एक खुला पत्र
आदरणीय सोनम वांगचुक जी
देश को आपकी जरूरत है। आपकी आवाज की जरूरत है, आपके विचारों की जरूरत है और सबसे अधिक, देश के बच्चों तथा युवाओं को आपके मार्गदर्शन की जरूरत है।
सोनम जी, भारत एक विशाल, मजबूत और लोकतांत्रिक देश है। इस देश ने समय-समय पर कई कमजोर, असंवेदनशील और विवादित मंत्री देखे हैं। सरकारें आई हैं और चली गई हैं। सत्ता में बैठे लोग भी स्थायी नहीं होते। हमारी संसदीय व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत यही है कि जनता अंततः गलत निर्णय लेने वाले व्यक्तियों को सत्ता से हटा सकती है। कोई भी मंत्री, अधिकारी या सरकार देश और लोकतंत्र से बड़ी नहीं हो सकती।
लेकिन सोनम जी, आपके जैसा शिक्षक, वैज्ञानिक, पर्यावरण प्रेमी और समाज सुधारक बार-बार पैदा नहीं होता। आपने केवल किताबों से शिक्षा देने का काम नहीं किया, बल्कि बच्चों को समस्याओं का समाधान खोजना सिखाया। आपने यह बताया कि जो बच्चा पारंपरिक परीक्षा व्यवस्था में कमजोर समझा जाता है, वही बच्चा व्यावहारिक जीवन में एक महान वैज्ञानिक, इंजीनियर या समाज सुधारक बन सकता है। आपने एसईसीएमओएल जैसे संस्थान के माध्यम से लद्दाख के उन विद्यार्थियों को नई दिशा दी, जिन्हें व्यवस्था ने असफल घोषित कर दिया था।
आपके बनाए बर्फ के स्तूप केवल तकनीकी आविष्कार नहीं हैं। वे इस बात का उदाहरण हैं कि सीमित संसाधनों, कठिन परिस्थितियों और स्थानीय ज्ञान की सहायता से भी बड़ी समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। आपने हिमालयी क्षेत्रों में शिक्षा, पानी, पर्यावरण और टिकाऊ विकास को लेकर जो प्रयोग किए, वे पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं।
आपने युवाओं को केवल नए आविष्कार करना नहीं सिखाया, बल्कि अपने पर्यावरण, अपनी संस्कृति और अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से खड़ा होना भी सिखाया। आपने साबित किया कि संघर्ष के लिए हिंसा की नहीं, बल्कि साहस, सत्य और दृढ़ संकल्प की जरूरत होती है।
आपका अनशन देश का ध्यान लद्दाख और हिमालय की समस्याओं की ओर खींचने में सफल रहा है। आपने युवाओं के मन में सवालों की आग जला दी है। आपने अपना संदेश सरकार और देश की जनता तक पहुंचा दिया है। अब देशवासी हाथ जोड़कर आपसे आग्रह कर रहे हैं कि आप अपना अनशन समाप्त करें।
किसी मंत्री का पद कुछ वर्षों का होता है, लेकिन आपके विचार कई पीढ़ियों तक जीवित रहेंगे। देश को आपकी लड़ाई के साथ-साथ आपके जीवित, स्वस्थ और सक्रिय रहने की भी जरूरत है। देश के बच्चों को कौन सिखाएगा कि असफलता अंत नहीं होती? युवाओं को कौन बताएगा कि विज्ञान का असली उद्देश्य समाज की समस्याओं को हल करना है? हिमालय की आवाज कौन बनेगा?
सोनम जी, संघर्ष जारी रखिए, लेकिन अपना जीवन दांव पर मत लगाइए। देश को आपकी आवश्यकता आज भी है और आने वाले कई दशकों तक रहेगी।
सादर
एक चिंतित भारतवासी
एक NEET पेपर लीक ने सरकार को किस चौखट पे लाके खड़ा कर दिया, क्यूँकि मुद्दा शिक्षा का है।
जो हर किसी से जुड़ा है, देश रहना चाहिए, लोकतंत्र ज़िंदा रहना चाहिए। जय हिंद
हमारे बच्चों पर लाठी चार्ज कर रहे हैं, आँसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं।
ऐसा लगता है कि मोदी जी ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा व्यवस्था ठीक करने की बजाय देश के युवाओं पर सीधे हमला बोल दिया है।
युवा मोदी जी का अहंकार कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
बाड़मेर जिले के शिक्षकों के स्थायीकरण तथा शिक्षक भर्ती 2022 में पुनः परिणाम से प्रभावित 1301 शिक्षकों के लिए शैडो पोस्ट तथा स्थायीकरण के लिए @RESMA_7 द्वारा श्री वगाराम जी, श्री CR गोदारा जी के नेतृत्व में सैंकडों शिक्षकों द्वारा ADM जिला बाड़मेर के मार्फत माननीय मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी से निवेदन है कि शिक्षकों के हित में शीघ्र राहत प्रदान की जाए। 🙏🏻
@Dadarwal7@JATbera1@RESMA_7
बाड़मेर जिले के शिक्षकों के स्थायीकरण तथा शिक्षक भर्ती 2022 में पुनः परिणाम से प्रभावित 1301 शिक्षकों के लिए शैडो पोस्ट तथा स्थायीकरण के लिए संगठन @RESMA_7 द्वारा श्री वगाराम जी ,श्री CR गोदारा जी के नेतृत्व में सैंकडों शिक्षकों द्वारा ADM जिला बाड़मेर के मार्फत माननीय मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा ।
संगठन माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी से मांग करता है कि शिक्षकों के हित में शीघ्र राहत प्रदान की जाए ।
बाड़मेर जिले के शिक्षकों के स्थायीकरण तथा शिक्षक भर्ती 2022 में पुनः परिणाम से प्रभावित 1301 शिक्षकों के लिए शैडो पोस्ट तथा स्थायीकरण के लिए संगठन @RESMA_7 द्वारा श्री वगाराम जी, श्री CR गोदारा जी के नेतृत्व में सैंकडों शिक्षकों द्वारा ADM जिला बाड़मेर के मार्फत माननीय मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा ।
संगठन माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी से मांग करता है कि शिक्षकों के हित में शीघ्र राहत प्रदान की जाए ।
राजस्थान में शिक्षा की अलख जगाने वाले हजारों नवनियुक्त शिक्षकों के भविष्य पर आज अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। मामला बाड़मेर जिले का है, जहां करीब 2000 तृतीय श्रेणी शिक्षकों के साथ हो रहे प्रशासनिक भेदभाव ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में निकाली गई 62,000 रीट भर्ती के तहत बाड़मेर में नियुक्त इन शिक्षकों का सितंबर 2025 में प्रोबेशन पीरियड सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। हैरानी की बात यह है कि जहां प्रदेश के अन्य सभी जिलों में स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी कर शिक्षकों को पूर्ण वेतन दिया जा रहा है, वहीं बाड़मेर के ये शिक्षक पिछले 4 महीनों से फाइलों के दफ्तरों में अटकने के कारण मानसिक तनाव झेल रहे हैं। प्रोबेशन पूरा होने के बावजूद इन शिक्षकों को आज भी 70% वेतन कटौती का सामना करना पड़ रहा है। महंगाई के इस दौर में आधे से भी कम वेतन पर परिवार का पालन-पोषण करना इन शिक्षकों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। जब भर्ती एक है, परीक्षा एक है और प्रोबेशन खत्म होने की अवधि भी एक है, तो फिर बाड़मेर जिले के साथ यह 'सौतेला व्यवहार' क्यों? यह संविधान के समानता के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। जब शिक्षक खुद आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव में होगा, तो वह छात्रों के भविष्य के साथ न्याय कैसे कर पाएगा? प्रशासनिक देरी का खामियाजा अंततः बाड़मेर की शिक्षा व्यवस्था को भुगतना पड़ रहा है। अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पुरजोर आग्रह किया है कि इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें। बाड़मेर जिला प्रशासन को कड़े निर्देश दिए जाएं ताकि इन 2000 शिक्षकों का स्थायीकरण बिना किसी और देरी के सुनिश्चित हो सके और उन्हें उनका बकाया समेत पूरा वेतन मिल सके। यह केवल 2000 शिक्षकों का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह उन 2000 परिवारों के भविष्य का सवाल है। अब देखना यह होगा कि पूर्व मुख्यमंत्री के इस हस्तक्षेप के बाद भजनलाल सरकार कितनी सक्रियता दिखाती है और इन शिक्षकों को न्याय कब तक मिल पाता है।
बाड़मेर जिले के कई नवनियुक्त शिक्षकों ने जानकारी में लाया है कि करीब 2000 तृतीय श्रेणी शिक्षकों के साथ भेदभाव हो रहा है।
कांग्रेस सरकार के दौरान निकाली गई 62,000 शिक्षकों की रीट भर्ती परीक्षा से भर्ती बाड़मेर में पदस्थापित शिक्षकों का सितंबर 2025 में प्रोबेशन पूरा होने के बावजूद इन स्थायीकरण पिछले 4 महीनों से अटका हुआ है।
प्रदेश के बाकी जिलों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, पर बाड़मेर के शिक्षक आज भी 70% वेतन कटौती और मानसिक तनाव झेलने को मजबूर हैं।
बाड़मेर के इन शिक्षकों को तुरंत उनका हक और पूरा वेतन मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से आग्रह है कि इस विषय में आवश्यक कार्रवाई कर न्याय सुनिश्चित करें।
@RajCMO
पूर्व कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ कांग्रेस नेता आदरणीय श्री हेमाराम चौधरी जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करता हूँ।
राजनीतिक जीवन में ईमानदारी और निष्ठा के साथ प्रदेश और अपने क्षेत्र की जनसेवा के प्रति आपकी समर्पित भावना हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। जनता के बीच आपकी स्वच्छ छवि, निरंतरता और ऊर्जा का लाभ पार्टी और प्रदेश को सदैव मिलता रहे — इन्ही मंगलकामनाओं के साथ ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि आपको स्वस्थ, खुशहाल एवं दीर्घायु जीवन प्रदान करें।
@Hemaram_INC
निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल
शब्दों में मिठास, भाषा में विश्वास
हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, हमारी संस्कृति और गौरव का प्रतिबिंब है
'विश्व हिंदी दिवस - 10 जनवरी' के अवसर पर राजस्थान पुलिस संकल्पित है—आपकी सुरक्षा और विश्वास की भाषा बोलने के लिए
#BarmerPolice
साथियों प्रोबेशन में पूरे वेतन को लेकर किए जा रहे संघर्ष में आप सभी द्वारा शानदार सहयोग किया जा रहा हैं। पूरा वेतन दिए जाने की मांग को लेकर आज 10:00 से 1:00 बजे तक X ट्रेंड में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अभियान का हिस्सा बने।
#प्रोबेशन_में_पूरा_वेतन_@JATbera1@Radhemahwa