Manusriti : Yatra Naari Pujyante Vasante Tatra Devta ("Where women are honored, the deities (divinity) are pleased and reside there; but where they are not honored, all noble actions yield no reward.")
But this is Anti Women.
Lets look at Bible and Quran for that matter.
BIBLE:
1. Timothy 2:11–12: "Let a woman learn in silence with full submission. I permit no woman to teach or to have authority over a man; she is to keep silent.
2. Corinthians 14:34–35: "Women should remain silent in the churches. They are not allowed to speak, but must be in submission, as the law says."
3 Ephesians 5:22: "Wives, be subject to your husbands as you are to the Lord," a sentiment echoed in Colossians 3:18.
4 Corinthians 11:8–9 “Neither was the man created for the woman; but the woman for the man.”
5 Genesis 3:16: As part of the consequence after eating the forbidden fruit, God tells the woman, "Your desire shall be for your husband, and he shall rule over you."
6. Leviticus 15:19–30: Details ritual uncleanness associated with natural biological functions like menstruation, treating the state as contaminating to surrounding objects and people.
QURAN
1. Men are caretaker of women. Men have been provisioned by Allah over women. A righteous woman would be one who is devoutly obedient and, when alone, protective of what Allah has entrusted them with. And if you sense ill-conduct from your women, advise them ˹first˺, if they persist, do not share their beds, but if they still persist, then discipline them.
what that means: Men are superior, women need to take orders from them and if they don't then men has the right to decipline women.
2. Surah Al-Baqarah verse 223: Your wives are like farmland for you. Approach them as you please.
Meaning : Your wives are you farmland and you can do whatever you feel like doing with her. This is happening in a society where we talk about Marital rape,
3. Surah Al Nisa verse 24: All married women (muhsanat) are forbidden to you except those women whom your right hands have come to possess (as a result of war).
Meaning: Win girls from war and use them as you please.
4. Surah Al-Baqarah verse 282: And call to witness, from among your men, two witnesses. And if two men be not (at hand) then a man and two women, of such as ye approve as witnesses, so that if the one erreth (through forgetfulness) the other will remember.
Meaning : Weightage of a Man's testimony is twice than the weightage of a woman.
How many Christians read and believe in Bible? 100%
How many Muslims read or Believe in Quran? 100%
How many Hindus read or believe in Manusmriti? 1%
But what is problematic? MANUSMRITI ofcourse.
कर्ण ने जीवन में बहुत पाप किये, जिसे जानना है वो वेद व्यास कृत महाभारत पढे।
कर्ण उतना ही बडा महारथी था जितना नोएडा में टिंगू बाहूबली है।
हर कोई कर्ण पर हाथ साफ कर चुका था। लेकिन रश्मिरथी ने कर्ण के चरित्र को ऐसा आरक्षण दिया कि भाई साहब -40 अंक प्राप्त करने के बावजूद बालिवुड की आधा दर्जन फिल्मों का मुख्य पात्र बना बैठा है।
जय हो कपटवुड की।
अजित डोवल को पूरी दुनिया के दिग्गज कितना जानते हैं कितना मानते हैं इसका गवाह है ये वीडियो जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ की औकात और पहचान अमेरिकी भालू और सऊदी के सलमान के नौकर के रूप में है।
उन्हीं डोवल ने इन भिखारियों को समझाया है कि... हमने ऑपरेशन का उद्देश्य दुश्मन के कैंपों को नष्ट करना तय किया था, खासकर उन लोगों को जो पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार थे। दुनिया को संदेश बहुत साफ है—भारत की उदारता या सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। भारत जोखिम उठा सकता है, भारत करारा जवाब दे सकता है, चाहे उसके परिणाम कुछ भी हों।”
मोदी शासनकाल में पाकिस्तान का कचूमर भारत ने किस तरह निकाला है इसका सबूत दे रही है यह सूची, जो यह भी बता रही है कि, नेहरू शासनकाल में पाकिस्तान कैसे फला फूला था।
Modi govt destroyed the ISI-backed terror group Shahzad Bhatti Network ahead of Independence Day and thwarted its plans for subversive attacks by arresting more than 200 operatives.
Indian security forces ripped apart the network by launching coordinated operations across different locations in 14 states upholding a brilliant example of India's zero-tolerance towards terrorism.
Substantial recoveries, including IEDs, grenades bearing Pakistan Ordnance Factory markings, pistols, live cartridges, and CCTV cameras used for espionage, were made from the ISI-funded group. The network was involved in several terrorist activities.
लेडी माउंटबेटन की बेटी पामेला माउंटबेटन अपनी माँ तथा भारत के बंटवारे,नेहरू जी के लगाव ,पाकिस्तान बनाने में भूमिका पर खुद बोल रही है। विशेष मैं कुछ नहीं बोलूँगा क्योंकि बॉंकी तो करण थापर बोल ही रहे हैं । मेरा बोलना यानि बिरनी के छत्ते में हाथ डालना है
The questionnaire for the second phase of Census 2027 i.e. Population Enumeration (PE) has been notified.
जनगणना 2027 के दूसरे चरण - जनसंख्या गणना के लिए प्रश्नावली अधिसूचित कर दी गई है।
@HMOIndia@PIBHomeAffairs@PIB_India#Census2027#जनगणना2027
ये हाल बना रखा था अयोध्या का, 2014 में मोदी के आने से पहले बेशर्मों और बेईमानो ने....
2013 में FrontLine में प्रकाशित खोजी रिपोर्ट The Guns & Godmen of Ayodhya में पुलिस सूत्रों के हवाले से स्पष्ट रूप से कहा गया कि पिछले एक दशक में अयोध्या में 200 से अधिक साधु मारे गए थे।
आज विपक्ष में बहुत से नेता कहते हैं कि NEET को समाप्त कर देना चाहिए।
Try to understand real reason behind it, it has nothing to do with interest of students it is to restore the financial interest which their friends were enjoying.
मैं बताना चाहता हूँ कि जब 2016 से पहले में NEET नहीं थी, तब प्राइवेट कॉलेजों की सीटें नीलाम हुआ करती थीं। लाखों रुपये की कैपिटेशन फीस के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के लिए मेडिकल शिक्षा केवल एक सपना थी। कोई ₹25 लाख, ₹50 लाख, तो कहीं पीजी में ₹1 करोड़ तक देकर प्रवेश लेना पड़ता था।
मगर आज प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के प्रयासों का परिणाम है कि इस वर्ष NEET के माध्यम से राजस्थान के बाड़मेर के दिहाड़ी मजदूर लक्खाराम की बेटी, बूंदी के सूरज सैनी, भागलपुर के सूरज कुमार, मध्य प्रदेश के रायसेन के आदर्श लोधी, लखनऊ की नीलू जिसकी माँ घरों में काम करती थीं, गोरखपुर के विशाल तिवारी जिनके पिता ऑटो रिक्शा चालक हैं, और मुजफ्फरनगर के मोहम्मद सुहेल जिनके पिता ई-रिक्शा चलाते हैं, जैसे बच्चों को अवसर मिला।
इन बच्चों के अरमान पूरे होने का श्रेय यदि किसी को जाता है, तो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जाता है। इन बच्चों के सपने पूरे हुए, मगर जो लोग कैपिटेशन फीस लेकर प्रतिवर्ष सैकड़ों करोड़ रुपये कमाते थे, उनके अरमानों पर बिजली गिरी है।
एक कहावत है कि तन-बदन में आग लगना,
मगर यहाँ NEET की वजह से इनके तन, बदन और धन तीनों में आग लगी हुई है।
अयोध्या में संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में लैब टेक्नीशियन गिरफ्तार, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
श्रीराम मंदिर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चलाए जा रहे विशेष निगरानी अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों ने अयोध्या से एक लैब टेक्नीशियन सरफराज खान को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पाकिस्तान और अन्य विदेशी संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े हैंडलर्स के संपर्क में रहने का गंभीर आरोप है। इस गिरफ्तारी के बाद से सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की संयुक्त जांच में सामने आया है कि आरोपी एनक्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से सीमा पार बैठे संदिग्धों से लगातार संपर्क में था। शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी द्वारा अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर परिसर और आसपास के अति-संवेदनशील इलाकों की गोपनीय जानकारी, फोटो व रणनीतिक नक्शे संदिग्ध हैंडलर्स के साथ साझा किए जाने की आशंका जताई गई है।
तलाशी के दौरान आरोपी के डिजिटल उपकरणों से कई संदिग्ध दस्तावेज और कट्टरपंथी सामग्री भी बरामद हुई है। एजेंसियों को अंदेशा है कि वह किसी बड़े स्लीपर सेल नेटवर्क का हिस्सा बनकर स्थानीय स्तर पर रसद (लॉजिस्टिक्स) और खुफिया जानकारी मुहैया कराने का काम कर रहा था। फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस संभावित साजिश के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
यह इंटरव्यू 16 नवंबर 1978 को ब्रिटेन में प्रसारित हुआ था। कार्यक्रम का नाम TV Eye था। इसे ब्रिटिश चैनल Thames Television ने प्रसारित किया था, जो उस समय ITV नेटवर्क का हिस्सा था।
ब्रिटिश पत्रकार जोनाथन डिम्बलबी (Jonathan Dimbleby) द्वारा लिए गए इंदिरा गांधी के इस प्रसिद्ध साक्षात्कार के इस अत्यंत महत्वपूर्ण अंश को @INCIndia और @PMOIndia@narendramodi को भी ध्यान से देखना चाहिए जिसमें....
सवाल: तो फिर मोरारजी देसाई को जेल में डालना क्यों ज़रूरी था, जो बाद में भारत के प्रधानमंत्री बने? क्या वे देश के लिए आर्थिक खतरा थे?
इंदिरा गांधी: नहीं, ये वे लोग थे जो लोकतंत्र को खत्म कर रहे थे। लोकतंत्र को खत्म कर रहे थे?
सवाल: कैसे?
इंदिरा गांधी: क्योंकि, खैर, मुझे अफ़सोस है कि आप लोगों की याददाश्त इतनी कमज़ोर है, लेकिन उन्हें लगा कि वे चुनाव नहीं जीत सकते, इसलिए उन्होंने कहा कि हमें लड़ाई को सड़कों पर ले जाना होगा। मोरारजी देसाई ने एक इंटरव्यू में कहा था, हम प्रधानमंत्री के घर को घेरने जा रहे हैं, हम संसद को घेरने जा रहे हैं, हम देखेंगे कि कोई कामकाज न हो। प्रधानमंत्री बाहर नहीं आ सकते, कोई अंदर नहीं जा सकता। विपक्ष के एक और सदस्य, जो अब मंत्री हैं, ने कहा कि अगर हम बैलेट (वोट) से नहीं जीत सकते, तो हम बुलेट (गोली) से जीतेंगे।
किसी और ने पुलिस और सेना को उकसाया। वे जे.पी. नारायणन थे जिन्होंने कहा कि गैर-कानूनी आदेशों को न मानें।
सवाल: क्या मैं आपसे पूछ सकता हूँ, आप उस कानून का इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकीं जो आपके पास पहले से मौजूद था इन लोगों को गिरफ्तार करने के लिए अगर वे कानून तोड़ रहे थे?
इंदिरा गांधी: देखिए, भारत यूके जैसा छोटा देश नहीं है। यह बहुत बड़ा देश है और यहाँ की समस्याएँ बहुत जटिल हैं। और पूरे देश में उन्होंने बहुत ज़्यादा अनुशासनहीनता का माहौल बना दिया था, जिसकी वजह से मिस्टर गैलब्रेथ जैसे लोगों को लगा कि यह एक 'काम करती हुई अराजकता' (functioning anarchy) है, लेकिन असल में यह काम नहीं कर रही थी, बल्कि यह एक 'काम न करने वाली अराजकता' बनती जा रही थी। और उस समय, अगर हमने इसे नहीं रोका होता, तो भारत बच नहीं पाता।
GROUND REPORT | "ड्यूटी की कीमत": गर्भवती पुलिसकर्मी का गर्भपात, CJP हिंसा पर परिवार की आपबीती
20 जुलाई को 'संसद मार्च' के दौरान हुई हिंसा में 200 से अधिक दिल्ली पुलिसकर्मी घायल हुए। इन्हीं घटनाओं के बीच एक गर्भवती पुलिसकर्मी का गर्भपात होने का दावा सामने आया। अब पहली बार घायल पुलिसकर्मियों के परिवार और दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड अधिकारी खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने उस दिन की हिंसा, उसके असर और उसके बाद लगे आरोपों पर क्या कहा?
देखिए @Keshavmalan93 की विशेष रिपोर्ट।
सोने से पहले यह वीडियो देख रहा था। बरबस #जनसत्ता के संस्थापक संपादक दिवंगत प्रभाष जोशी जी याद आ गए।
एक बार कार में जाते वक्त जोशी जी ने कहा, "....सुमंत! संपादक का मुख्य दायित्व होता है, जब सामने से पत्थर आ रहे हों तो अपनी टीम को पीछे कर अपना सीना सामने कर दे, ..और जब फूलों की बारिश हो तो सामने से हट जाए..फूलों की बारिश टीम पर होने दे।"
ईश्वर का आभार जो अपन ने भी यही #संपादक_धर्म निभाया। सफलता या अफलता मेरे लिए कोई मायने नहीं रखती। कहने में संकोच नहीं, प्रभाष जी के बाद "जनसत्ता" में जितने भी संपादक आए, कद में बेहद #बोने साबित हुए। अच्युतानंद जी अपवाद थे। अपने विनम्र व्यवहार के कारण।
ये हैं @crpfindia के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह। बोल रहे हैं, "....मेरे जवान तय मानदंडों पर खुल कर अपनी ड्यूटी को अंजाम दें, हर परिणाम की जवाबदेही मेरी।"
ज्ञानेंद्र सिंह की यह प्रेस कांफ्रेंस साफ सन्देश है, सत्ता ने जवानों के हाथ खोल दिए हैं.. अराजक हो रही भीड़ को बता दिया, अगला कोई भी कदम उठाने से पहले खूब सोच लेना।
पर सवाल है, प्रभाष जी में यह साहस आया कहां से था? क्योंकि पीछे "इंडियन एक्सप्रेस समूह" के मालिक #रामनाथ_गोयनका खड़े थे।
ज्ञानेंद्र सिंह को यह साहस मिल रहा है, प्रधानमंत्री @narendramodi और गृहमंत्री @AmitShah से।
वरना मजाल थी, जो एक मामूली IPS ऑफिसर खुले मंच से ऐसे गरज का बोल पाता? ढाई दशक की पत्रकारिता में कितने ही ब्यूरोक्रेट को मंत्रियों के सामने सिर्फ #यस_सर! #यस_सर! करते पाया।
खूब देखा है, चारा घोटाले पर रांची हाईकोर्ट के फैसले के चार दिन पहले @laluprasadrjd कैसे दिल्ली की अपनी कोठी में बुलाकर @CBIHeadquarters के डायरेक्टर रंजीत सिन्हा का क्लॉस ले रहे थे। मेरी बात पर यकीन नहीं तो लालू से पूछ लीजिए।