@kkstau Differ with your view point here. This anarchy in the garb of students needs to be curbed at earliest and this is a step towards right direction
@Sonakshi_V यह कुछ और नहीं देश को भाषा के आधार पर विभाजित करने की साज़िश है।जिसका कुछ राज्यों का आम व्यक्ति मोहरा बन रहा है।IAS और IPS को राज्य का कैडर नौकरी के प्रारंभ में ही अलाट हो जाता है जो रिटायरमेंट तक रहता है वही बैंकों में हर तीन साल में देश के किसी भी कोने में ट्रांसफर हो सकता है