तापमान 45 डिग्री को पार कर रहा है, इतनी भयंकर गर्मी में भी फरीदाबाद के कई इलाकों में बिजली गुल रहती है।मुख्यमंत्री नायाब सिंह जी आप बिजली की व्यवस्था दुरुस्त करवाएं
पूरी रात बिना पंखे के सोना कितना मुश्किल होता है, इसका आपको अंदाजा तक नहीं होगा।
@NayabSaini@NeerajSharmaINC
ये बिहार है यहां एक अधिकारी मंत्री मुख्यमंत्री को किसी को लगाता नहीं …जब जो मन आये तुग़लकी फ़रमान जारी कर देता है ..ये दृश्य शेखपुरा ज़िले के सरकारी स्कूल के है चार दर्जन बच्चे बेहोश होकर अस्पताल में है लेकिन क्या मज़ाल कोई उन्हें डर से ये बतला सके तापमान 45 डिग्री है #Bihar
संसद में जो महिला आरक्षण बिल लाया गया है, वह स्वागत योग्य कदम है।
हम शुरू से ही महिला सशक्तीकरण के हिमायती रहे हैं और बिहार में हमलोगों ने कई ऐतिहासिक कदम उठाये हैं। वर्ष 2006 से हमने पंचायती राज संस्थाओं और वर्ष 2007 से नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया।
वर्ष 2006 से ही प्रारंभिक शिक्षक नियोजन में महिलाओं को 50 प्रतिशत और वर्ष 2016 से सभी सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। वर्ष 2013 से बिहार पुलिस में भी महिलाओं कोे 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। आज बिहार पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी देश में सर्वाधिक है।
बिहार में मेडिकल एवं इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी के अन्तर्गत नामांकन में न्यूनतम 33 प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिये आरक्षित की गयी हैं। ऐसा करनेवाला बिहार देश का पहला राज्य है।
हमलोगों ने वर्ष 2006 में राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन के लिए परियोजना शुरू की जिसका नामकरण ‘‘जीविका‘‘ किया। बाद में तत्कालीन केन्द्र सरकार द्वारा इसकी तर्ज पर महिलाओं के लिए आजीविका कार्यक्रम चलाया गया। बिहार में अब तक 10 लाख 47 हजार स्वयं सहायता समूहों का गठन हो चुका है जिसमें 1 करोड़ 30 लाख से भी अधिक महिलाएँ जुड़कर जीविका दीदियाँ बन गयी हैं।
हमारा मानना है कि संसद में महिला आरक्षण के दायरे में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की तरह पिछड़े और अतिपिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिये भी आरक्षण का प्रावधान किया जाना चाहिये।
प्रस्तावित बिल में यह कहा गया है कि पहले जनगणना होगी तथा उसके पश्चात निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन होगा तथा इसके बाद ही इस प्रस्तावित बिल के प्रावधान लागू होंगे। इसके लिए जनगणना का काम शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। जनगणना तो वर्ष 2021 में ही हो जानी चाहिए थी परन्तु यह अभी तक नही हो सकी है। जनगणना के साथ जातिगत जनगणना भी करानी चाहिए तभी इसका सही फायदा महिलाओं को मिलेगा। यदि जातिगत जनगणना हुई होती तो पिछड़े एवं अतिपिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था को तुरंत लागू किया जा सकता था।
इंटरनेट की वजह से कई लोगों को बहुत नुकसान हो रहा है। मैं एक टैक्सपेयर्स की पत्नी हूं। मेरे पति की मेहनत की कमाई इस तरह के दंगे को बढ़ावा देने के लिए कृपया इस्तेमाल न करें।
एक सामान्य नागरिक
सपना झा
#gurgaonviolence#aamadmi#pm#narendramodi#taxpayers#indiangoverment
मोदी जी,
आपसे विनम्र निवेदन है कि धर्म पर होने वाले दंगों को बंद कराने के लिए कोई प्रभावी बिल लेकर आईए। देश का युवा बरबादी की ओर जा रहा है। जिन मासूमों को इन दंगों और धर्म के नाम से कोई लेना—देना नहीं है वह भी न चाहते हुए भी इसमें पिस रहे हैं। फरीदाबाद में पिछले तीन दिन से बंद
धर्म के नाम पर दंगे होने में केवल आम आदमी पिसता है, जिसको रोज कमाना और खाना है। माननीय मंत्री जी@mlkhattar इस समस्या का जितना जल्दी हो सके निवारण करिए। निवारण करने के साथ ही आप कुछ ऐसे कड़े कानून लाएं जिससे कि इस तरह के दंगाईयों में आगे इस तरह की कार्रवाई करने का साहस ना हो।
@Mukesh_Journo Shayad mobile tower #JIO ka hoga chor recharge karva karva ke pareshan ho gaya hoga. Ab vo apna telecom company kholega 😉 ..Tower testing ke liye le gaya hoga 😀
ज़िंदा से तो रिश्वत लेना आम था... अब मुर्दा के लिए भी रिश्वत मांगी जाने लगी ? समस्तीपुर, बिहार में जवान बेटे का पोस्टमॉर्टम करवाने के लिए अस्पताल ने ₹50,000 रिश्वत मांगी तो ये गरीब परिवार झोली फैलाए सड़कों पर घूमने को मजबूर हो गया। बिहार सरकार तुरंत एक्शन ले।