तानाशाह बनते ही
मैं करवा दूँगा बिछड़े प्रेमियों की शादियाँ।
हरेक को करना होगा प्रेम
और बिछड़ना अवैध माना जाएगा।
जन्मना ज़रूरी नहीं होगा
पर जन्मने के बाद भी
न जीने पर देना होगा जज़िया।
मेरी यात्राओं से पहले
शहरों में रोपे जाएँगे गुलमोहर
और गाए जाएँगे उदास गीत।
नौकरी माँगने वालों से माँगा जाएगा
भरपूर नींद लेने का प्रमाण-पत्र
और नौकरी देने वालों को तनख़्वाह के अलावा
देनी होगी रोटी और खीर।
मैं जानता हूँ कि
तुम इसे बेवक़ूफ़ी कहते हो
पर मैं इसे कहता हूँ ख़्वाब
और माँगता हूँ वोट
मुझे एक दिन के लिए तानाशाह चुन लो।
विवेक आसरी
चिठ्ठियाँ तो थी नहीं की जुगा कर रखते
बस कुछ एस.एम.एस. थे
बहुत दिनों तक बचे रहे
मगर एक दिन मिटना ही था मिट गए
हमारे समय में प्रेम
कोई निशानी नहीं छोड़ता
कुछ स्मृतियाँ होती है जो बहुत दिनों तक
बरछे की तरह चुभी रहती है
धीरे धीरे उनका लोहा भी गल जाता है !
मदन कश्यप
मैकाले की शिक्षा से मेधावी होना और संस्कारवान, ईमानदार और चरित्रवान होना अलग अलग चीजें हैं l
हरचंद टॉपर बन पाए पर अच्छे इंसान नहीं बन पाए
एक अच्छा इंसान कभी किसी की मेहनत पर डाका नही डालता l
@1stIndiaNews@madandilawar@RPSC1@alokrajRSSB@arvindchotia