शुंग पर अपडेट हो जाय। ये माइथोलॉजी है।
शुंग नाम का कोई शासक भारतीय इतिहास में नहीं हुआ है।
जहाँ तक पुष्यमित्र की बात है तो वो सम्राट असोक की वंशावली में से था।
UPSC में EWS के नाम पर चल रहा सबसे बड़ा फ्रॉड?
जिस EWS आरक्षण को आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए लाया गया था, उस पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। UPSC से जुड़े हालिया आंकड़ों में सामने आया कि EWS कोटे से चयनित ज़्यादातर उम्मीदवार महंगी कोचिंग, निजी स्कूलों, संपन्न कारोबारी परिवारों और बेहतर सामाजिक संसाधनों से जुड़े रहे हैं।
आरोप यह भी हैं कि आय छिपाकर और फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए पात्रता हासिल की जा रही है। क्या EWS वास्तव में गरीबों का सहारा है, या सामाजिक न्याय के मूल विमर्श को कमजोर करने वाला नया रास्ता? इस पर देशव्यापी बहस जरूरी है।
नगीना सांसद भाई चन्द्रशेखर आज़ाद के साफ निर्देश और आश्वासन के बावजूद, अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर यह कायराना कार्रवाई की।
जनता के वोट से चुने गए प्रतिनिधि का फोन काटने की जुर्रत करने वाले सीओ (CO) और तहसीलदार को भाई साहब ने भरी सभा में उनकी औकात याद दिला दी!
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा—"वो सीओ कहाँ है, बुलाओ उसे! इतना बड़ा अधिकारी हो गया वो?
"यह बाबा साहेब के संविधान का देश है, यहाँ किसी अफसर की गुंडागर्दी नहीं चलेगी। जनता के हक और सम्मान से खिलवाड़ करने वाले अधिकारियों को हर हाल में जवाबदेह होना पड़ेगा।
आदरणीय @myogiadityanath@thisissanjubjp
पूरे उत्तर प्रदेश मे हीट वेब भीषण गर्मी का प्रभाव है। ऐसे मे परिषदीय स्कूलों को कल से खोलना बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। अतः बेसिक विद्यालयों का ग्रीष्मकालीन अवकाश 30 जून तक बढ़ाना अति आवश्यक है।
#ग्रीष्मावकाश_बढ़ाओ@basicshiksha_up
आदरणीय @myogiadityanath@thisissanjubjp
पूरे उत्तर प्रदेश मे हीट वेब भीषण गर्मी का प्रभाव है। ऐसे मे परिषदीय स्कूलों को कल से खोलना बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। अतः बेसिक विद्यालयों का ग्रीष्मकालीन अवकाश 30 जून तक बढ़ाना अति आवश्यक है।
#ग्रीष्मावकाश_बढ़ाओ@basicshiksha_up
पहले अपने रिकॉर्ड पर भी नज़र डाल लीजिए। आप लोग खुद 157वें स्थान पर हैं, इसलिए दूसरों को ज्ञान देने से पहले अपने गिरेबान में झाँकना ज़रूरी है।
और जहाँ तक कोचिंग माफिया का सवाल है, अगर सरकार की नीतियाँ विफल न होतीं, तो क्या ये माफिया इतना मजबूत हो पाता?
लेकिन सरकार की गोद में बैठे मीडिया संस्थान ये असहज सवाल सत्ता से नहीं पूछेंगे। वजह क्या है, यह देश की जनता अच्छी तरह समझती है।
अंजना ओम कश्यप को खान सर का तगड़ा जवाब 🔥
अंजना कहती है कि टीचर सब को कुछ आता नहीं है, तब तुम ही आकर हम सब को पढ़ाओ की 2,000 के नोट में चिप लगा हुआ है, पढ़ाओ की कैसे तलवे चाटे जाते हैं 😭
गोदी मीडिया के सारे पत्रकार आज सदमा में चले गए हैं।
मीडिया सच दिखाएगी या झूठ इसका सवाल ही नहीं बचा है क्योंकि मीडिया क्या दिखाएगी उसका निर्माण वो ख़ुद करती है!
केन बेतवा का आदिवासियों का आंदोलन ग़ायब!
69000 शिक्षक भर्ती घोटाला का आंदोलन ग़ायब!
MP में OBC का 13% होल्ड किया आरक्षण का मुद्दा ग़ायब!
इन मुद्दों से मीडिया को मतलब नहीं क्योंकि ये मुद्दे उनके नहीं!
@mukeshbudharwi जी के साथ हुई बातचीत
@SatyaHindi पर।
@ScienceJourney2 सर वैसे तो ये तथागत को विष्णु का 9वा अवतार बताएंगे पर जैसे ही इनकी किताबें खोलेंगे तो उसमें बुद्ध को गालियां, चोर बताएंगे।
इनको 2 कौड़ी का ज्ञान है, जिसकी वजह से ये फेक narrative फैलाते रहते हैं, जब कुछ पता नहीं तो तुम लोग खीर से बच्चा वाले पढ़ो ना क्यों बुद्धिज़्म मे घुस रहे हो,
विदेशों में भारतीय ऐसी ही बदनाम नही हैं. एक भारतीय शादी की अमेरिका में जमकर आलोचना हो रही है.
दिखावा के चक्कर में न्यूयॉर्क के मैनहैट्टन इलाके से बारात निकाली गई. इस कारण 5th एवेन्यू रोड ब्लॉक हो गया.
सड़कों पर बारातियों ने डांस किया. डीजे पर दूल्हा दुल्हन ने होस्ट की तरह नाचा और गाना गाया. बारात से ज्यादा ये किसी कॉन्सर्ट की तरह लग रहा था.
अमेरिका में शादियां बहुत ही साधारण तरीके से होती हैं. ज्यादा दिखावा नही होता है. भारतीय शादियां एक तरह से परिवार, जाति और संपत्ति का शक्ति प्रदर्शन होता है.
सोशल मीडिया पर इस भारतीय शादी को पूरी दुनिया में आलोचना हो रही है. लोग कह रहे थे शादी की बड़े मैदान या हॉल में करते. सड़कों पर हंगामा करने की क्या जरूरत थी.
जब धीरेंद्र शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा दिव्य शक्तियों से लोगों के जीवन में चमत्कार ला सकता है?उनकी तमाम परेशानियों को पर्ची निकालकर दूर कर सकता है?तब उसे अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति द्वारा दी गई चुनौती को भी जरूर स्वीकार करते हुए अपनी दिव्य शक्तियों को साबित कर ही देना चाहिए।
बुद्ध पूर्णिमा हमें याद दिलाती है कि जीवन का सबसे बड़ा धन शांति है, सबसे बड़ी ताकत धैर्य है और सबसे बड़ा धर्म मानवता है।
भगवान बुद्ध ने संसार को प्रेम, करुणा और सत्य का मार्ग दिखाया।
उनकी शिक्षाएँ आज भी हर अंधकार में प्रकाश बनकर राह दिखाती हैं।
इस पावन दिन पर अपने मन से क्रोध मिटाएँ, विचारों में सकारात्मकता लाएँ और हर प्राणी के प्रति दया भाव रखें।
आप सभी को बुद्ध पूर्णिमा की मंगलमय शुभकामनाएँ।
जय भीम, जय बुद्ध, जय भारत।🙏📿🪷
बुद्ध पूर्णिमा पर बोधगया में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। बोधगया में 40 से अधिक देशों से आए श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
भगवान बुद्ध द्वारा दिए गए शांति, करुणा और अहिंसा के संदेश आज भी पूरी दुनिया को राह दिखा रहा है ❤️
नमो बुद्धाय 🙏
आगरा जनपद के एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के गौतम नगर में दलित युवती को घर में घुसकर खींचकर जबरन ले जाने की घटना अत्यंत शर्मनाक, दंडनीय और चिंताजनक है।
पीड़िता की माँ के अनुसार, परवेज पिछले एक वर्ष से उनकी बेटी को लगातार परेशान कर रहा था। वह रास्ते में आते-जाते छेड़छाड़ करता था और जबरन शादी का दबाव बनाता था। कई बार मना करने और विरोध के बावजूद उसने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं।
मंगलवार (28 अप्रैल) को आरोपी अपनी माँ के साथ घर आया और शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे परिवार ने साफ तौर पर अस्वीकार कर दिया। इसके बाद रात करीब 9:30 बजे वह फिर घर में जबरन घुस गया। उस समय घर में केवल बेटियाँ ही मौजूद थीं। आरोपी ने बड़ी बेटी पर शादी का दबाव बनाया और मना करने पर उसे पकड़कर घसीटना शुरू कर दिया। छोटी बहन ने बहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी नहीं माना और युवती को जबरन घर से बाहर खींचकर अपने साथ ले गया।
यह घटना न केवल एक गंभीर अपराध है, बल्कि दलित समाज की बेटियों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। महिलाओं की इच्छा और सम्मान को इस तरह कुचलना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
@UPGovt से हमारी मांग है- सभी आरोपियों पर कड़ी से कड़ी धाराओं में मुकदमा चलाया जाए।एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए
यदि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे। समाज और प्रशासन मिलकर ऐसी घटनाओं के खिलाफ सख्त संदेश दें।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा सन 1999 में घोषित अंतरराष्ट्रीय दिवस "बुद्ध पूर्णिमा" की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं।
तथागत बुद्ध के प्रज्ञा, शील, करुणा, सत्य, मैत्री, प्रेम, विश्वशांति, बंधुत्व एवं मानव कल्याण के सन्देश से समाज सदैव प्रेरित होता रहेगा।
जय भीम, नमो बुद्धाय।