Here is @aajtak giving platform to Goons like Swatantra Bharadwaj.
Hello @anjanaomkashyap, You've invited him several times. When are you planning to invite him again to justify Sexualizing Women?.
दिल्ली पुलिस के अफसर आज डरे सहमे नहीं होंगे, बल्कि शर्मिंदा होंगे कि इसी दिन के लिए वर्दी पहनी थी कि हत्या के प्रयास के आरोपी को एक फोन पर छोड़ देंगे? ऐसा भी क्या है दिल्ली में? जिस शहर में घंटों जाम में रहना पड़ता है, उस शहर में अफसरी करने का यही सुख रह गया है कि कोई सर फोड़ने की बात कैमरे पर कर रहा है, पुलिस FIR और गिरफ़्तारी तक नहीं कर पा रही है। दिल्ली पुलिस के बड़े अफ़सरों को ख़राब लग रहा होगा? अगर श���्मिंदगी भी महसूस हो रही है तो वह ��ी बड़ी बात है। बाकी किसी कमज़ोर को पकड़ कर, किसी को उठाकर थाने में बंद करने के लिए IPS होने की ज़रूरत नहीं है। वह काम तो स्वतंत्र भारद्वाज बिना UPSC की परीक्षा में बैठे ही कर रहा है।
Ragini Tiwari wasn't arrested for her role in 2020 Delhi riots despite clear evidence. You think Delhi Police will take action against Swatantra Bharadwaj?
Also, Check the below thread for more such videos.
Ragini Tiwari wasn't arrested for her role in 2020 Delhi riots despite clear evidence. You think Delhi Police will take action against Swatantra Bharadwaj?
BJP के साथ गठबंधन किए हुए नेताओं ने देश को ज़्यादा नुक़सान पहुंचाया है। सत्ता में बने रहने की लत में इन्होंने देश का बंटाधार किया है।
चिराग जी आरक्षित सीट से लड़ते हैं और आरक्षण के ख़िलाफ़ बोलने वाली पार्टी के साथ गठबंधन करके पावर एंजॉय करते हैं।
दलित तबके की बेटी के साथ अन्याय करने वाले आतंकी इनको अपना बड़ा भाई बताता है।
जिनके साथ ये सत्ता सुख ले रहे हैं, वही भाजपाई खड़गे जी के जाने के बाद ज़मीन की शुद्धिकरण करते हैं। फिर ये शुद्धिकरण के ख़िलाफ़ बोलते हैं लेकिन इतनी हिम्मत नहीं कि BJP के ख़िलाफ़ खड़े हों।
उल्टे आतंकियों को संरक्षित कर रहे हैं। अच्छा ही है रामबिलास जी को ये सब देखना नहीं पड़ा! न जाने उन पर क्या बीतती!
Have you observed this disturbing pattern? The more you abuse Muslims, target Dalits, spew hatred make derogatory remarks about a community and sexualize women, the more access you seem to get to the top leaders of a particular ideology. Unfortunately, Such conduct is rewarded with recognition instead of condemnation.
साली तुम्हे प्यासा मारूंगी..पानी दूंगी तुझे , तुझे तो डंडो से मारूंगी और फिर ला��� , जूते और डंडों से मारते गए... मारते गए.. मारते गए।
ये हाल है @DelhiPolice का...नाम पूछ कर अब ये मारते पीटते हैं!
इन नफरती लोगों ने क्या हाल ��ना दिया है देश का..बेहद अफसोस😭 #4PM
Will the National Commission for Women @NCWIndia and its Chairperson @VijayaRahatkar take suo motu cognizance of these posts that use AI Generated images to sexualize and demean Muslim women? Or does such conduct warrant intervention only when the women being targeted fit a particular political narrative?
Hello @DelhiPolice@DCP_IFSO.
Here are a few posts by Swatantra Bharadwaj using AI generated images to sexualize Muslim women.
Will you take cognizance of these provocative posts targeting Muslim Women?
एक बड़ी लहर हर नाव को ऊपर उठा देती है - ग्रोथ ठीक यही काम करती है
▪️तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी निशानी शेयर बाज़ार में उछाल होता है, लोग ज़्यादा समृद्ध होते हैं, उनकी खरीदने की क्षमता बढ़ती है, नौकरियों का सृजन होता है, ज़्यादा और निवेश होता है
▪️ग्रोथ पेड़ों पर तो लटकती नहीं कि लोग उसे देख लें - विकास लोगों के रोज़मर्रा की ज़िंदगी में महसूस होता है
▪️इसलिए जब प्रधानमंत्री और BJP GDP Growth मतलब विकास का ढोल पीटते हैं, तो सवाल उठता है - किसका विकास?
▪️इस विकास का लाभ कौन उठा रहा है? इससे किसे फायदा हो रहा है? कौन बढ़ रहा है, कौन समृद्ध हो रहा है?
▪️साफ़ है कि आम भारतीय तो हैं नहीं - जो भीषण महँगाई, कर्��़ और बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं
🚨पर समस्या कम विकास या कम GDP की नहीं है - समस्या GDP के आंकड़ों पर उठ रहे सवालों की है. समस्या एक चौपट अर्थव्यवस्था को किसी तरह शानदार पेश करने की नाकाम कोशिशें की है
🚨भारत के डेटा पर अब तक कोई विवाद नहीं हुआ है - लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं
🚨 विशेषज्ञ कहते हैं कि GDP के बेस वर्ष को 2023-24 में बदलने से विकास के आँकड़े बढ़ गए हैं, लेकिन ज़्यादातर ने इस आँकड़े की गणना पर चिंता जताई है और आरोप लगाया है कि असल ग्रोथ रेट काफी कम है
🔹 GDP ग्रोथ रेट nominal GDP ग्रोथ रेट में से महंगाई घटाकर निकाली जाती है
🔹 पहली तिमाही में nominal GDP ग्रोथ रेट 10.3% रहा और सरकार के अपने डिफ्लेटर ने महंगाई को सिर्फ़ 2.5% आँका
🔹जिसके चलते पहली तिमाही की GDP विकास दर 7.8% आई
🔹लेकिन हर भारतीय यह मानेगा कि महंगाई से मासिक बजट बिगड़ गया है. खाने-पीने से लेकर पेट्रोल, डीजल, CNG , आवागमन और शिक्षा सब कुछ तेज़ी से महँगा हुआ है
🔹इसलिए 2.5% इन्फ्लेशन ज़मीनी हकीकत से बिल्कुल अलग है - खासकर जब उसी दौरान में retail महंगाई 3.9% और थोक महंगाई 9.4% रही
🔹उस दौरान में अर्थव्यवस्था की असल महंगाई m वास्तव में 5.7% थी, जिससे GDP ग्रोथ रेट घटकर सिर्फ़ 4.4% रह जाती है
🔹दिलचस्प बात यह है कि GDP डिफ्लेटर और इफेक्��िव मतलब प्रभावी महंगाई के बीच का अंतर आमतौर पर 1.2 से 1.3% के बीच रहता है
🔹लेकिन पहली तिमाही में GDP डिफ्लेटर और प्रभावी महंगाई के बीच का अंतर 3.4% रहा - जो संभवतः इतिहास में पहली बार हुआ
🔹अगर यह मान कर चलिए तो GDP ग्रोथ रेट सिर्फ़ 6.3% है, जो उस 7.8% के आँकड़े से काफ़ी कम है जिसके बल पर BJP और ख़ुद मोदी बेवकूफ़ी से छाती ठोक रहे हैं
▪️अगर भारत में सच में इतनी ज़्यादा ग्रोथ हो रही होती तो:
• युवाओं को नौकरियों का ��ंकट नहीं झेलना पड़ता. 8.7 करोड़ युवा न काम कर रहे हैं, न पढ़ाई कर रहे हैं और न कोई skill सीख रहे हैं
• कृषि मात्र 3.6% की दर से नहीं बढ़ रही होती
• GFCF (निजी निवेश) सिर्फ़ 11.9% की दर से नहीं बढ़ रहा होता
• विदेशी निवेशकों ने 1 जनवरी से 31 अगस्त के बीच भारतीय शेयरों में करीब ₹2.24 लाख करोड़ न बेचे होते - जो पूरे साल 2025 में लगभग ₹1.66 लाख करोड़ के हुए आउटफ्लो से भी ज़्यादा है
• रुपया निरंतर गिरता नहीं, ज��कि RBI ने रुपए को संभालने के लिए क़रीब 150 अरब डॉलर से ज़्यादा / लगभग 14.23 लाख करोड़ रुपये झोंक दिए
• भारत का कर्ज़ बढ़कर 228 लाख करोड़ रुपये नहीं पहुँच जाता
👉👉ऊँची GDP ग्रोथ रेट के लिए सरकार को प्लान बनाना होगा, सिर्फ़ अख़बारों और टीवी छानने की हैडलाइन मैनेज करने और फ्रंट कैमरा पर वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा
👉👉और अगर सब कुछ इतना ठीक ही है - तो फिर लोगों को यहाँ वहाँ न जाने की, सोना ना ख़रीदने की, शा��ी ब्याह कैसे किया जाये जैसी चीज़ों की सलाह आप नहीं देते मोदी जी. क्योंकि आप भी यह जानते हैं कि इकॉनमी कुम्हलाता खस्ताहाल है - और आपके पास कोई प्लान नहीं है
हज यात्र किस तरह घोटालों और हाजियों के पैसे की लूट का साधन बनी हुई है, इसका अंदाज़ा जीपीएस स्मार्ट वाॅच की ख़रीद से लगाइए। 2026 में हजयात्रा के दौरान इस घड़ी की ख़रीद मैंडेट्री कर दी गई। कहा गया कि यह हाजियों को ट्रेक करने और भटकने से बचाने के लिए है। मगर ये घड़ी चलीं ही नहीं।
हाजी अपनी घड़ियां चार्ज करते और होटल से निकलते ही इनकी बैट्री ख़त्म हो जाती। हज से तमाम हाजी ये कबाड़ा अपने साथ तोहफे में लेकर लौटे। Sekyo Innovations नामकी जिस कंपनी को घड़ी सप्लाई की ज़िम्मेदारी दी गई थी जिसका अपना दफ्तर एक बेसमेंट में चल रहा था। इसके नाम से ही साफ है कि ये Seiko के ब्रांड का भ्रम पैदा करके चलताऊ माल बेचती है। बहरहाल, सवा लाख हाजियों को सस्ती चीनी टाइप घड़ियां टिका दी गईं। शंघाई में इनकी ��ोक क़ीमत 400-500 से ज़्यादा नहीं होती मगर हाजियों से 7000 रुपये तक वसूले गए।
इस सब धांधली में नगालैंड काडर से अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री @KirenRijiju द्वारा इंपोर्ट करके बुलाए गए दो अधिकारियों और ख़ुद को मंत्री जी का साला बताने वाले एक व्यक्ति का दख़ल रहा। मगर क्या मजाल है कोई मंत्री पर उंगली उठा दे। मंत्री मोदी जी के दुलारे हैं। उन्हें राहुल गांधी को ट्रौल करने से फुरसत मिले तो वो अपनी नाक के नीचे चल रहे घ���टालों पर नज़रे सानी करें।
इस सबसे परे, अगर आपको लगता है कि चंदा सिर्फ मंदिर में चोरी होता है तो आप नादान हैं। हज कमेटी के सीईओ और किसी भी चेयरमैन, सदस्य से आप बात कीजिए। ऐसे अल्लाह-अल्लाह करते हैं कि सामने वाला बंदा गिर ही जाए। मगर, इनकी डकैतियों पर सेपर्दे हट जाएं तो ये कहीं मुंह दिखाने लायक़ न रहें। ये लोग ऑन कैमरा कह रहे थे कि ये घड़ियां हाजियों के बचाव के लाए हैं। नहीं ये घड़ियां अपना बचाव नहीं कर सकती थीं। ये हज कमेटी के कमीशन बचाने के लिए थीं।
@murtazazaigham1 के ✍️
An elected MP @KanganaTeam from the ruling Party @BJP4India and an Anchor @sudhirchaudhary working for Doordarshan, funded entirely by the taxpayers are targetting entire Muslim community for no reason. Openly vilifying Muslims on public platforms has become so normalised in India that even statements like these barely provoke the outrage they should.
ये ख़ुलासा चौंकाने वाला है, हज जैसी पवित्र यात्रा पर जाने की ख़्वाहिश रखने वाले भारतीयों से हो रही इस सरकारी लूट की जॉंच होनी चाहिये।
@KirenRijiju जी से अनुरोध है कि इस मामले की व्यक्तिगत स्तर पर जॉंच करवायें।
भारतीय हाजियों को सुविधाएं मुहैया कराने के नाम पर हज कमेटी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारी हर साल सैकड़ों करोड़ का घोटाला कर रहे हैं। हज 2027 में यही खेल फिर दोहराया जा रहा है। घोटाला Comprehensive Service Package (CSP) Tender से जुड़ा है, जिसमें भारतीय हज यात्रियों पर लगभग ₹300–350 करोड़ का ��तिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
हुआ ये है कि सऊदी अरब सरकार ने इस बार अलग-अलग सेवाओं के बजाय एकीकृत पैकेज का मॉडल अपनाया ताकि हज लागत घटे और पारदर्शिता बढ़े। लेकिन भारतीय अधिकारी अपने खेल में लगे हैं।
माॅडस ऑपरेंडि देखिए। हर बार सऊदी समय सीमा से महज़ दस-बारह दिन पहले टेंडर नोटिफिकेशन होता है ताकि समय सीमा का हवाला देकर मनमानी की जा सके। घोटाला निश्चित है क्योंकि सबसे अधिक बोली के बावजूद हर सा�� एक ही कंपनी को काम मिल रहा है।
इस बार खेल अलग ही स्तर पर है। भारत के Ministry of Minority Affairs ने Tender Evaluation Committee (TEC) ने जिस कंपनी की तकनीकी क्षमता, प्रेजेंटेशन और काम करने की सलाहियत के आधार पर स्पष्ट सिफ़ारिश की, उसको ही पत्र लिखकर पूछ लिया गया कि तुमने इतनी कम बोली क्यों दाख़िल की?
इस बार TEC ने M/s Mashareq Al Mutamayza को चुना था, जिसने सबसे कम दर (SAR 8,717.01 प्रति हाजी) और सर्वोच्च स्कोर (92.13) हासिल किया। इसके विपरीत, मंत्रालय ने M/s Ithra Al-Khair क��� चुना, जिसने सबसे ऊँची दर (SAR 9,777 प्रति हाजी) दी। इस कंपनी ने बेहद घटिया सेवाएं देने के बावजूद लगातार चौथी बार कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर लिया।
इसका सीधा मतलब है कि लगभग 1.22 लाख भारतीय हाजियों (सरकारी न्यूनतम संख्या) को प्रति व्यक्ति 1,059.99 रियाल ज़्यादा देना होगा, जो कुल मिलाकर ₹331 करोड़ के आसपास बैठता है। यह निर्णय TEC की सिफ़ारिश और पारदर्शी प्रक्रिया के ख़िलाफ है।
हज कमेटी ऑफ़ इंडिया और मंत्रालय के क�� अधिकारी इस प्रक्रिया में शामिल रहे हैं, जिनके नाम सार्वजनिक रूप से सामने आ चुके हैं। इसलिए अब ज़रूरी है कि इस पूरे मामले की CBI जाँच हो और ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। प्रधानमंत्री कार्यालय @PMOIndia तत्काल संज्ञान ले और निम्नलिखित व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कराकर CBI जाँच शुरू कराए:
- Mohammad Afzal, Joint Secretary, Ministry of Minority Affairs @MOMAIndia
- Shahnawaz, CEO, Haj Committee of India @shanavas121
- Kausar Jahan @KausarJahan213
- Sadaf Chaudhary, Consul (Haj),
- Farhad Suri, CGI Jeddah
@CGIJeddah
यह ��ामला केवल एक कंपनी को फ़ायदा पहुँचाने का नहीं है, बल्कि लाखों भारतीय मुसलमानों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने का है। सार्वजनिक धन और धार्मिक यात्रा से जुड़ी इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। आम लोगों, मुसलमान नेताओं को राजनीतिक दलों को भी हज यात्रियों की मेहनत की कमाई से जुड़े इस घोटाले की सच्चाई सामने लाने के लिए आवाज़ उठानी चाहिए।
इस सबमें मंत्री जी के साले की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। आख़िर हज आस्था का मामला है और यह घोटाला राम मंदिर चंदा चोरी मामले से किसी भी प्रकार कम नहीं है।
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