संतो ने समझाया कि संसारका सुख केवल चार दिनों के लिए है, क्षणिक है, विषयोंका त्यागकर भगवान मुरारीके चरणोंका ही चिंतन करना चाहिये, उन्हींका भजन करना चाहिये- यही श्रेय हैं।
जितना हम शुभ समय (चौघड़िया) देखकर लक्ष्मीकी पूजा करते हैं, उससे भी आवश्यक ये है की हम शुभ (प्रामाणिक/नीतिमत्ता) विचारों से ही लक्ष्मीका उपार्जन भी करें। श्रीहरी की कृपा से हमारे समय और सोच दोनों शुभ बनें।
#शुभधनत्रयोदशी
श्रीगणेशजी बुद्धि के देव और दाता है, हमारी रिद्धि- सिद्धि का संगम विवेक के साथ हो। पार्वती जैसी अचल श्रद्धा और अतूट बल से जो संभूत है वे अग्रपूज्य विघ्नराज हमारा मंगल करें।
#श्रीगणेशचतुर्थी