जनता जब जागती है, तो सिस्टम के पेट में मरोड़ उठने लगती है।
इस बार सर्वोदय इंटर कॉलेज फतेहपुर के बच्चों ने कर दिखाया।
अपनी मूलभूत सुविधाओं को लिए वो सड़क पर उतर पड़े।
ये कोई गलती नहीं है.. ये पूरा खेल है इन विदेशी कंपनियों का।
दुनिया के अलग अलग देशों में फेसबुक, इंस्टा और यूट्यूब की कंपनियों पर खेल करने के आरोप लग चुके हैं।
हम तो पहले से ये मुद्दा उठाते आए हैं लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ। प्रधानमंत्री @narendramodi जी, इस पर कुछ कीजिए। ये बहुत बड़ी समस्या है इस देश के लिए जिसे हल्के में कतई नहीं लिया जा सकता।
सरकार का अभयदान अपराधियों को संरक्षण नहीं दे सकता...
कैमरा आईडेंटिफिकेशन से 2972 हिस्ट्री शीटर जंतर मंतर पर उपस्थिति दर्ज कराए है...
सबको बुलावे की तैयारी है...
क्या करेंगे कपिल सिब्बल सबूतों के सामने?
CJP और उसके इकोसिस्टम को झटका!!
F.I.R. फाइल करनी होंगी।
सुप्रीम कोर्ट: 250 पुलिसवालों पर हुए हमलों का पता लगाने के लिए जांच ज़रूरी है, चाहे वे स्टूडेंट्स ने किए हों या कुछ बदमाशों ने।
सुप्रीम कोर्ट ने क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले प्रोटेस्टर्स को कोई प्रोटेक्शन नहीं देने का ऑर्डर दिया है।
यह प्रोटेस्ट करने वाले स्टूडेंट्स के खिलाफ कोई ज़बरदस्ती की कार्रवाई न करने का भी ऑर्डर देता है, सिवाय उन स्टूडेंट्स के जिनका क्रिमिनल बैकग्राउंड हो, और सभी गिरफ्तार नाबालिगों को तुरंत रिहा करने का ऑर्डर देता है।
CJI सूर्यकांत का कहना है कि जिन्होंने कानून अपने हाथ में लिया, उन्हें कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए, साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी फेयर जांच में 200+ घायल पुलिसवालों के परिवारों की चिंताओं का भी ध्यान रखना चाहिए।
🇮🇳🇮🇳
गजब का दोगलापन है भाई
एक पुलिस वाला अपने बचाव में अगर हवाई फायरिंग कर रहा है तब वह अखिलेश यादव की नजर में गलत है
लेकिन अखिलेश यादव का प्यारा दुलारा मुख्तार अंसारी अगर मऊ दंगे के दौरान जिप्सी की छत पर बैठकर खुलेआम AK-56 लेकर 17 हिंदुओं को मारा तब वह गलत नहीं है
तब अखिलेश यादव मुख्तार अंसारी के लिए आंसू बहाते हैं
और यह दंगा मुख्तार अंसारी ने सिर्फ इसलिए भड़काया था ताकि हिंदू रामलीला और भारत मिलाप का त्यौहार का आयोजन न कर सके
और इस तरह से खुलेआम जिप्सी पर AK-56 लेकर घूमता था सबसे पहले हत्या राम प्रकाश यादव नामक एक युवक की की थी और इस दंगे में 17 हिंदू मारे गए थे जिसमें से 14 तो यादव समुदाय के थे लेकिन फिर भी मुलायम सिंह ने और समाजवादी पार्टी ने यादवों का साथ इसलिए नहीं दिया कि कहीं मुसलमान नाराज ना हो जाए
और मुख्तार अंसारी को हिंदुओं को और यादव लोगों का कत्ल करने का खुली छूट दे दिया था
और यह सत्य है कि वैसे तो समाजवादी पार्टी कहती है कि हम यादव जी लोगों की पार्टी हैं लेकिन जब भी किसी दंगे में या झगड़े में या विवाद में दूसरा पक्ष मुस्लिम होता है तब समाजवादी पार्टी यादव जी लोगों से कहती है कौन है आप ? हम तो आपको पहचानते नहीं
और फिर समाजवादी पार्टी मुसलमानो के साथ खड़ी हो जाती है
मथुरा में लस्सी विक्रेता भारत यादव का हत्या इसका उदाहरण है
मात्र ₹20 मांगने पर मुसलमानो ने भरत लाल यादव की पीट-पीटकर हत्या कर दिया था
अखिलेश यादव न तो भरत लाल की विधवा पत्नी और दो प्रमोद बच्चियों से मिलने गए ना कोई मदद किया और ना ही अपने पार्टी के किसी सदस्य को भेजा
क्योंकि अखिलेश यादव डर रहे थे कि कहीं मुस्लिम नाराज ना हो जाए
बरेली में खौफनाक कांड!
मोहम्मद अरमान ने किराना दुकानदार “सियाराम” को चाकू से बार-बार गोदकर सरेआम मार डाला।
कोई दुश्मनी नहीं, कोई झगड़ा नहीं, कोई पुराना परिचय नहीं… सिर्फ एक जुनून किसी को मारना था!
पुलिस पूछताछ में अरमान ने खुद कबूल किया,
“मुझे किसी का कत्ल करना था। सियाराम सामने आ गए, तो उन्हें मार दिया।”
और तो और, अरमान सूखे नशे का आदी निकला। नशे के नशे में उसने एक निर्दोष आदमी की जान ले ली।
इस खौफनाक सच्चाई के खुलासे के बाद पुलिस ने अरमान के पिता को भी सबूत छुपाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
सबका हिसाब होगा।
दिल्ली पुलिस के Facial Recognition System (FRS) और उनके डेटाबेस से मैच करके निकाले गए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार:
जंतर मंतर पर (CJP/कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान, 20-25 जुलाई 2026 के आसपास) 2,873 ऐसे लोगों की पहचान हुई जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पहले से है।
इनमें से 989 लोगों का जघन्य अपराधों से जुड़ा पुराना रिकॉर्ड है:
हत्या: 101
हत्या की कोशिश: 62
डकैती/लूट: 284
रेप: 61
(अन्य रिपोर्टों में POCSO, छेड़छाड़, आर्म्स एक्ट आदि के भी आंकड़े दिए गए हैं)
नाम -- मोहम्मद दानिश
पहचान - ना पता
निवासी - ना पता
लेकिन गोवा के पण जी में आतंकवाद और देश तोड़ने की साज़िश रचने वाले उमर खालिद और शरजील इमाम की रिहाई के नारे लगा रहा था..
आसाम को भारत से अलग करने का प्रोटेस्ट कर रहा था
पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया तो ये आदमी न तो अपना आधार दिखा पाया न ही भारतीय होने का कोई सबूत.... ✍️
हिम्मत देखिये इन घुसपैठियों की हिम्मत 🖐️
धर्मेंद्र प्रधान ने जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दिया।
त्वरित न्याय के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना।
पेपर लीक को जड़ से खत्म करने के लिए टास्क फोर्स का गठन हुआ।
जब हर मांग स्वीकार कर ली गई तब भी विपक्ष संसद को ठप क्यों कर रहा है?
: भाजपा
🚨 बड़ी खबर
चंडीगढ़ कोर्ट में कुणाल कामरा, सीजेपी के अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक के खिलाफ याचिका दाखिल!
जंतर मंतर पर हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप।
अब अदालत में जवाब देना पड़ेगा।
जो धर्म का मजाक उड़ाएगा, उसकी जवाबदेही भी तय होगी।
"तुम किस-किस को अंदर डालोगे?
हर घर से दानिश निकलेगा!
हर घर से उमर खालिद निकलेगा!
हर घर से शरजील इमाम निकलेगा!"
: गोवा NEET प्रोटेस्ट से सामने आया चौंकाने वाला वीडियो
🚨 सावधान! लव जिहाद का एक नया पैटर्न सामने आ रहा है।
पहले हिंदू बेटी को निशाना बनाया जाता है।
फिर उसे बचाने के लिए आगे आने वाले हिंदू कार्यकर्ताओं को भी उसी प्रकरण में कानूनी मामलों में उलझाने का प्रयास किया जाता है।
यानी बेटी भी गई, और उसे बचाने वाले भी फँसा दिए गए।
सभी हिंदू संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेतृत्व को इस बदलती रणनीति को समझना होगा। भावनाओं के साथ-साथ कानूनी तैयारी, तथ्य, साक्ष्य और संगठित कार्यपद्धति भी उतनी ही आवश्यक है।
सजग रहिए। संगठित रहिए। विधिसम्मत रहिए।
#LoveJihad #HinduSociety #StayAlert
सोचता हूँ कि 2004 से 2026 तक राहुल गांधी जी की विदेश यात्रा,विदेश यात्रा में टुकड़े टुकड़े गैंग के साथ लगातार मुलाक़ात,चीन के साथ 2008 का गुप्त समझौता तथा संविधान विरोधी देश के अंदर और बाहर बयान के लिए विपक्ष के नेता से इस्तीफ़ा और काँग्रेस पार्टी से निकलने का प्रस्ताव पेश करें? ज़िम्मेदारी तो तय होनी ही चाहिए
इस्तीफा क्यों दिया. ...!!...
वो भी तब जब वांगचुक अनशन तोड़ चुके थे..
प्रोटेस्ट खत्म करने की अपील कर चुके थे....
प्रोटेस्ट अपनी आखिरी साँस ले रहा था.....
फिर इस्तीफे की क्या जरूरत थी....!!..
वो भी वांगचुक के अनशन तोड़ने के अगले ही दिन.....इस्तीफा_क्यों_दिया.!
वो भी तब जब वांगचुक अनशन तोड़ चुके थे !
प्रोटेस्ट खत्म करने की अपील कर चुके थे !
प्रोटेस्ट अपनी आखिरी साँस ले रहा था
फिर इस्तीफे की क्या जरूरत थी....!
वजह थी....
और वजह आप इस तस्वीर से समझ सकते हैं..... दुनिया मे देश की महिलाओं, देश की नारी शक्ति की जो तस्वीर जा रही थी वो कोई भी सभ्य समाज बर्दाश्त नहीं कर सकता.. हमारा देश, हमारी संस्कृति नारी की पूजा करती है, देवी का दर्जा देती है,
ऐसे मे अगर दुनिया के सामने ऐसी तस्वीरें जाएं तो ये बहुत दुखद है.....
वो तो नंगे होने ही आए हैं, हो भी रहे हैं और आंदोलन खत्म होने के समय जैसे बुझते दिए कि लौ फडफडाती है वैसे ही ये भी फडफडाते और कोई बड़ी बात नहीं की.....
इनका ये प्रोटेस्ट जो अभी कमर पर अटका है
वो नीचे गिर जाता, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता,
फर्क पड़ता है देश की प्रतिष्ठा, देश की इमेज,
सनातन संस्कृति को..
आप दंगाइयों से निपट सकते हो
आपके पास तमाम तरीके हैं..पुलिस, सेना, तकनीक...लेकिन नंगों से कैसे निपटा जाएगा..?
जो अपने कपड़े उतारने पर आमादा हैं..
उन्हें कैसे सम्भालोगे..?
इसलिए प्रधान ने खुद इस्तीफा दे दिया
कि अब इससे ज्यादा नंगपना नहीं, संघी हैं ना उन्होंने भी यही सीखा है...
"हम रहें या ना रहें....🙏🙏
देश रहना चाहिए" राष्ट्रहित सर्वोपरि।🚩🚩
युवराज अखिलेश यादव और राज मंत्री धर्मेंद्र यादव संसद से बाहर आ रहे है-
बारिश में छाता लगाने के लिए एक एक आदमी रखा हुआ है।
यही कोई भाजपा नेता कर देता तो आदमी के चोचन में ये दोनों उसका इस्तीफ़ा माँग रहे होते।
चर्चा चाहिए थी— मिली
इस्तीफा चाहिए था— हुआ
अब कानून बन रहा है— फिर भी विरोध?
युवाओं के भविष्य पर राजनीति कब तक??
कांग्रेसियों देश की GenZ सब देख रही है
जिन लड़कियों ने सार्वजनिक रूप से अश्लील गालियां बकी हैं, उनके वीडियो है जो इंटरनेट पर किसी न किसी रूप में हमेशा रहेंगे,
पहली बात तो अच्छे घरों में इनका ब्याह होना लगभग असंभव हो गया है, यदि इनका ब्याह हो भी गया तो जब इनकी संताने समझदार होगी और अपने माताजी के है वीडियो देखेगी, तो इनके ऊपर गर्व तो नहीं करेंगी।
यह लड़कियां तब अपनी संतानों को अच्छे रास्ते पर चलने की शिक्षा भी नहीं दे पाएंगी, और हां निश्चित ही इनका बुढ़ापा लावारिस रूप में किसी सड़क के किनारे या बहुत हुआ तो किसी वृद्धाश्रम में कटेगा।
आज खुश हो लो क्योंकि तुम्हें जीवन भर दुख ही दुख सहने हैं, तुमने कर्म ही ऐसे किए हैं।
दलितों के खून से सनी है जौहर यूनिवर्सिटी,
26 दलित किसानों द्वारा 35 बीघा जमीन ज़बर्दस्ती लेने का मुकदमा दर्ज कराया था!
जौहर शिक्षा का मंदिर नहीं,
मस्जिदों का अड्डा है-
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी नहीं ,, बल्कि मस्जिदों और इस्लामिक प्रतीकों का अड्डा है?
अगर भाईचारा था तो मंदिर भी बनाते?
जौहर के अंदर मस्जिद ही मस्जिद बनी हैं ,, कुछ लोग कह रहे हैं यह शिक्षा का मंदिर है...
क्या जौहर यूनिवर्सिटी पाकिस्तान में है?
किस नियत से बनाई गई है यह मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी मस्जिदों का वहां क्या काम था?
दलित हिंदुओं की जमीन ज़बर्दस्ती लिया था, तो वहां मंदिर भी बनवाना था...पर बनाया सिर्फ मस्जिद-