आज UP से लेकर राजस्थान, उत्तराखंड, MP, गुजरात जैसे राज्यों में भी लोग न्याय के लिए @BhimArmyChief की तरफ़ देख रहे हैं। भारत में ऐसा कोई नेता नहीं है जो चन्द्रशेखर जितना अपना खून-पसीना बहा रहा हो। @AzadSamajParty
एक हफ़्ते रुक जाओ देखना यही एसएसपी पांडे सड़क जाम करने वाले और हुड़दंग काटने वाले कांवड़ियों के लिए फूल बरसाते नज़र आयेंगे। तब याद नहीं आयेगा सड़क किसके बाप की है। अभी दलित प्रदर्शनकारियों के लिए इनकी भुजाए फड़क रही है, जो एक मृत बच्ची के लिए इंसाफ माँग रहे है।
@Uppolice
#SSP_अविनाश_पांडेय_को_बर्खास्त_करो
अरे @meerutpolice जी।
एक हफ़्ते रुक जाओ देखना यही पुलिस और एसएसपी सड़क जाम करने वाले और हुड़दंग काटने वाले कांवड़ियों के लिए फूल बरसाते नज़र आयेंगे। तब याद नहीं आयेगा सड़क किसके बाप की है। अभी दलित प्रदर्शनकारियों के लिए इनकी भुजाए फड़क रही है, जो एक मृत बच्ची के लिए इंसाफ माँग रहे है। किसी बंद गाड़ी में बैठे एक आदमी के साथ मारपीट करना कौन सा क़ानून है, वो तो सड़क पर भी उस टाइम नहीं था। क्या पुलिस वाले जाति और धर्म देखकर अपना व्यवहार बनाते है ?
मुझे मोदी पर न हंसी आ रही है और न आश्चर्य हो रहा है. अपने हिसाब से से ये इनकी बेस्ट परफ़ॉर्मेंस है.
हंसी और तरस मुझे शेखर गुप्ता, प्रताप भानु मेहता और रामचंद्र गुहा जैसों पर आता है जो मोदी को 2013 से प्रमोट कर रहे हैं, स्ट्रॉंग लीडर बता रहे थे - असली जोकर तो ये लोग हैं.
A couple was stopped, harassed by goons, forced the boy to apply sindoor to the girl, Nawada Police clarified that couple belong to the same community. Entire incident was filmed & circulated online, accompanied by chants of "Jai Bajrang Bali."
PM Narendra Modi : India celebrated its Republic Day on January 26 last year. Twenty-six... 2 plus 6 equals 8, and Indonesian President Prabowo Subianto's birthday is on the 17th, 1 plus 7 also equals 8. Same same.
ये सब आरोप अखिलेश यादव ने नहीं, इनको दान करने वाले लोगो ने लगाये थे। और इनको दान देने वाले लोग बहुत बार मिलकर पत्र लिखकर इसकी रसीद माँग चुके है। तब कोई प्रमाण नहीं दिया, अब अरोप लगने के हफ्तों बाद ये सब दिखा रहे, अब तो इनके इस बात पर भी भरोसा नहीं की ये सब असली वही है या चोरी पकड़ने के बाद नक़ली बनवाकर फोटो खिंचवायीं गई।
और क्या पता अभी घर में छुपा कर रखी हो इसको पार लगाने वाले थे कि भेद खुल गया तो अपनी धोती बचाने के लिए ये निकाल कर रखनी पड़ी। सारे हिंदू समाज को तो अखिलेश यादव का धन्यवाद देना चाहिए, जिन्होंने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा कर हिंदुओं का करोड़ो रुपए चोरी और राम मंदिर की लूट को सामने ला दिया।
ये मंदिर राम मंदिर से भी भव्य बना है और आबूधाबी में इसको 700 करोड़ में बना दिया गया था। और राम मंदिर 3000 करोड़ में बना और उद्घाटन के बाद इसकी छत टपकने लगी थी।
अब सामने आ रहा है इसके ठेके में हर जगह 40 % से ज़्यादा कमीशन खाया गया। इसके निर्माण में भी भ्रष्टाचार हुआ था।
आबूधाबी का ये मंदिर अपनी भव्यता के साथ धर्मनिरपेक्षता की भी पहचान है।एक समय अपनी कट्टरता और संकीर्ण मानसिकता के लिए जाने जाने वाले अरब देशों में सभी धर्मो को सम्मान मिल रहा है, विकास और प्रगति के नए आयाम लिखे जा रहे है।
और पूरी दुनिया में महान समावेशी विचारो को फैलाने वाला देश भारत आज एक धार्मिक नफ़रत को पोषित करने वाला और फैलाने वाला देश बन गया है।
जैसे आप सीएम है वैसे ही वो अध्यक्ष है। इसलिए लोग अभी जान नहीं पाये।
भारत में महिला राजनीति का सबसे लाचार दौर चल रहा है। महिलाओं का इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा, की देश की एक मात्र महिला सीएम अब ये रेखा गुप्ता रह गई हैं। महिलाओं इनके जैसी मूढ़ नेता को जिसको AQI और IQ में अंतर नहीं पता उनको अपना सबसे बड़ा नेता मानना पड़ेगा।🙂🙂
हिंदू धर्म वाले कमज़ोर नहीं बहुत ही मज़बूत दिल के है। वरना तुम जैसे चन्दा चोरो की बकैतिया बर्दास्त कर रहा होता ? कब का लतिया के भगा दिया होता, जिनको तुम भगवान मानते हो, उनके शरीर से गहने तक नोच लिए तुम चोरो ने, और बेशर्मी इतनी अभी भी हिंदू धर्म के ठेकेदार बन रहे। 👇
और उसी अंग्रेज़ी सरकार के बॉम्बे गजेटियर में ये बात लिखी है कि अछूतो के गले में मिट्टी की हांडी बँधी हुई देखी। मतलब जो इनको सूट करेगी उसको अंग्रेज़ी सरकार से डेटा लाकर नाचने लगेगे, और जो इनकी पोल खोले वो फेक है प्रोपेगेंडा है …वाह रे दोगलो 😇
पिताजी को ये नहीं पता कि भारत के बाहर रुपया नहीं चलता। हर बार पूछते हैं, “बेटा, पैसा है न? कुछ पैसा भेज दें?” मैं उनसे कहती हूँ, “पापा, स्कॉलरशिप मिली है। यहाँ यूरो चलता है, रुपया नहीं। दूसरी करेंसी है।” फिर वह पूछते हैं, “वो क्या होता है?” यह सुनकर मैं सोच में पड़ गई कि उन्हें “यूरो” नहीं पता। फिर ध्यान आया कि पिताजी ने पढ़ाया, लेकिन वे अभाव के कारण स्वयं पढ़ नहीं पाए। माँ ने भी पढ़ाया, लेकिन वे भी पढ़ नहीं पाईं, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को इस लायक बना दिया कि उनकी बेटी दूसरी करेंसी समझती है, दूसरे देश अकेले जाती है, पेपर प्रस्तुत करती है, अपना काम दुनिया को दिखाती है, दूसरे देशों में भी आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करती है और आत्मसम्मान के साथ सर उठा कर जीती है।
एक ग़रीब किसान परिवार, जिसके दादा-परदादा ने खेती की, पिता ने टेम्पो चलाया, और माँ भी पढ़ी-लिखी नहीं थीं; जिसके पूरे खानदान में दूर-दूर तक अपने राज्य से दूसरे राज्य जाना भी लगभग असंभव-सा रहा हो, उस परिवार के लिए उस परिवार की बेटी का दूसरे देश जाकर पढ़ना एक सुनहरे सपने जैसा ही है।
सावित्रीबाई और महात्मा फुले का आभार, जिन्होंने हम महिलाओं के लिए स्कूल खोले; वरना जड़ सामाजिक व्यवस्था शायद हमें घर के किचन से बाहर भी न निकलने देती। बाबा साहेब का आभार, जिन्होंने संविधान के माध्यम से समानता के अवसर सुनिश्चित किए। कर्पूरी जी, जगदेव बाबू, लालू जी,बी. पी. मंडल, वी. पी. सिंह और अर्जुन सिंह, राम मनोहर लोहिया सभी का आभार, जिन्होंने पिछड़ों के लिए विश्वविद्यालयों के रास्ते खोले। हर महानायक और महानायिका को मेरा प्रणाम, क्योंकि यदि वे न होते, तो शायद हर साल नई भाषा सीखना, नई संस्कृति को समझना , अलग अलग कोर्स करना या अपने शोध-कार्य को अकादमिक दुनिया के सामने प्रस्तुत करना संभव न हो पाता।
शिक्षा सिर्फ़ आपके लिए हज़ारों रास्ते नहीं खोलती, वह आपके और आपके पूरे समाज के लिए लाखों अवसर भी तैयार करती है। शिक्षा भेदभाव नहीं करती, इसलिए शिक्षित होना हर वंचित की पहली ज़िम्मेदारी है, क्योंकि यही शिक्षा से आप साबित करते हैं कि “मेरिट” खोखला है। समान अवसर सभी को मिले, तो हर इंसान बेहतर कर सकता है, बेहतर बन सकता है और दुनिया को कुछ बेहतर दे सकता है। शिक्षा आपके भीतर conscience का निर्माण करती है और obedience को ख़त्म करती है। इसलिए शिक्षा हमेशा से वर्चस्ववादी ताकतों के लिए ख़तरा रही है। शिक्षा के हथियार से ख़ुद को लैस करिए, हर प्रकार का वर्चस्व अपने आप धराशायी हो जाएगा।
बाबा साहेब के शब्दों में “शिक्षित बनें, संगठित रहें, संघर्ष करें।”
तस्वीर लिथुआनिया के राष्ट्रपति ऑफ़िस की है।
ये बड़े बड़े महल 2020-21 के बाद ही क्यों बने ? राम मंदिर के चंदा और ज़मीन में घोटाले की आवाज़े भी उसी समय सुनाई दी थी सबसे पहले ….दोनों साथ साथ सामने आते रहे है। क्या ये कोई संयोग है या प्रयोग ?
ये अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करवाते, तो इनकी आय का स्रोत भी किसी को पता नहीं।
कल से मुझे ब्राह्मणवादी लगातार तर्क दे रहे, अंग्रेजों के आने से पहले लाखो गुरुकुल थे इस देश में। जिसमे अंग्रेजों ने सर्वे करके बताया सभी जातियों के लोग साथ में पढ़ते थे। शूद्रों की संख्या 70 % थी, अंग्रेजो ने बताया। उसके बाद जाति भेदभाव अंग्रेजों ने पैदा किया। वाह क्या थ्योरी दी है ..भाव विभोर कर देने वाली।
अब मुझे समझ नहीं आता, हज़ारो साल पहले बौद्धो के बनाये गए विश्वविद्यालय तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला आजतक खुदाई में निकल रहे है। हज़ारो बौद्ध बिहार मिले है जहाँ प्रमाणित है शैक्षिक कार्य होता था। मेगस्थनीज़, ह्वेनसांग, फाइयान जैसे विदेशी यात्री भी अपने किताबो में इन बौध शैक्षिक संस्थानों के बारे में लिख कर गए है। पर आजतक किसी पुरातात्विक सर्वेक्षण में एक ऐसा ब्राह्मणों का बनाया हुआ गुरुकुल या बड़ा संस्थान नहीं निकला कोई जिसका ऐतिहासिक प्रमाण हो। काशी में छोटे मोटे अपने घरों में चलाये जाने वाले ब्राह्मणों के अपने लिए कुछ होते थे। उसमे शूद्रों के पढ़ाये जाने का कोई सबूत नहीं है।
भाई कोई मुझे बताए वो लाखो गुरुकुल कहा थे किसके गांव में थे और कब नष्ट हो गए ? अगर हज़ार साल बाद बौद्धो के कुछ प्रमाण निकल कर आ रहे है और भी मिलते आ रहे है। ब्राह्मणों का कहा गया ??
ठीक ऐसे ही मुग़लों के सामने ये सरेंडर हो जाते थे। कमजोर लोगो पर औरतो पर, दलितों पर, पिछड़ों पर ये दबंगई दिखाते है। जैसे ही कोई इनसे पावरफुल दिखे इनकी टाँगे काँपने लगती है, देखो इनकी हालत, क्या बोल रहे थे दबदबा है दबदबा रहेगा।
अब बोल रहे वो इतने पावरफुल लोग है में डर रहा हूँ।
ऐसे ही लोगो की फ़र्ज़ी शूरवीरता की कहानी गढ़ कर मूर्ख बनाया जाता रहा है।
राम मंदिर में अगर एक छोटी सी पानी की टंकी भी लगती है तो उसका फीता काटने भी इनको बुलाया जाता है। और मोदी जी के आते ही सबसे पहले उछल कर स्वागत करने वाले होते है गोविंद गिरी महाराज। और इन्ही गोविंद गिरी महाराज को राम मंदिर ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष बनाया गया। मतलब खजाने चोरी सबसे बड़ा प्रश्न गोविंद गिरि पर उठना चाहिए था, जिसके नियंत्रण में खजाना था, लेकिन उसका कोई नाम नहीं ले रहा, सब या तो चंपत राय या फिर टिन्नू यादव का नाम ले रहे है।
जिसके नियंत्रण में और जो सीधा जिम्मेदार है खजाने और दान का वो क्यों सबसे छुपाया जा रहा, इसका क्या रहस्य है ??