगों को ख़ुद पर शर्म आनी चाहिए और याद रखो कि
धर्म के नाम पर एकजुट करके और फिर जाति के नाम पर प्रताड़ित करने का जो यह दोहरा चरित्र दिखाते हो,
ये बेहद ही ग़लत है और अब यह सब PDA भलीभांति समझ चुका है।
बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने योगी सरकार के उस फैसले की आलोचना की है जिसमें 27 हजार से भी ज्यादा सरकारी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
मायावती ने कहा है कि सरकारी स्कूल बंद करने पर गरीबों के बच्चे कहां पढ़ेंगे?
स्कूलों को ठीक करने की जरूरत है, उन्हें बंद करने की नहीं।
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट किया यूपी सरकार से प्राथमिक विद्यालय के विलय को लेकर खड़े किए सवाल
1. यूपी सरकार द्वारा 50 से कम छात्रों वाले बदहाल 27,764 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जरूरी सुधार करके उन्हें बेहतर बनाने के उपाय करने के बजाय उनको बंद करके उनका दूसरे स्कूलों में विलय करने का फैसला उचित नहीं। ऐसे में गरीब बच्चे आखिर कहाँ और कैसे पढ़ेंगे? 1/3
2. यूपी व देश के अधिकतर राज्यों में खासकर प्राइमरी व सेकण्डरी शिक्षा का बहुत ही बुरा हाल है जिस कारण गरीब परिवार के करोड़ों बच्चे अच्छी शिक्षा तो दूर सही शिक्षा से भी लगातार वंचित हैं। ओडिसा सरकार द्वारा कम छात्रों वाले स्कूलों को बंद करने का भी फैसला अनुचित। 2/3
3. सरकारों की इसी प्रकार की गरीब व जनविरोधी नीतियों का परिणाम है कि लोग प्राइवेट स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने को मजबूर हो रहे हैं, जैसाकि सर्वे से स्पष्ट है, किन्तु सरकार द्वारा शिक्षा पर समुचित धन व ध्यान देकर इनमें जरूरी सुधार करने के बजाय इनको बंद करना ठीक नहीं।