आगरा पुलिस के संरक्षण में अजय तोमर को दिया जा रहा है बढ़ावा।
खुलेआम आगरा के सदर बाजार राजपुर चुंगी रोड पर एक ऐसा पोस्ट मुस्लिम समाज एवं अन्य जातियों के लोगों को देश का को गद्दार कहा गया, जो आगरा जिला एवं प्रदेश में संप्रदाय दंगे एवं शांति व्यवस्था को खराब कर सकता है
ऐसी अराजकता फैलाने वाले पर आगरा पुलिस कार्रवाई कर सकती है
लेकिन अजय तोमर योगी यूथ ब्रिगेड चलाता है, इसलिए आगरा पुलिस है मेहरबान
🚨 **हापुड़ में पत्रकार नसीम अहमद की पीट-पीटकर हत्या, दो हिरासत में!**
हापुड़ के कोठी गेट निवासी पत्रकार नसीम अहमद (60) की रविवार को जरौठी रोड स्थित एक फ्लोर मिल में मारपीट के दौरान मौत हो गई।
#Hapur#Journalist#NaseemAhmed#CrimeNews#HapurNews#JanwaniNews
🚨 **हापुड़ में पत्रकार नसीम अहमद की पीट-पीटकर हत्या, दो हिरासत में!**
हापुड़ के कोठी गेट निवासी पत्रकार नसीम अहमद (60) की रविवार को जरौठी रोड स्थित एक फ्लोर मिल में मारपीट के दौरान मौत हो गई।
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4 PM की पत्रकार शाहीन को धार्मिक आधार पर पीटे जाने के BBC लंदन की पत्रकार रही हुदा जरीवाला ने दिल्ली पुलिस को दिखाया आइना ,
हुदा जरीवाला का दिल्ली पुलिस से किये गए ये सवाल आने वाले इतिहास में स्वर्ण पन्नों में लिखें जायेंगे ,
सलाम है ऐसे पत्रकारो पर ,
*मुख्यमंत्री से सवाल पूछा तो पुलिस ने पत्रकार को हिरासत में लिया, मारपीट के आरोप से मचा बवाल!*
दिल्ली में पत्रकार के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद सियासत गरमा गई है। पत्रकार शाहीन का आरोप है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने के बाद.....
इबादत
सादिक
अब्दुल्ला
साहेब
फैजल
आजम
शब्बीर
इमरान
मुश्ताक और राजिक .
इनका नाम ही इनकी पहचान है और इनकी पहचान ही आज के दौर में इनकी सबसे बड़ी मुसीबत है . इस सबको एमपी पुलिस ने दंगा , आगजनी , मारपीट , घर में जबरन घुसने और विस्फोटक रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था , मध्यप्रदेश पुलिस के मुताबिक ये सारे दंगाई थे लेकिन मध्यप्रदेश की ही अदालत ने इन्हें हिंसा और दंगा के आरोपों से बरी कर दिया है . अदालत ने अपने फैसले में ये भी पूछा है कि पुलिस ने आखिर इन 11 लोगों को किस आधार पर दंगे का आरोपी बनाया ? आज इंडियन एक्सप्रेस ने विस्तार से पूरी रिपोर्ट छापी है .
कोर्ट का ये फैसला एमपी सरकार के मुंह पर तो तमाचा है ही इस बात का भी सबूत है कि कैसे इस देश में मुसलमानों को दंगाई घोषित करके सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है .
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
जंतर मंतर पर छात्रों को खाना बांटने वाले जुनैद को 24 जुलाई की रात दिल्ली पुलिस उठाकर उत्तराखंड ले गई। पूरी रात आंखों पर पट्टी बांधकर रखा। अगली सुबह एक अधिकारी ने जुनैद से पूछा कि फंडिंग कहां से आती है? इतना खाना कैसे बांट रहे हो? पूछताछ करके वे जुनैद को मसूरी (उत्तराखंड) ले गए
जंतर मंतर पर छात्रों को खाना बांटने वाले जुनैद को 24 जुलाई की रात दिल्ली पुलिस उठाकर उत्तराखंड ले गई। पूरी रात आंखों पर पट्टी बांधकर रखा। अगली सुबह एक अधिकारी ने जुनैद से पूछा कि फंडिंग कहां से आती है? इतना खाना कैसे बांट रहे हो? पूछताछ करके वे जुनैद को मसूरी (उत्तराखंड) ले गए
*"कुछ घंटे पहले तक जहां मोदी जी हाय-हाय थे.. अब वहां जोश-ए-जवानी हाय-हाय है.."*
जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है.. देश के युवा अपनी जीत पर झूम रहे हैं..
युवा कह रहे हैं..
आज संविधान जीता है.. कह रहे, "कौन कह रहा था, इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते.. देखिए इस्तीफे होते हैं.."