The Jagadguru Ramanandacharya Rajasthan Sanskrit University, Jaipur has been established by an Act of @RajAssembly in 1998.
Official twitter account of #JRRSU
#संस्कृत संस्थाओं के विकास में वृद्धिचंद्र शास्त्री का योगदान असाधारण रहा। वे उस युग के प्रतीक थे, जब संस्कृत संस्थाओं की पहचान नेताओं से नहीं बल्कि विद्वानों से होती थी। 1950 में #जयपुर से प्रकाशित भारती संस्कृत पत्रिका के वे संपादक रहे और वैदिक संस्कृति प्रचार संघ स्थापित किया।
छायामन्यस्य कुर्वन्ति तिष्ठन्ति स्वयमातपे ।
फलन्त्यपि परार्थाय वृक्षाः सत्पुरुषा इव ॥
- विक्रमचरितम्
Trees themselves stand in the blazing sun, while providing shade to the others. Even their fruits are borne for the sake of others. Indeed, trees are just like noble people.
A national workshop was organized under the aegis of Rajasthan Mantra Pratishtha at Jagadguru Ramanandacharya Sanskrit University. This event is a unique event in itself. As far as I know, this will be the first program not only in Rajasthan but in the whole of India.
#PadmaAwards | कर्नाटक के प्रख्यात विद्वान और पद्म भूषण 2026 के प्राप्तकर्ता शतावधानी डॉ. आर. गणेश ने अपना जीवन अवधान की प्राचीन भारतीय कला को पुनर्जीवित करने के लिए समर्पित किया है। अवधान एक दुर्लभ साहित्यिक परंपरा है जो कविता, स्मृति, बहुमुखी प्रतिभा और बौद्धिक प्रतिभा का संगम है।
1962 में कोलार में जन्मे डॉ. गणेश 18 भाषाओं में पारंगत हैं, 70 से अधिक पुस्तकों के लेखक हैं और भारतीय साहित्य एवं प्रदर्शन कलाओं के अग्रणी विद्वान के रूप में उभरे हैं।
दशकों के प्रदर्शनों और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से उन्होंने भावी पीढ़ियों के लिए भारत की समृद्ध साहित्यिक और कलात्मक विरासत के संरक्षण और प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
#PeoplesPadma #PadmaAwards2026
@HMOIndia@PadmaAwards@MinOfCultureGoI
अद्वैत वेदांत, दर्शन और संस्कृत काव्यशास्त्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित प्राधिकारी और भारत के प्रमुख संस्कृत विद्वानों में से एक प्रो. वेम्पटि कुटुम्ब शास्त्री को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा।
#PeoplesPadma#PadmaAwards2026@HMOIndia@EduMinOfIndia@PadmaAwards
संस्कृत की सर्वाधिक उर्वरा भूमि के रूप में विख्यात मरुभूमि में जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय स्थापित कर संस्कृत भाषा के प्रवाह को अविच्छिन्न प्रवाहित करने वाले पुण्यश्लोक भैरोंसिह शेखावतजी को पुण्यदिवस पर जय श्रीसीताराम। पुण्यात्मा को सायुज्य प्राप्त रहे।
@jrrsu के ज्योतिष विभाग में सत्र २०२६-२७ के लिये प्रवेश प्रारम्भ। @BhajanlalBjp@madandilawar@BMacharyaBJP की प्रेरणा, कुलगुरु महोदय के निर्देशानुसार छात्रों को छात्रावास खेल स्कॉलरशिप शैक्षिकभ्रमण व जन्तर मन्तर सहित सभी सुविधाएँ मिलेंगी। छात्राओं की फीस ५००/- मात्र ~ विनोदः
आज शक्ति स्वरूपा, जगत जननी माँ कामाख्या देवी के मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। माँ के दर्शन मात्र से ही मन में अपार शांति और नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
इस पावन अवसर पर माँ कामाख्या से समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और राजस्थान की निरंतर उन्नति व खुशहाली की मंगल कामना की।
माँ का आशीर्वाद हम सभी पर सदैव बना रहे।
जय माँ कामाख्या!
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे जी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में संस्कृत प्रमोशन फाउंडेशन के तत्वावधान में “The English Medium Myth” के संस्कृत अनुवाद “आङ्ग्लभाषामाध्यमस्य भ्रमजालः” का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया।
यह पुस्तक प्रसिद्ध लेखक सक्रांत सानू द्वारा लिखित “The English Medium Myth” का संस्कृत अनुवाद है, जिसका अनुवाद विश्वविद्यालय के नासिक परिसर के डॉ. संदीप वसंत जोशी ने किया है। कार्यक्रम में संस्कृत संवर्धन प्रतिष्ठान के निदेशक प्रो. चांद किरण सलूजा ने पुस्तक की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह ग्रंथ भारतीय भाषाओं एवं संस्कृत की महत्ता को नई दृष्टि प्रदान करता है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने मातृभाषा आधारित शिक्षा को राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना एवं आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं, विशेषकर संस्कृत, के माध्यम से शिक्षा समाज में आत्मविश्वास और सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ करती है। पुस्तक के लेखक सक्रांत सानू ने अपने विदेश प्रवासों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि विकसित देशों में भी समस्त कार्य मातृभाषाओं में ही होते हैं, इसलिए भारतीयों को अपनी भाषाओं एवं संस्कृत पर गर्व करना चाहिए।
समारोह के दौरान केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय एवं संस्कृत भारती, बेंगलौर के मध्य “ई-भारती संस्कृत ई-ग्रंथालय” परियोजना हेतु महत्वपूर्ण एमओयू भी सम्पन्न हुआ। इस परियोजना के अंतर्गत प्राचीन संस्कृत ग्रंथों के संरक्षण, स्कैनिंग एवं डिजिटलीकरण का कार्य किया जाएगा।
कार्यक्रम में देशभर से शिक्षाविद्, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं संस्कृतप्रेमियों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
@shrivarakhedi@ragamuki@SamPromotion@EduMinOfIndia@IKS_Media
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राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे जी बालोतरा जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल आसोतरा ब्रह्म मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने शिव धूनी के दर्शन किए तथा माता सावित्री जी के साथ भगवान ब्रह्मा जी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय की सिंडिकेट बैठक में ऐतिहासिक निर्णय!
शिक्षकों के 20 वर्ष पुराने CAS प्रकरण निस्तारित, पदोन्नति को स्वीकृति।
सातवें वेतनमान का एरियर भुगतान, वैदिक गुरुकुल व रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू।
कुलगुरू प्रो. मदन मोहन झा की अध्यक्षता में
तस्मै रामानुजार्याय नमः परमयोगिने।
यः श्रुतिस्मृतिसूत्राणामन्तर्ज्वरमशीशमत्॥
उन परम योगी श्रीरामानुजाचार्य को नमस्कार है, जिन्होंने श्रुति, स्मृति और सूत्रों के भीतर उत्पन्न होने वाले संशय रूपी ज्वर को शांत कर दिया। #श्रीरामानुजाचार्य_जयंती@Sanatan_Science@ShefVaidya@sankrant
जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय मदाऊ, जयपुर में विद्यावारिधि (पीएच.डी.) हेतु षाण्मासिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (कोर्स-वर्क) 2024-25 के शुभारम्भ में शामिल होकर नवीन शोधार्थियों को अग्रिम शुभकामनाएँ दी।
कार्यक्रम में संस्कृत में नवीन शोधकार्य करने, संस्कृत एवं संस्कृति के संरक्षण करने, संस्कृत को जन-जन से जोडने तथा निःस्वार्थ भाव से संस्कृत की सेवा करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम शैक्षणिक गरिमा, शोध उन्मुखता एवं संस्कृत के संवर्धन के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर श्रीसंतोष सागर जी महाराज (सुप्रसिद्ध कथा वाचक), विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मदन मोहन जी झा, डॉ. विनोद कुमार जी शर्मा (निदेशक, शैक्षणिक परिसर), डॉ. राजधर जी मिश्र (निदेशक, अनुसंधान केंद्र), डॉ. कुलदीप सिंह जी पालावत (निदेशक, मंत्र प्रतिष्ठान), डॉ. संदीप जी जोशी (सहा.आचार्य अनुसंधान) श्रीरामचन्द्र जी मीणा (वित्त नियंत्रक)सहित विश्वविद्यालय के समस्त आचार्यगण, शोधार्थी एवं छात्र वर्ग उपस्थित रहे।
#balmukundacharyaji
#hathojdham
ज रा रा सं वि, जयपुर के पीएचडी षष्ठ मासिक प्रशिक्षण का भव्य उद्घाटन!
मु. अतिथि: स्वामी बाल मुकुंदाचार्य महाराज विधायक
विशिष्ट: श्री महिपाल मीणा विधायक
सारस्वत: पूज्य संतोष सागर महाराज (गीता के 10 सूत्रों पर व्याख्यान)
अध्यक्ष: प्रो. मदन मोहन झा (कुलगुरु)
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जगद्गुरु रामानन्दाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर (विद्यावारिधि/पीएच.डी.) के षाण्मासिकशोधप्रशिक्षणपाठयक्रमर्य उद्घाटन समारोह।
दिनांक: 20.04.2026
समय: प्रातः 11:15 बजे
स्थान: तुलसी भवन, (विश्वविद्यालय परिसर)